रेणुका पोफली ने प्राप्त की पीएच.डी. की उपाधि
भोपाल। आमला निवासी सेवानिवृत्त लोको पायलट श्री पदमाकर कस्तूरे की पुत्री रेणुका पोफली ने बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल से हिंदी विषय में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त कर परिवार और क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। उन्होंने “राष्ट्रीय काव्यधारा एवं अटल बिहारी वाजपेयी का काव्य : एक अनुशीलन” विषय पर अपना शोध कार्य पूर्ण किया।
रेणुका पोफली के शोध कार्य का निर्देशन डॉ. पुष्पा दुबे, विभागाध्यक्ष, हिंदी, महाविद्यालय, नर्मदापुरम द्वारा किया गया, जबकि उन्हें डॉ. मलखान सिंह चौहान का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
अपने शोध के माध्यम से डॉ. रेणुका पोफली ने राष्ट्रीय काव्यधारा तथा पूर्व प्रधानमंत्री और प्रख्यात कवि अटल बिहारी वाजपेयी के काव्य में निहित राष्ट्रभावना, मानवीय संवेदनाओं और साहित्यिक दृष्टिकोण का विस्तृत अध्ययन एवं अनुशीलन किया। उनके शोध में राष्ट्रीय चेतना और साहित्य के विभिन्न आयामों को समझने का प्रयास किया गया है।
पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त होने पर डॉ. रेणुका पोफली ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और सहयोगियों को दिया। उन्होंने विशेष रूप से अपने पति श्री रोहित पोफली, पिता श्री पदमाकर कस्तूरे, माता श्रीमती सुरेखा कस्तूरे, ससुर श्री मधुकर पोफली, सास श्रीमती रंजना पोफली, भाई श्री प्रशांत कस्तूरे, जीजाजी श्री राहुल रोड़े, श्री पुष्कर देशमुख, भाई-बहनों, अपने बेटे अर्जुन सहित समस्त कस्तूरे एवं पोफली परिवार और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
डॉ. पोफली ने कहा कि परिवार के निरंतर सहयोग, प्रोत्साहन और मार्गदर्शन के बिना इस कठिन शैक्षणिक यात्रा को पूरा करना संभव नहीं था। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों, शुभचिंतकों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
