भोपाल में सीलिंग के खिलाफ व्यापारियों का बड़ा प्रदर्शन, थाली-शंख और डमरू बजाकर जताया विरोध; CM से मिलने की मांग पर अड़े
भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के बैनर तले न्यू मार्केट से CM हाउस की ओर निकले व्यापारी, रोशनपुरा पर पुलिस ने रोका; SDM को ज्ञापन देने से किया इनकार
भोपाल, 1 सितंबर 2026। राजधानी भोपाल में नगर निगम द्वारा दुकानों पर की जा रही सीलिंग कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को व्यापारियों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के बैनर तले शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में व्यापारी न्यू मार्केट पहुंचे और वहां से मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच किया। करीब चार घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर अनोखे तरीके से अपनी नाराजगी जाहिर की।
व्यापारियों की मांग थी कि उनकी समस्याओं और सीलिंग से जुड़े मुद्दों को सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखा जाए। पुलिस-प्रशासन की ओर से एसडीएम को ज्ञापन सौंपने का प्रस्ताव दिया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने इससे इनकार करते हुए मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग जारी रखी।
सुबह 11 बजे न्यू मार्केट से शुरू हुआ प्रदर्शन
व्यापारियों का प्रदर्शन सुबह करीब 11 बजे न्यू मार्केट से शुरू हुआ। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के नेतृत्व में जुटे व्यापारी हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर मुख्यमंत्री निवास की ओर आगे बढ़े।
व्यापारियों का कहना था कि नगर निगम द्वारा दुकानों की सीलिंग की कार्रवाई से व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और इससे व्यापारियों में असंतोष है। प्रदर्शन में अलग-अलग बाजारों और व्यापारिक क्षेत्रों से आए कारोबारी शामिल हुए।
व्यापारियों ने सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ नारे लगाते हुए प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान अनुशासित तरीके से अपनी मांग रखने की बात कही।
रोशनपुरा चौराहे से पहले पुलिस ने लगाई बेरिकेडिंग
व्यापारियों के मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने रोशनपुरा चौराहे के पास बेरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर तैनात किए गए थे।
व्यापारियों ने आगे जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें बेरिकेडिंग से आगे नहीं बढ़ने दिया। इस दौरान कुछ समय के लिए पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति भी बनी। कुछ व्यापारियों ने बेरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया, जिन्हें पुलिसकर्मियों ने रोक दिया।
हालांकि प्रदर्शन के दौरान कोई बड़ा टकराव नहीं हुआ और व्यापारियों ने विरोध का अलग तरीका अपनाते हुए सड़क पर ही प्रदर्शन जारी रखा।
थाली, शंख और डमरू बजाकर किया विरोध
सीएम हाउस की ओर जाने से रोके जाने के बाद व्यापारियों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी अपने साथ थाली, शंख और डमरू लेकर पहुंचे थे। इन्हें बजाकर नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने नारेबाजी भी की। उनका कहना था कि वे अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं और इसके लिए मुख्यमंत्री के समक्ष सीधे अपनी बात रखना चाहते हैं।
प्रदर्शनकारियों ने इसे शांतिपूर्ण विरोध बताते हुए कहा कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
महिला व्यापारियों ने भी संभाला मोर्चा
इस प्रदर्शन में महिला व्यापारियों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। महिलाएं हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर प्रदर्शन में शामिल हुईं और सीलिंग कार्रवाई को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
व्यापारियों के बड़ी संख्या में एकत्रित होने के कारण न्यू मार्केट और आसपास के व्यस्त क्षेत्रों में यातायात भी प्रभावित हुआ। सड़क पर प्रदर्शनकारियों के बैठने के कारण कुछ समय के लिए जाम जैसी स्थिति बनी रही।
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी व्यापारियों को समझाकर प्रदर्शन समाप्त कराने का प्रयास करते रहे, लेकिन व्यापारी अपनी मांग पर कायम रहे।
SDM को ज्ञापन देने से व्यापारियों ने किया इनकार
प्रदर्शन के बीच पुलिस-प्रशासन की ओर से व्यापारियों को एसडीएम के माध्यम से अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपने का प्रस्ताव दिया गया। प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने एसडीएम को ज्ञापन देने से इनकार कर दिया।
व्यापारियों का कहना था कि वे मुख्यमंत्री से मिलकर ही अपनी समस्या उनके सामने रखना चाहते हैं। इसी मांग को लेकर प्रदर्शन काफी देर तक चलता रहा।
व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि सीलिंग की कार्रवाई उनके कारोबार से सीधे जुड़ा विषय है और इसका समाधान उच्च स्तर पर होना चाहिए।
सीलिंग कार्रवाई को लेकर बढ़ रहा व्यापारियों का विरोध
भोपाल में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से जुड़े मामलों को लेकर पिछले कुछ समय से व्यापारियों के बीच नाराजगी सामने आ रही है। सीलिंग की कार्रवाई ने इस विरोध को और तेज कर दिया है।
व्यापारी संगठनों का कहना है कि नियमों को लागू करते समय कारोबारियों की व्यावहारिक समस्याओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। किसी भी कार्रवाई से पहले व्यापारियों का पक्ष सुना जाना चाहिए और उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए पर्याप्त अवसर दिया जाना चाहिए।
मंगलवार के प्रदर्शन में भी व्यापारियों ने इन्हीं मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
करीब चार घंटे तक सड़कों पर रहे व्यापारी
प्रदर्शन में शामिल व्यापारी करीब चार घंटे तक सड़कों पर डटे रहे। न्यू मार्केट से शुरू हुआ प्रदर्शन रोशनपुरा क्षेत्र पहुंचने के बाद बड़े विरोध में बदल गया। पुलिस बेरिकेडिंग के कारण प्रदर्शनकारी आगे नहीं जा सके और उन्होंने वहीं बैठकर नारेबाजी तथा थाली-शंख और डमरू बजाकर विरोध जारी रखा।
इस दौरान पुलिस बल स्थिति पर नजर बनाए रहा। प्रशासन की ओर से बातचीत के जरिए व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया गया।
मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग पर कायम
व्यापारियों की प्रमुख मांग मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्या सीधे उनके सामने रखने की रही। एसडीएम को ज्ञापन देने के प्रस्ताव के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांग से पीछे नहीं हटे।
व्यापारी संगठनों का कहना है कि सीलिंग के मुद्दे का ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए जिससे नियमों का पालन भी हो और कारोबारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना भी न करना पड़े।
मंगलवार के प्रदर्शन ने साफ कर दिया कि भोपाल में सीलिंग का मुद्दा अब व्यापारियों के लिए बड़ा विषय बन गया है। आने वाले दिनों में प्रशासन और व्यापारी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर नजर रहेगी और यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सीलिंग कार्रवाई को लेकर व्यापारियों की मांगों पर क्या निर्णय लिया जाता है।
