DAVV Indore: डीएवीवी के 4 प्रमुख विभागों का होगा कायाकल्प, स्मार्ट क्लासरूम से लेकर डिजिटल लाइब्रेरी तक मिलेगी सुविधा
DAVV Indore: इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के तक्षशिला परिसर में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए आने वाले समय में कई बड़ी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में लगातार बढ़ रही विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए प्रमुख विभागों के भवनों के विस्तार और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रस्तावित योजना के तहत विश्वविद्यालय के चार प्रमुख विभागों में अतिरिक्त क्लासरूम के साथ-साथ स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक ई-लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब और अन्य शैक्षणिक सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। विभागों की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। इन प्रस्तावों को विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक में रखा जाएगा।
7 सितंबर को होगी कार्यपरिषद की बैठक
DAVV विश्वविद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, इन प्रस्तावों पर चर्चा के लिए 7 सितंबर को कार्यपरिषद की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में तक्षशिला परिसर के प्रमुख विभागों में बढ़ती छात्र संख्या और मौजूदा संसाधनों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए भवन विस्तार से जुड़े प्रस्ताव रखे जाने की संभावना है।
अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में तक्षशिला परिसर में संचालित कई विभागों में विद्यार्थियों की संख्या में लगातार इजाफा हुआ है। विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के साथ ही कक्षाओं और अन्य शैक्षणिक संसाधनों पर भी दबाव बढ़ा है। कई विभागों में उपलब्ध क्लासरूम विद्यार्थियों की मौजूदा संख्या के लिहाज से पर्याप्त नहीं हैं।
इसी समस्या को देखते हुए अब विश्वविद्यालय प्रशासन भवनों के विस्तार और नई सुविधाओं के विकास की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
चार विभागों में पढ़ते हैं हजारों विद्यार्थी
तक्षशिला परिसर के जिन प्रमुख विभागों में छात्र संख्या अधिक है, उनमें आईएमएस, आईआईपीएस, आईआईईटी और ईएमआरसी शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन चारों संस्थानों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे हैं।
आईएमएस में करीब 2,500 विद्यार्थी, जबकि आईआईपीएस में लगभग 2,000 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इसी तरह आईआईईटी में करीब 3,000 विद्यार्थियों की संख्या बताई गई है। वहीं ईएमआरसी में लगभग 1,000 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं।
इस तरह इन चारों प्रमुख विभागों में कुल मिलाकर हजारों विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। विद्यार्थियों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण विभागों के सामने पर्याप्त कक्षाएं और आधुनिक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराने की चुनौती भी बढ़ती जा रही है।
दो सत्र में लगानी पड़ रही हैं कक्षाएं
विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के बावजूद कई विभागों में क्लासरूम की क्षमता उसी अनुपात में नहीं बढ़ी है। इसके चलते कुछ विभागों को विद्यार्थियों की कक्षाएं दो सत्रों में संचालित करनी पड़ रही हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यदि विभागों के भवनों का विस्तार किया जाता है और अतिरिक्त क्लासरूम तैयार किए जाते हैं तो इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा। इससे विद्यार्थियों को नियमित समय पर कक्षाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और पढ़ाई का वातावरण भी बेहतर होगा।
नई योजना का उद्देश्य केवल भवनों का विस्तार करना नहीं है, बल्कि मौजूदा शैक्षणिक व्यवस्था को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार करना भी है।
स्मार्ट क्लासरूम से बदलेगा पढ़ाई का तरीका
प्रस्तावित विस्तार योजना में स्मार्ट क्लासरूम को भी प्रमुखता दी जा रही है। आधुनिक तकनीक से लैस इन कक्षाओं में विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई कराने की सुविधा मिल सकेगी।
स्मार्ट क्लासरूम में डिजिटल कंटेंट, प्रेजेंटेशन और अन्य तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे शिक्षकों को विषयों को अधिक प्रभावी तरीके से समझाने में मदद मिलेगी और विद्यार्थियों को भी पारंपरिक पढ़ाई के साथ आधुनिक शिक्षण संसाधनों का लाभ मिलेगा।
आधुनिक ई-लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब भी प्रस्तावित
भवन विस्तार के साथ विभागों में आधुनिक लाइब्रेरी और ई-लाइब्रेरी विकसित करने की योजना भी बनाई जा रही है। डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा से विद्यार्थियों को ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री, ई-बुक्स, रिसर्च मटेरियल और अन्य डिजिटल संसाधनों तक पहुंच मिल सकेगी।
इसके अलावा कंप्यूटर लैब को भी आधुनिक रूप देने की योजना है। आज के समय में अधिकांश उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में डिजिटल संसाधनों और कंप्यूटर आधारित अध्ययन की भूमिका बढ़ गई है। ऐसे में आधुनिक लैब विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
विभागों ने शुरू की प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार, संबंधित विभागों ने अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें अतिरिक्त कमरों, स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब और अन्य आवश्यक सुविधाओं को शामिल किया जा रहा है।
प्रस्ताव तैयार होने के बाद इन्हें विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद के सामने रखा जाएगा। कार्यपरिषद की मंजूरी मिलने के बाद योजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या के साथ शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार करना जरूरी है। यदि प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो तक्षशिला परिसर के इन चार प्रमुख विभागों में आने वाले समय में बुनियादी ढांचे के साथ-साथ पढ़ाई की सुविधाओं में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
क्या-क्या सुविधाएं मिलने की उम्मीद?
- नए और अतिरिक्त क्लासरूम
- स्मार्ट क्लासरूम
- आधुनिक ई-लाइब्रेरी
- कंप्यूटर लैब
- विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं
- बढ़ती छात्र संख्या के अनुरूप भवनों का विस्तार
- कक्षाओं को दो सत्र में संचालित करने की समस्या को कम करने की कोशिश
फिलहाल इन योजनाओं को प्रस्ताव के स्तर पर तैयार किया जा रहा है। 7 सितंबर की कार्यपरिषद बैठक में इन प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय के बाद ही इनके क्रियान्वयन की तस्वीर स्पष्ट होगी।
