सीप नदी में डूबा 28 वर्षीय युवक, 8 घंटे की मशक्कत के बाद भी नहीं मिला सुराग
SDRF और पुलिस का संयुक्त सर्च ऑपरेशन जारी, 20 फीट गहरे पानी ने बढ़ाई मुश्किलें
दैनिक स्वराज वाणी संवाददाता, विकास सैनी (भैरूंदा):
भैरूंदा थाना क्षेत्र के ग्राम गिल्लोर में सोमवार सुबह सीप नदी में एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव निवासी 28 वर्षीय नीरज परते नदी के गहरे पानी में डूब गया। घटना के बाद से लगातार पुलिस, स्थानीय गोताखोर और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम युवक की तलाश में जुटी हुई है, लेकिन करीब आठ घंटे से अधिक समय तक चले सर्च ऑपरेशन के बावजूद देर शाम तक नीरज का कोई सुराग नहीं मिल सका।
नदी की गहराई अधिक होने और पानी के भीतर दृश्यता तथा परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होने के कारण रेस्क्यू टीम को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर से मंगलवार सुबह सर्च अभियान को और तेज करने की बात कही गई है। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक और चिंता का माहौल बना हुआ है।
सुबह नदी में डूबा युवक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्राम गिल्लोर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब 28 वर्षीय नीरज परते सीप नदी के गहरे पानी में डूब गया। बताया जा रहा है कि नीरज पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। घटना के समय उसके साथ उसका भाई धीरज भी मौजूद था।
नीरज को नदी में डूबता देखकर उसके भाई धीरज ने बिना देर किए उसे बचाने के लिए नदी में छलांग लगा दी। धीरज ने अपनी जान की परवाह किए बिना भाई को बचाने का प्रयास किया, लेकिन नदी का पानी बेहद गहरा होने के कारण वह नीरज तक नहीं पहुंच सका। देखते ही देखते नीरज गहरे पानी में समा गया।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल इसकी सूचना ग्रामीणों और पुलिस को दी। इसके बाद युवक की तलाश के लिए स्थानीय स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया।

भाई ने बचाने के लिए लगाई जान की बाजी
घटना के दौरान नीरज के भाई धीरज ने साहस दिखाते हुए उसे बचाने का हरसंभव प्रयास किया। जैसे ही उसने अपने भाई को पानी में डूबते देखा, वह तुरंत नदी में कूद गया। हालांकि, पानी की गहराई और नदी की परिस्थितियों के कारण उसका प्रयास सफल नहीं हो सका।
धीरज के इस प्रयास ने मौके पर मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। ग्रामीणों ने भी युवक को बचाने और उसके भाई को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तत्काल मदद जुटाई। हादसे की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी किनारे पहुंच गए।
परिजनों के लिए यह घटना बेहद दुखद और चिंताजनक बनी हुई है। सभी की निगाहें रेस्क्यू टीम पर टिकी हैं और परिवार को उम्मीद है कि नीरज का जल्द पता लगाया जा सकेगा।
स्थानीय गोताखोरों ने तीन घंटे तक की तलाश
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय गोताखोरों को नदी में उतारा गया। गोताखोरों ने करीब तीन घंटे तक लगातार युवक की तलाश की। नदी के संभावित स्थानों पर पानी के भीतर जाकर खोजबीन की गई, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी उन्हें सफलता नहीं मिली।
स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयासों के बावजूद जब नीरज का पता नहीं चल सका, तो प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीआरएफ की टीम को बुलाया। पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी शुरू की।
स्थानीय गोताखोरों की कोशिशें असफल रहने के बाद एसडीआरएफ की प्रशिक्षित टीम ने सर्च ऑपरेशन की कमान संभाली। इसके बाद नदी के बड़े हिस्से में व्यवस्थित तरीके से युवक की तलाश शुरू की गई।
SDRF ने संभाला रेस्क्यू ऑपरेशन
पुलिस प्रशासन की सूचना पर एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और युवक की तलाश के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने नदी के उन हिस्सों को चिन्हित कर खोजबीन शुरू की, जहां युवक के डूबने की संभावना जताई जा रही है।
एसडीआरएफ की टीम लगातार पानी के भीतर और आसपास के क्षेत्र में सर्चिंग कर रही है। पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद रहकर अभियान में सहयोग कर रहे हैं। रेस्क्यू टीम की ओर से नदी के संभावित स्थानों पर लगातार तलाश की जा रही है।
हालांकि, देर शाम तक आठ घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नीरज का कोई सुराग नहीं मिल सका था। इसके चलते परिजनों और ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
करीब 20 फीट गहरा है नदी का पानी
रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती सीप नदी के पानी की गहराई बनी हुई है। बताया जा रहा है कि घटनास्थल के आसपास नदी की गहराई करीब 20 फीट तक है। इतनी गहराई में पानी के भीतर जाकर किसी व्यक्ति की तलाश करना गोताखोरों और रेस्क्यू टीम के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है।
