कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर स्कूलों में सजी कृष्ण प्रतियोगिता, नन्हे-मुन्ने बच्चों ने धरा भगवान श्रीकृष्ण का रूप
अलग-अलग रूपों में नजर आए बच्चे, वेशभूषा ने मोहा सबका मन
Silwani। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। जन्माष्टमी के अवसर पर सिलवानी क्षेत्र के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए कृष्ण प्रतियोगिता एवं फैंसी ड्रेस कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसमें छात्र-छात्राओं ने भगवान श्रीकृष्ण के अलग-अलग रूप धारण कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में बच्चों ने आकर्षक वेशभूषा धारण कर भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को जीवंत कर दिया। किसी बच्चे ने हाथ में बांसुरी धारण की तो कोई मोर मुकुट और पीतांबर पहनकर नटखट कान्हा के रूप में नजर आया। नन्हे-मुन्ने बच्चों के कृष्ण रूप को देखकर स्कूल परिसर में मौजूद शिक्षक, अभिभावक और अन्य लोग भी काफी उत्साहित नजर आए।
बच्चों की मनमोहक वेशभूषा और कृष्ण के विभिन्न रूपों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। उपस्थित लोगों ने बच्चों की तैयारी और उनके उत्साह की सराहना की। प्रतियोगिता में श्रेष्ठ, युग, जैन, आरुष, शुभम सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने भगवान श्रीकृष्ण का रूप धारण कर सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। शिक्षकों और अभिभावकों ने भी बच्चों को कृष्ण के स्वरूप के बारे में जानकारी दी तथा जन्माष्टमी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराया। इस तरह स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।
क्षेत्र में भी धूमधाम से मनाई जाती है जन्माष्टमी
सिलवानी क्षेत्र में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व सभी वर्गों द्वारा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और आरती के आयोजन होते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है।
वहीं यादव समाज की ओर से जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष रूप से भव्य चल समारोह निकाला जाता है। इसमें आकर्षक झांकियां शामिल रहती हैं। चल समारोह में बड़ी संख्या में लोग उत्साहपूर्वक शामिल होते हैं।
चल समारोह के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहती हैं। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा शोभायात्रा का स्वागत किया जाता है। इसमें सभी समुदायों के लोग शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना और आरती करते हैं।
बच्चों में दिखा खास उत्साह
स्कूलों में आयोजित कृष्ण प्रतियोगिता ने जन्माष्टमी के उत्सव को और खास बना दिया। नन्हे बच्चों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को प्रस्तुत करने से स्कूल परिसर में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। बच्चों के चेहरे पर उत्साह और खुशी देखते ही बन रही थी।
इन आयोजनों से बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक पर्वों के महत्व को समझने का अवसर भी मिला। जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के लिए यादगार बन गया।
