तप की अनुमोदनार्थ नागदा में निकला भव्य वरघोड़ा, मासक्षमण तपस्वी प्रिया गांधी का संगीतमय वधामणा और बहुमान
साध्वी अर्हमव्रता श्रीजी म.सा. की पावन निश्रा में धार्मिक आयोजन, बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने की मासक्षमण तप की अनुमोदना
संवाददाता: जीवनलाल जैन
नागदा। राजा जन्मेजय की नगरी नागदा की पावन धरा पर श्रीमती प्रिया जितेश गांधी के मासक्षमण तप की अनुमोदना के अवसर पर बुधवार, 2 सितंबर को विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। तपस्वी की कठिन साधना के सम्मान और अनुमोदना के लिए नगर में भव्य वरघोड़ा निकाला गया। इसके बाद धर्मसभा, प्रवचन, संगीतमय वधामणा एवं बहुमान का आयोजन हुआ। पूरे कार्यक्रम के दौरान जैन समाज के श्रावक-श्राविकाओं में विशेष उत्साह और धार्मिक उमंग देखने को मिली।
परम पूज्य साध्वी भगवंत श्री अर्हमव्रता श्रीजी म.सा. आदि ठाणा-4 की पावन निश्रा एवं मंगलमय आशीर्वाद में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल हुए। तपस्वी प्रिया गांधी की साधना की अनुमोदना करते हुए समाजजनों ने उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
पार्श्वप्रधान पाठशाला भवन से निकला भव्य वरघोड़ा

धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत प्रातः 8:30 बजे हुई। श्री पार्श्वप्रधान पाठशाला भवन से मासक्षमण तपस्वी श्रीमती प्रिया जितेश गांधी की तप अनुमोदना के लिए भव्य वरघोड़ा निकाला गया।
वरघोड़े में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं शामिल हुए। धार्मिक जयघोष और भक्तिभाव के बीच समाजजनों ने तपस्वी के मासक्षमण तप की अनुमोदना की। नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए वरघोड़े ने पूरे क्षेत्र को धर्ममय बना दिया।
श्रद्धालुओं ने तपस्या को आत्मसंयम, त्याग और धर्म आराधना का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए तपस्वी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
बद्रीविशाल धर्मशाला में गुरु वंदन से कार्यक्रम का शुभारंभ

वरघोड़े के बाद प्रातः 11 बजे बद्रीविशाल धर्मशाला में मुख्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु वंदन और मंगलाचरण के साथ हुई।
इसके बाद धर्मसभा और प्रवचन का आयोजन किया गया। साध्वी भगवंत के पावन सान्निध्य में उपस्थित समाजजनों ने धर्म आराधना का लाभ प्राप्त किया। धर्मसभा के दौरान तप और साधना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए तपस्वी की कठिन आराधना की अनुमोदना की गई।
तपस्वी प्रिया गांधी का हुआ भव्य वधामणा और बहुमान
धर्मसभा के दौरान मासक्षमण तपस्वी श्रीमती प्रिया गांधी का संगीतमय वधामणा एवं भव्य बहुमान किया गया। श्रीसंघ अध्यक्ष के नेतृत्व में चातुर्मास समिति, विभिन्न धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं और समाजजनों ने तपस्वी का सम्मान किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने अपने उद्बोधन के माध्यम से तपस्वी की साधना की अनुमोदना करते हुए कहा कि कठिन तपस्या आत्मसंयम, त्याग और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।
समाजजनों ने तपस्वी के प्रति मंगलभाव व्यक्त करते हुए उनके मासक्षमण तप की हर्षोल्लास के साथ अनुमोदना की।
संगीतकार आयुष बोहरा ने धर्मसभा को बनाया संगीतमय
कार्यक्रम में नगर के सुप्रसिद्ध संगीतकार आयुष बोहरा ने अपनी धार्मिक संगीत प्रस्तुति से धर्मसभा को संगीतमय और भक्तिमय बना दिया। धार्मिक गीतों और भजनों के बीच उपस्थित समाजजन भावविभोर नजर आए।
कार्यक्रम का संचालन मनोज वागरेचा ने किया। उन्होंने विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों को क्रमबद्ध तरीके से संचालित करते हुए तपस्वी की साधना और आयोजन के महत्व को समाज के सामने रखा।
श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ की रही सहभागिता
इस विशेष अवसर पर श्वेतांबर मूर्तिपूजक जैन श्रीसंघ एवं चातुर्मास समिति के पदाधिकारी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
तपस्वी के बहुमान के दौरान समाजजनों ने उनके कठिन तप की अनुमोदना करते हुए मंगलकामनाएं व्यक्त कीं। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था और उत्साह का वातावरण बना रहा।
दोपहर में हुआ स्वामीवात्सल्य
धार्मिक कार्यक्रमों के उपरांत दोपहर 12:39 बजे से बद्रीविशाल धर्मशाला क्रमांक-1 में स्वामीवात्सल्य का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में समाजजनों ने सहभागिता की।
आयोजन को लेकर सुबह से ही समाजजनों में उत्साह दिखाई दिया। वरघोड़े से लेकर धर्मसभा और स्वामीवात्सल्य तक प्रत्येक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही।
शांतिनाथ जिनालय में भी किया गया तपस्वी का बहुमान
मासक्षमण तपस्वी श्रीमती प्रिया जितेश गांधी का बहुमान श्री राजेन्द्रसूरि जैन ज्ञान मंदिर ट्रस्ट की ओर से भी किया गया। जैन कॉलोनी स्थित शांतिनाथ जिनालय में आयोजित कार्यक्रम में ट्रस्ट अध्यक्ष ब्रजेश बोहरा के नेतृत्व में ट्रस्ट मंडल ने तपस्वी का सम्मान किया।
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने प्रिया गांधी के मासक्षमण तप की अनुमोदना करते हुए उनकी धार्मिक साधना की सराहना की।
तप, त्याग और आत्मसंयम का दिया संदेश
जैन धर्म में तप और आत्मसंयम का विशेष महत्व माना गया है। मासक्षमण जैसी कठिन साधना में तपस्वी लंबे समय तक संयमपूर्वक उपवास एवं धार्मिक आराधना करते हैं। ऐसे में तप की पूर्णता की ओर बढ़ रहे साधक के प्रति समाज द्वारा अनुमोदना व्यक्त करने की परंपरा है।
नागदा में आयोजित वरघोड़े और बहुमान समारोह के माध्यम से भी तप, त्याग, संयम एवं धार्मिक साधना का संदेश दिया गया। बच्चों और युवाओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के समाजजनों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बनाया।
गांधी परिवार ने जताया समाजजनों का आभार
आयोजन में स्वागतकर्ता के रूप में पंकज-किरण, नितेश-वंदना, जितेश-प्रिया, ऋषि, सिद्ध, वर्षी, कृति, आराध्या एवं तीर्थ की सहभागिता रही।
आयोजन की विनीत श्रीमती कुसुम बहन एवं स्वर्गीय चन्द्रमोहनजी गांधी परिवार की ओर से कार्यक्रम में शामिल हुए साध्वी भगवंत, श्रीसंघ, चातुर्मास समिति, विभिन्न संस्थाओं एवं समस्त समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
मासक्षमण तपस्वी प्रिया गांधी के सम्मान में आयोजित वरघोड़ा, धर्मसभा, संगीतमय वधामणा और बहुमान समारोह के चलते बुधवार को नागदा का जैन समाज धर्म, तप और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
