MP के 1.21 लाख छात्रों के खाते में पहुंचे ₹25,000, CM मोहन यादव ने सिंगल क्लिक से ट्रांसफर किए ₹304 करोड़
प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत 12वीं में 75% या उससे अधिक अंक पाने वाले मेधावियों को मिला लाभ; भोपाल में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से किया संवाद
भोपाल, 1 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश के लाखों मेधावी विद्यार्थियों का इंतजार मंगलवार को खत्म हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ के तहत प्रदेश के 1.21 लाख से अधिक पात्र छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए ₹25-25 हजार की प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से कुल ₹304 करोड़ से अधिक की राशि विद्यार्थियों के खातों में अंतरित की।
भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए। योजना का लाभ मध्य प्रदेश बोर्ड की कक्षा 12वीं की परीक्षा में निर्धारित पात्रता के अनुसार 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को दिया गया है।
इस योजना का उद्देश्य मेधावी विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और उच्च शिक्षा के दौरान तकनीकी संसाधनों तक उनकी पहुंच आसान बनाना है।
सिंगल क्लिक से खातों में पहुंचे ₹304 करोड़
राज्यस्तरीय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के जरिए ₹304 करोड़ से अधिक की राशि विद्यार्थियों के बैंक खातों में भेजी।
प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को ₹25,000 दिए गए हैं। विद्यार्थी इस राशि का उपयोग लैपटॉप खरीदने के लिए कर सकेंगे। योजना के तहत राशि सीधे बैंक खातों में भेजे जाने के कारण विद्यार्थियों को इसके लिए अलग से भुगतान प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के माध्यम से पैसा उन बैंक खातों में भेजा गया है, जिनकी जानकारी विद्यार्थियों ने अपने संबंधित स्कूल में दर्ज कराई थी।
किन छात्रों को मिले ₹25 हजार?
प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले पात्र विद्यार्थियों को इसका लाभ दिया गया है।
इस वर्ष योजना से लाभान्वित विद्यार्थियों की संख्या 1.21 लाख से अधिक बताई गई है। पिछले वर्ष लगभग 92 हजार मेधावी विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिला था।
इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में इस बार लाभार्थी विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
बैंक खाते में राशि नहीं दिखे तो क्या करें विद्यार्थी?
योजना की राशि DBT के माध्यम से विद्यार्थियों के पंजीकृत बैंक खातों में भेजी गई है। ऐसे में विद्यार्थियों को सबसे पहले उस बैंक खाते की जांच करनी चाहिए, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने स्कूल में दी थी।
राशि की स्थिति बैंक खाते की पासबुक, बैंकिंग ऐप या बैंक की अन्य उपलब्ध सेवाओं के माध्यम से जांची जा सकती है। विद्यार्थियों को अपने स्कूल में दर्ज बैंक खाते की जानकारी का मिलान भी करना चाहिए।
CM बोले- सफलता को सिर पर न चढ़ने दें
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें सफलता और असफलता दोनों से जुड़ा महत्वपूर्ण संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता मिलने पर उसका घमंड सिर पर नहीं चढ़ने देना चाहिए। इसी तरह यदि किसी समय असफलता मिले तो उसे दिल पर लगाकर निराश भी नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को समझाया कि किसी व्यक्ति की पहचान केवल उसकी मार्कशीट और उसमें मिले अंकों से तय नहीं होती। जीवन में नीयत, ज्ञान और दक्षता भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना
मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के प्रदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों में 50 प्रतिशत से अधिक बच्चे शासकीय विद्यालयों से आ रहे हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि के लिए शिक्षकों और शिक्षण संस्थानों के प्रयासों की प्रशंसा की।
मुख्यमंत्री ने कक्षा 9वीं से ही विद्यार्थियों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने और उन्हें बेहतर परिणाम के लिए तैयार करने वाले शिक्षकों के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
विद्यार्थियों से CM ने पूछा- भविष्य में क्या बनना चाहते हैं?
समारोह का एक दिलचस्प हिस्सा मुख्यमंत्री और मेधावी विद्यार्थियों के बीच हुआ सीधा संवाद रहा। मुख्यमंत्री ने मंच से विद्यार्थियों से उनके भविष्य के सपनों और करियर को लेकर बातचीत की।
इस दौरान छात्र वीरेंद्र सिंह बुंदेला ने राजनीति में जाने की इच्छा जाहिर की। इस पर मुख्यमंत्री ने योग्य युवाओं के राजनीति में आने को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि समाज की समस्याओं का समाधान करने और देश को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए योग्य युवाओं की राजनीति में भागीदारी जरूरी है।
कृषि में करियर को लेकर भी दिया संदेश
विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान कृषि क्षेत्र का मुद्दा भी सामने आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी वास्तविक जड़ें खेती-किसानी से जुड़ी हुई हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को डॉक्टर, इंजीनियर और दूसरे पेशों के साथ कृषि क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं पर भी विचार करने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने किसानों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि खेती और किसानों के बिना भोजन तथा जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती।
एयर होस्टेस के बाद उद्यमी बनना चाहती हैं हिमांशी
कार्यक्रम के दौरान छात्रा हिमांशी पाठक ने भी मुख्यमंत्री के सामने अपने भविष्य की योजना साझा की। उन्होंने बताया कि वे अपने करियर की शुरुआत एयर होस्टेस के रूप में करना चाहती हैं और बाद में एक सफल उद्यमी बनने का लक्ष्य रखती हैं।
इस तरह कार्यक्रम केवल राशि हस्तांतरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को अपने करियर और भविष्य के सपनों के बारे में सीधे मुख्यमंत्री से बातचीत करने का अवसर भी मिला।
पिछले साल 92 हजार, इस बार 1.21 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ
प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के लाभार्थियों की संख्या में इस वर्ष बड़ी बढ़ोतरी हुई है। पिछले वर्ष जहां लगभग 92 हजार विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिला था, वहीं इस बार यह संख्या बढ़कर 1.21 लाख से अधिक पहुंच गई है।
इससे प्रदेश में 12वीं की परीक्षा में निर्धारित अंक हासिल कर योजना की पात्रता पूरी करने वाले विद्यार्थियों की संख्या में वृद्धि दिखाई देती है।
डिजिटल शिक्षा में मददगार होगी ₹25 हजार की राशि
आज उच्च शिक्षा से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक डिजिटल संसाधनों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऑनलाइन कक्षाएं, ई-बुक, डिजिटल नोट्स, वीडियो लेक्चर और विभिन्न शैक्षणिक प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल के लिए विद्यार्थियों के पास कंप्यूटर या लैपटॉप होना उपयोगी साबित होता है।
ऐसे में सरकार की ओर से दी गई ₹25 हजार की प्रोत्साहन राशि पात्र विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने में आर्थिक मदद उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 1 सितंबर को किए गए इस राशि हस्तांतरण के साथ प्रदेश के 1.21 लाख से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिला है। अब पात्र छात्र अपने स्कूल में पंजीकृत बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी गई राशि की स्थिति जांच सकते हैं।
पात्रता प्रथम प्रयास में 12वीं में 75% या उससे अधिक अंक की बताई गई है और राशि DBT के जरिए पंजीकृत बैंक खातों में भेजी गई है।
