राहुल गांधी का इंदौर दौरा टला, अब 19 सितंबर को होगा ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम
उचित स्थान नहीं मिलने के कारण एक सप्ताह आगे बढ़ी तारीख; नेहरू स्टेडियम के लिए मुख्यमंत्री को पत्र, 50 से 60 हजार छात्र-युवाओं को जोड़ने का कांग्रेस का दावा
संवाददाता – राजेश जैन दद्दू, इंदौर
इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी का प्रस्तावित इंदौर दौरा एक सप्ताह आगे बढ़ गया है। पहले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम 12 सितंबर को आयोजित किया जाना प्रस्तावित था, लेकिन अब इसे 19 सितंबर को आयोजित करने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस नेताओं के अनुसार कार्यक्रम के लिए उपयुक्त और पर्याप्त बड़ा स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण तारीख में बदलाव किया गया है।
पूर्व शहर कांग्रेस महामंत्री राजेश जैन दद्दू ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम की तारीख आगे बढ़ाने का प्रमुख कारण आयोजन के अनुरूप स्थान का अभी तक तय नहीं हो पाना है। राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और युवाओं के शामिल होने की संभावना को देखते हुए कांग्रेस ऐसे स्थान की तलाश कर रही है, जहां कार्यक्रम व्यवस्थित रूप से आयोजित किया जा सके।
भोपाल में बुधवार को हुई प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में भी राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर दौरे और ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा की गई। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और AICC से जुड़े नेता मौजूद रहे।
अब 19 सितंबर को कार्यक्रम की तैयारी
कांग्रेस ने पहले राहुल गांधी का कार्यक्रम 12 सितंबर के लिए प्रस्तावित किया था। पार्टी संगठन की ओर से इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं, लेकिन आयोजन स्थल को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण अब कार्यक्रम को 19 सितंबर के लिए आगे बढ़ाया गया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि तारीख में बदलाव के बाद संगठन को तैयारियों के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। कार्यक्रम स्थल तय होने के बाद छात्र-युवाओं की भागीदारी, व्यवस्थाओं और संगठन स्तर पर जिम्मेदारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
‘छात्रों की गूंज’ के जरिए युवाओं से संवाद की तैयारी
कांग्रेस की ओर से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान को विद्यार्थियों और युवाओं से सीधे संवाद के मंच के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि इसके माध्यम से शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और विद्यार्थियों से जुड़े अन्य मुद्दों को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
राजेश जैन दद्दू के अनुसार इस अभियान के तहत राहुल गांधी परंपरागत राजनीतिक सभा की बजाय विद्यार्थियों के बीच बैठकर उनसे सीधे संवाद करेंगे। कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम का स्वरूप पुणे में हुए आयोजन की तर्ज पर रखने की तैयारी है।
इस दौरान विद्यार्थी अपनी समस्याएं, अनुभव और सुझाव राहुल गांधी के सामने रख सकेंगे। पार्टी इसे युवाओं के साथ संवाद बढ़ाने की अपनी राष्ट्रीय मुहिम का हिस्सा बता रही है।
इंदौर होगा अभियान का पांचवां पड़ाव
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत राजस्थान के कोटा से की गई थी। इसके बाद देहरादून, प्रयागराज और पुणे में कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। अब इंदौर को इस अभियान के अगले पड़ाव के रूप में चुना गया है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि मध्य प्रदेश में इस अभियान के लिए इंदौर को चुनने के पीछे यहां बड़ी संख्या में कॉलेज, विश्वविद्यालय, कोचिंग संस्थान और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों की मौजूदगी एक प्रमुख कारण है।
कांग्रेस की योजना इस अभियान के माध्यम से कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों और कस्बों तक छात्र-युवाओं से संपर्क बढ़ाने की है।
इन छह मुद्दों पर रहेगा प्रमुख फोकस
कांग्रेस के अनुसार ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं से जुड़े छह प्रमुख विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। इनमें शिक्षा, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा, बराबरी, बेरोजगारी, पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
खास तौर पर छात्राओं की सुरक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और रोजगार के अवसरों को कार्यक्रम के प्रमुख विषयों में शामिल किया गया है।
कांग्रेस का कहना है कि इन मुद्दों पर विद्यार्थियों से सीधे उनकी बात सुनने के बाद पार्टी इन्हें राजनीतिक और सार्वजनिक मंचों पर उठाएगी।
50 से 60 हजार छात्र-युवाओं को जोड़ने का दावा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की ओर से कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि ‘छात्रों की गूंज’ के इंदौर आयोजन के माध्यम से करीब 50 से 60 हजार छात्र-छात्राओं और युवाओं तक पहुंचने की तैयारी है।
इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए कार्यक्रम के लिए पर्याप्त क्षमता वाले आयोजन स्थल की आवश्यकता है। यही कारण है कि स्थान का चयन कांग्रेस के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।
कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस के विभिन्न संगठनों और पदाधिकारियों को छात्र-युवाओं से संपर्क करने की जिम्मेदारी दिए जाने की तैयारी भी की जा रही है।
नेहरू स्टेडियम के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
इंदौर में बड़े आयोजन के लिए कांग्रेस की प्राथमिकता नेहरू स्टेडियम बताई जा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने नेहरू स्टेडियम उपलब्ध कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार इससे पहले पार्टी के नेताओं ने कार्यक्रम स्थल को लेकर इंदौर महापौर और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से भी संपर्क किया था। हालांकि कार्यक्रम के लिए नेहरू स्टेडियम की अनुमति को लेकर अभी अंतिम स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
कांग्रेस को उम्मीद है कि जल्द ही आयोजन स्थल को लेकर स्थिति साफ हो जाएगी, जिसके बाद कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा घोषित की जा सकेगी।
रीजनल पार्क के सामने का मैदान भी विकल्प
नेहरू स्टेडियम की अनुमति नहीं मिलने की स्थिति में कांग्रेस वैकल्पिक स्थानों पर भी विचार कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार रीजनल पार्क के सामने स्थित खुले मैदान को संभावित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस ऐसे स्थान की तलाश में है जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के पहुंचने के साथ यातायात, सुरक्षा, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाएं संभाली जा सकें। पार्टी नेताओं को उम्मीद है कि जल्द ही स्थान को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
मिशन 2028 से भी जोड़कर देख रही कांग्रेस
मध्य प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होना है। ऐसे में कांग्रेस की छात्र और युवा वर्ग तक पहुंच बढ़ाने की इस मुहिम को पार्टी की दीर्घकालिक राजनीतिक रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
इंदौर को प्रदेश का प्रमुख शिक्षा केंद्र माना जाता है। शहर में मध्य प्रदेश के साथ दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। ऐसे में कांग्रेस ‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से युवा वर्ग के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारियां तेज
कार्यक्रम की तारीख में बदलाव के बावजूद कांग्रेस संगठन ने तैयारियां जारी रखी हैं। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के स्तर पर बैठकों का दौर चल रहा है। छात्र संगठनों और युवाओं तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने की रणनीति पर भी काम किया जा रहा है।
फिलहाल कांग्रेस के सामने सबसे महत्वपूर्ण काम आयोजन स्थल को अंतिम रूप देना है। स्थान तय होने के बाद राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर दौरे की विस्तृत रूपरेखा और कार्यक्रम से संबंधित अन्य व्यवस्थाएं स्पष्ट होने की उम्मीद है।
कांग्रेस की नजर अब 19 सितंबर पर है, जब पार्टी ‘छात्रों की गूंज’ के माध्यम से इंदौर में विद्यार्थियों और युवाओं के मुद्दों को बड़े स्तर पर उठाने की तैयारी कर रही है।
