फुटकर व्यापारियों के हित में नियमों में संशोधन की मांग, व्यापारी महासंघ ने सौंपा ज्ञापन
प्रशासन से नियमों की समीक्षा कर व्यावहारिक सुधार की मांग
संवाददाता : प्रमोद कुमार जैन
Nagda । फुटकर व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में लागू नियमों में आवश्यक संशोधन की मांग को लेकर व्यापारी महासंघ ने प्रशासन के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। व्यापारी महासंघ एवं नागदा व्यापारी संघ के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तथा नगर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर नियमों में व्यावहारिक बदलाव किए जाने की मांग की।
व्यापार संचालन में आ रही परेशानियों का मुद्दा उठाया
व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन द्वारा लागू किए गए मौजूदा नियमों के चलते फुटकर व्यापारियों को रोजमर्रा के व्यापार संचालन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों ने कहा कि नियम बनाते समय जमीनी परिस्थितियों और छोटे व्यापारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों को भी ध्यान में रखा जाना आवश्यक है।
महासंघ के पदाधिकारियों ने प्रशासन को बताया कि फुटकर व्यापारी शहर की स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। बड़ी संख्या में लोग छोटे और फुटकर व्यवसाय के माध्यम से अपनी आजीविका चलाते हैं। ऐसे में ऐसे नियम लागू किए जाने चाहिए, जिनका पालन व्यापारियों के लिए व्यावहारिक रूप से संभव हो और व्यापार व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे।
नियमों की समीक्षा की मांग
ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने प्रशासन से वर्तमान नियमों की समीक्षा करने की मांग की। उनका कहना है कि यदि किसी नियम के कारण व्यापारियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है तो उसमें आवश्यक सुधार किया जाना चाहिए।
व्यापारी महासंघ ने प्रशासन से आग्रह किया कि व्यापारियों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा कर उनकी समस्याओं को समझा जाए और उसके बाद नियमों में आवश्यक संशोधन किए जाएं। व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन और व्यापारी वर्ग के बीच संवाद से इस समस्या का बेहतर समाधान निकाला जा सकता है।

एसडीएम और नगर पुलिस अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन
व्यापारी महासंघ एवं नागदा व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और नगर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधियों ने अधिकारियों के सामने फुटकर व्यापारियों को आ रही परेशानियों को रखा और जल्द समाधान की मांग की।
व्यापारियों ने कहा कि वे प्रशासन के नियमों और व्यवस्था का सम्मान करते हैं, लेकिन नियमों का निर्धारण करते समय व्यापारियों की वास्तविक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। उनका उद्देश्य नियमों का विरोध करना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक और व्यापारियों के लिए सुविधाजनक बनाना है।
व्यापारियों के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं
महासंघ ने स्पष्ट किया कि फुटकर व्यापारियों के हितों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। व्यापारियों का कहना है कि वे शहर की आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनके सामने आने वाली समस्याओं का समय पर समाधान किया जाना जरूरी है।
महासंघ के पदाधिकारियों ने प्रशासन से सकारात्मक पहल की उम्मीद जताते हुए कहा कि यदि नियमों में आवश्यक सुधार किए जाते हैं तो इससे व्यापारियों को राहत मिलने के साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था भी बेहतर तरीके से संचालित हो सकेगी।
जल्द समाधान की जताई उम्मीद
ज्ञापन सौंपने के बाद व्यापारियों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द उचित निर्णय लेगा। व्यापारियों ने कहा कि वे किसी टकराव के पक्ष में नहीं हैं, बल्कि बातचीत और आपसी सहमति के माध्यम से समस्या का स्थायी समाधान चाहते हैं। व्यापारी महासंघ का कहना है कि वर्तमान नियमों में आवश्यक और व्यावहारिक संशोधन किए जाने से फुटकर व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे अपने कारोबार को बेहतर तरीके से संचालित कर सकेंगे। महासंघ ने प्रशासन से व्यापारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर समझने और जल्द समाधान करने की मांग की है। अब व्यापारियों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
