कोंतर में कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान गंगायज्ञ का शुभारंभ
पंडित श्याम सुंदर भार्गव ने कहा— श्रीमद्भागवत जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्ग, 8 सितंबर को हवन-भंडारे के साथ होगा समापन
संवाददाता – अरुण लोधा
बमोरी। क्षेत्र के ग्राम कोंतर में धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण के बीच श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान गंगायज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। ग्राम स्थित टेकरी सरकार मंदिर से निकली कलश यात्रा में श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ सहभागिता की। यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होते हुए कथा स्थल पहुंची, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया।
कलश यात्रा से भक्तिमय हुआ ग्राम कोंतर
श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ अवसर पर निकाली गई कलश यात्रा से पूरे गांव में धार्मिक वातावरण बन गया। श्रद्धालु भगवान के जयकारे लगाते हुए कथा स्थल की ओर बढ़े। यात्रा का प्रारंभ टेकरी सरकार मंदिर से किया गया और गांव के प्रमुख मार्गों से भ्रमण के बाद इसका समापन कथा स्थल पर हुआ।
कथा स्थल पहुंचने पर धार्मिक विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके बाद कथा व्यास पंडित श्याम सुंदर भार्गव (धनोरिया वाले) ने श्रीमद्भागवत कथा का वाचन प्रारंभ किया।
श्रीमद्भागवत जीवन को सही दिशा देने वाला मार्ग: पं. भार्गव
कथा व्यास पंडित श्याम सुंदर भार्गव ने श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत की महिमा बताते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत केवल धार्मिक कथा नहीं है, बल्कि मनुष्य के जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक मार्ग भी है।
उन्होंने कहा कि भगवान के नाम का स्मरण, सत्संग और धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन व्यक्ति के विचारों को सकारात्मक बनाने में सहायक होता है। कथा में बताए गए संदेशों को जीवन में अपनाकर मनुष्य सद्भाव, सेवा और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ सकता है।
पंडित भार्गव ने श्रद्धालुओं से कहा कि कथा श्रवण का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसके संदेश और शिक्षाओं को दैनिक जीवन में भी अपनाया जाए।
प्रतिदिन चार घंटे होगा कथा वाचन

आयोजक भगवानलाल लोधा (मोहिया) द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान गंगायज्ञ का आयोजन 8 सितंबर तक किया जाएगा। आयोजन के दौरान प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक कथा व्यास द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया जाएगा।
आयोजकों ने क्षेत्र के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा में शामिल होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।
8 सितंबर को हवन और भंडारे के साथ समापन
श्रीमद्भागवत सप्ताह के अंतिम दिन 8 सितंबर को धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कथा का समापन किया जाएगा। इस अवसर पर हवन, शांति अनुष्ठान और भंडारे का आयोजन होगा।
ग्राम कोंतर में शुरू हुए इस धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दे रहा है। कथा के आगामी दिनों में श्रीमद्भागवत से जुड़े विभिन्न प्रसंगों और आध्यात्मिक संदेशों का वर्णन किया जाएगा।
