सिद्धि तप तपस्वियों के केसर छांटने व वधामणा का आयोजन, साध्वी डॉ. अमृतरसा श्रीजी ने कहा- मनुष्य भव पुण्य के पोषण के लिए मिला
श्री राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में चातुर्मास के दौरान धर्मसभा आयोजित, साध्वीश्री ने बच्चों में धार्मिक संस्कारों के बीजारोपण पर दिया जोर
महिदपुर रोड। श्री राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में चातुर्मास हेतु विराजित परम पूज्य साध्वी डॉ. अमृतरसा श्रीजी महाराज साहब के सान्निध्य में मंगलवार को सिद्धि तप तपस्वियों के द्वितीय दिवस पर केसर छांटने एवं वधामणा का धार्मिक आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। नवीन महाराणा प्रताप बस स्टैंड पर आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित हुए और तपस्वियों के तप की अनुमोदना कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए साध्वी डॉ. अमृतरसा श्रीजी महाराज साहब ने मानव जीवन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अति दुर्लभ मनुष्य भव हमें पुण्य का पोषण और पाप का शोषण करने के लिए मिला है। मनुष्य जीवन केवल सोने के लिए नहीं, बल्कि सोई हुई आत्मा को जगाने और अपने जीवन को धर्म तथा सद्कर्म की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए प्राप्त हुआ है।
‘बच्चों को कार तो दे दी, लेकिन नवकार नहीं दिया’

साध्वी डॉ. अमृतरसा श्रीजी महाराज साहब ने वर्तमान समय में बच्चों को धार्मिक संस्कार देने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, “बच्चों को हमने कार तो दे दी, लेकिन नवकार नहीं दिया।”
उन्होंने कहा कि बच्चों को भौतिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनमें धर्म और संस्कारों का बीजारोपण करना भी अत्यंत आवश्यक है। परिवार में प्रारंभ से ही धार्मिक वातावरण और अच्छे संस्कार मिलने से बच्चों के व्यक्तित्व तथा जीवन की दिशा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने समाजजनों से आह्वान किया कि नई पीढ़ी को धर्म, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने के लिए परिवार स्तर पर प्रयास किए जाएं।
सिद्धि तप तपस्वियों का किया वधामणा
जैन समाज मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने बताया कि सिद्धि तप के द्वितीय दिवस पर तपस्वियों के केसर छांटने के वधामणा का मंगलकारी लाभ पारसमल, राजेश कुमार एवं ईशान कुमार मेहता परिवार, नामली-प्रतापगढ़ द्वारा लिया गया।
इस अवसर पर तपस्वियों के कठिन तप की समाजजनों ने अनुमोदना की। धार्मिक वातावरण के बीच आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने तपस्वियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके तप की सराहना की।
विभिन्न परिवारों ने लिया धार्मिक आयोजनों का लाभ
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक भक्ति प्रभावना एवं संपूर्ण दिवस का लाभ राकेश कुमार एवं ऋषभ कुमार कोचर मावा वाला परिवार द्वारा लिया गया।
वहीं प्रवचन प्रभावना का लाभ प्रकाश चंद्र चत्तर की छठी पुण्यतिथि के निमित्त पीयूष कुमार एवं पार्थ कुमार चत्तर परिवार द्वारा लिया गया।
आयोजकों के अनुसार विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में समाजजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और तपस्वियों की साधना की बारंबार अनुमोदना की।
दो घंटे तक चला धार्मिक कार्यक्रम
करीब दो घंटे तक चले मंगलकारी धार्मिक कार्यक्रम के दौरान वातावरण धर्ममय बना रहा। बड़ी संख्या में समाजजन कार्यक्रम में शामिल हुए और साध्वी डॉ. अमृतरसा श्रीजी महाराज साहब के प्रवचन का श्रवण किया।
साध्वीश्री ने अपने प्रवचन में मानव जीवन की दुर्लभता, पुण्य कर्म, धर्म साधना और नई पीढ़ी में संस्कारों के महत्व पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन को सार्थक बनाने के लिए व्यक्ति को धर्म और सद्कर्म की दिशा में निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित समाजजनों ने सिद्धि तप करने वाले तपस्वियों के तप की अनुमोदना करते हुए उनके प्रति मंगलभाव व्यक्त किया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
चातुर्मास में लगातार हो रहे धार्मिक आयोजन
श्री राजेंद्र सूरी ज्ञान मंदिर में चातुर्मास के अवसर पर साध्वी डॉ. अमृतरसा श्रीजी महाराज साहब के सान्निध्य में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम, प्रवचन और तप आराधना से जुड़े आयोजन किए जा रहे हैं। इनमें जैन समाज के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।
मंगलवार को आयोजित सिद्धि तप तपस्वियों के केसर छांटने और वधामणा कार्यक्रम में भी समाजजनों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के समापन तक श्रद्धालुओं ने तपस्वियों की साधना की अनुमोदना करते हुए पुण्य लाभ अर्जित किया।
