संत रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती पर बड़वाह में कलश वंदन यात्रा का भव्य स्वागत, दिया सामाजिक समरसता का संदेश
उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में विधि-विधान से हुआ कलश पूजन, एसडीएम सत्यनारायण दर्रो सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी हुए शामिल; विद्यार्थियों को बताया संत रविदास जी का जीवन दर्शन
संवाददाता: गौतम साल्वे, जिला ब्यूरो चीफ
बड़वाह। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में मध्यप्रदेश में आयोजित की जा रही कलश वंदन यात्रा के बड़वाह पहुंचने पर मंगलवार को स्वागत किया गया। सामाजिक समरसता संकल्प अभियान का संदेश लेकर पहुंची यात्रा की अगवानी शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में की गई। यहां अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी में कलश पूजन किया गया।
आयोजकों के अनुसार संत रविदास जी के समानता, बंधुत्व, मानवता और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश में 20 अगस्त से 10 सितंबर तक कलश वंदन यात्रा आयोजित की जा रही है।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ कलश पूजन
बड़वाह पहुंची यात्रा का शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में स्वागत किया गया। इस अवसर पर बड़वाह एसडीएम सत्यनारायण दर्रो, वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. एन.एस. सोलंकी और विद्यालय के प्राचार्य सुधीर राठौड़ सहित उपस्थित अतिथियों ने विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के बीच कलश पूजन किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यालय के विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। यात्रा के स्वागत के दौरान संत रविदास जी के विचारों और उनके सामाजिक योगदान को याद किया गया।
समरसता और समानता यात्रा का प्रमुख संदेश
कार्यक्रम में यात्रा प्रभारी टावडे ने कलश वंदन यात्रा की अवधारणा और उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यात्रा के माध्यम से समाज में बंधुत्व, समानता और नैतिक मूल्यों का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से सामाजिक समानता और मानवता का संदेश दिया। समाज में भेदभाव से ऊपर उठकर प्रत्येक व्यक्ति को समान सम्मान देने की उनकी शिक्षा आज भी लोगों को प्रेरित करती है।
एसडीएम ने विद्यार्थियों को बताया संत रविदास का जीवन दर्शन
एसडीएम सत्यनारायण दर्रो ने संत रविदास जी के जीवन दर्शन और शिक्षाओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी का जीवन समाज को समानता, सद्भाव और मानवता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से महापुरुषों के जीवन और उनके विचारों को समझने तथा उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी रेवाराम वर्मा ने भी संत रविदास जी की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचार वर्तमान समय में भी प्रासंगिक हैं। सामाजिक समानता, परस्पर सम्मान और मानव कल्याण का उनका संदेश नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण है।
विद्यार्थियों तक पहुंचाया सामाजिक समरसता का संदेश

विद्यालय परिसर में यात्रा के स्वागत कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को संत रविदास जी के विचारों से परिचित कराना भी रहा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवा पीढ़ी से सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने की बात कही।
विद्यार्थियों को बताया गया कि शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाना भी आवश्यक है। समाज के प्रत्येक वर्ग का सम्मान और सभी के प्रति समान व्यवहार सामाजिक समरसता की बुनियाद है।
20 अगस्त से 10 सितंबर तक यात्रा का आयोजन
आयोजकों के अनुसार संत रविदास जी की 650वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेश में 20 अगस्त से 10 सितंबर तक विभिन्न स्थानों पर कलश वंदन यात्रा आयोजित की जा रही है।
यात्रा के माध्यम से संत रविदास जी के सामाजिक और आध्यात्मिक संदेश को अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर यात्रा के स्वागत के साथ कलश पूजन और संत रविदास जी के जीवन पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में पार्षद नरसिंह सुरागे, अनुसूचित जाति मोर्चा महामंत्री अमरसिंह चौहान, बड़वाह बालक छात्रावास अधीक्षक दिनेश मंसारे, सनावद बालक छात्रावास अधीक्षक संजय चौहान, दिनेश कोठिया, लखन गड़गोती, गिरधारी कोठिया और राजा सोलंकी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
विद्यालय के शिक्षकों और स्टाफ ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में सहयोग किया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर संत रविदास जी के जीवन और विचारों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
समानता और भाईचारे के संकल्प के साथ कार्यक्रम संपन्न
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने संत रविदास जी के समानता, मानवता, कर्म और सामाजिक सद्भाव के संदेश को जीवन में अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता केवल आयोजनों तक सीमित न रहकर व्यवहार और दैनिक जीवन का हिस्सा बननी चाहिए।
बड़वाह में कलश वंदन यात्रा के स्वागत के माध्यम से समाज में समानता, आपसी भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी के चलते संत रविदास जी के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी विशेष जोर रहा।
