जनहित के कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, योजनाओं का लाभ धरातल पर दिखे: केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर
धार में दिशा समिति की बैठक में विभागवार विकास कार्यों की समीक्षा, छात्रावासों की स्थिति सुधारने और निर्माण कार्यों की नियमित मैदानी निगरानी के दिए निर्देश
संवाददाता: कौशिक पंडित
धार। जिला मुख्यालय धार में जिला समन्वय एवं विकास समिति (दिशा) की बैठक केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री एवं सांसद सावित्री ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा जनहित से जुड़े विषयों की विभागवार समीक्षा की गई। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचना चाहिए।
बैठक में मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, रेलवे, विद्युत, स्वास्थ्य, कृषि, जल संसाधन, महिला एवं बाल विकास तथा जनजातीय कार्य सहित विभिन्न विभागों से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।
योजनाओं का लाभ समय पर आमजन तक पहुंचाने के निर्देश
केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों, विशेष रूप से ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की प्रगति केवल विभागीय दस्तावेजों और आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। जिन योजनाओं और विकास कार्यों पर राशि खर्च की जा रही है, उनका प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई देना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं को समय रहते चिन्हित कर उनका समाधान किया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जनजातीय छात्रावासों की स्थिति पर जताई नाराजगी

बैठक के दौरान जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा में बालक और बालिका छात्रावासों की व्यवस्थाओं का मुद्दा भी सामने आया। इस पर सावित्री ठाकुर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को छात्रावासों की स्थिति में शीघ्र सुधार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जनजातीय विद्यार्थियों के भविष्य और उनकी सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है।
संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे स्वयं मैदानी स्तर पर जाकर छात्रावासों का निरीक्षण करें और वहां उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविक स्थिति देखें।
अधिकारी खुद करें छात्रावासों का निरीक्षण
सावित्री ठाकुर ने अधिकारियों से कहा कि छात्रावासों की स्थिति का आकलन केवल रिपोर्ट के आधार पर न किया जाए। अधिकारी स्वयं छात्रावासों में पहुंचकर विद्यार्थियों के रहने, भोजन, पेयजल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी लें।
निरीक्षण के दौरान जो कमियां सामने आएं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की हो नियमित निगरानी
बैठक में मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम सहित निर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़े अन्य विभागों के कार्यों की भी समीक्षा की गई। सावित्री ठाकुर ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालय में बैठकर प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करने के बजाय फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति देखें। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा होने की स्थिति की बेहतर निगरानी की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि जनता के धन से होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या गुणवत्ता में कमी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए।
सड़क और ग्रामीण विकास योजनाओं की समीक्षा
दिशा समिति की बैठक में मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने और लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा रेलवे और विद्युत विभाग से संबंधित विकास कार्यों और समस्याओं की जानकारी भी ली गई। अधिकारियों से विभागीय स्तर पर लंबित मामलों की स्थिति और उन्हें पूरा करने की समय-सीमा के संबंध में जानकारी मांगी गई।
स्वास्थ्य, कृषि और जल संसाधन विभाग के कामकाज पर चर्चा
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि योजनाओं और जल संसाधन विभाग से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच, किसानों के लिए संचालित योजनाओं तथा जल संसाधन से जुड़े विकास कार्यों पर अधिकारियों से जानकारी ली गई।
महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और मैदानी स्तर पर उनके प्रभाव की निगरानी पर जोर दिया गया।
ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
धार जिले में बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनजातीय आबादी को देखते हुए बैठक में इन क्षेत्रों में संचालित योजनाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
सावित्री ठाकुर ने अधिकारियों से कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक सरकारी सेवाएं और योजनाएं पहुंचाने में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को समझकर उनका समाधान किया जाए।
विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर
बैठक में जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा हुई।
सावित्री ठाकुर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जिले में बुनियादी सुविधाओं और जनकल्याण से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर और निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू कर आमजन तक उनका लाभ पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
दिशा समिति की बैठक में अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने, योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और मैदानी स्तर पर निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही जनहित से जुड़े मामलों में जवाबदेही और विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
