—Advertisement—

India GDP Growth: वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8%

Author Picture
Published On: 1 September 2026
GDP
— भारत की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार! FY 2026-27 की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8% रही

—Advertisement—

India GDP Growth: वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8%

India GDP Growth Q1 FY 2026-27: वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अनिश्चितताओं और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान भारत की वास्तविक GDP में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सोमवार, 31 अगस्त को जारी आधिकारिक आंकड़ों के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को लेकर एक बार फिर सकारात्मक संकेत मिले हैं।

मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन (MoSPI) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में भारत की नॉमिनल GDP में भी 10.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं, जब दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाएं महंगाई, सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों और भू-राजनीतिक तनाव जैसी परिस्थितियों का सामना कर रही हैं।

पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की GDP ग्रोथ

MoSPI ने 31 अगस्त को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के GDP आंकड़े जारी किए। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल से जून 2026 के बीच भारत की वास्तविक GDP 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी।

वास्तविक GDP में वृद्धि का अर्थ है कि कीमतों में बदलाव के प्रभाव को हटाकर अर्थव्यवस्था में वास्तविक उत्पादन और आर्थिक गतिविधियों की स्थिति को देखा जाता है। दूसरी ओर, मौजूदा कीमतों पर आधारित नॉमिनल GDP में इस अवधि के दौरान 10.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

सरकार के अनुसार, वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने अपनी विकास गति को बनाए रखा है। यह प्रदर्शन देश की घरेलू आर्थिक गतिविधियों और विभिन्न क्षेत्रों में बनी मजबूती को दर्शाता है।

वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मजबूत प्रदर्शन

भारत की GDP के ताजा आंकड़े ऐसे समय आए हैं जब वैश्विक अर्थव्यवस्था कई तरह की चुनौतियों से गुजर रही है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सप्लाई चेन से जुड़ी परेशानियां और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी अनिश्चितता का असर विभिन्न देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर देखा जा रहा है।

इन परिस्थितियों के बीच भारत की अर्थव्यवस्था का 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ना सरकार के लिए राहत और उत्साह की खबर है। इससे यह संकेत मिलता है कि बाहरी चुनौतियों के बावजूद देश की आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है।

GDP आंकड़ों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताई खुशी

GDP के ताजा आंकड़े सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की GDP ग्रोथ को बड़ी उपलब्धि बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद भारत ने मजबूत आर्थिक वृद्धि हासिल की है। उन्होंने इसे देश के लोगों की सामूहिक ताकत और अर्थव्यवस्था की मजबूती से जोड़ते हुए सकारात्मक उपलब्धि बताया।

प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया से यह भी संकेत मिलता है कि सरकार GDP के इन आंकड़ों को भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती के प्रमाण के रूप में देख रही है।

GDP के लिए बदला गया बेस ईयर

इस बार जारी किए गए GDP के आंकड़ों में एक महत्वपूर्ण बदलाव भी किया गया है। सरकार ने GDP की गणना के लिए 2022-23 को नया बेस ईयर बनाया है।

सरकार ने 27 फरवरी 2026 को GDP की वार्षिक और तिमाही गणना की नई सीरीज जारी की थी। इसके बाद 5 जून 2026 को वित्त वर्ष 2025-26 के GDP के शुरुआती यानी प्रोविजनल आंकड़े जारी किए गए थे।

नए बेस ईयर के आधार पर जारी आंकड़ों का उद्देश्य अर्थव्यवस्था की मौजूदा संरचना और आर्थिक गतिविधियों को अधिक बेहतर तरीके से दर्शाना है।

पुराने GDP आंकड़ों को भी किया गया अपडेट

MoSPI ने केवल मौजूदा तिमाही के आंकड़े ही जारी नहीं किए हैं, बल्कि पिछले वर्षों के आंकड़ों में भी संशोधन किया है। मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के वार्षिक GDP आंकड़ों को अपडेट किया है।

इन आंकड़ों को अपडेट करने के लिए नए उपलब्ध डेटा और विभिन्न सरकारी स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही से लेकर वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही तक के तिमाही GDP आंकड़ों को भी संशोधित किया गया है।

वित्त वर्ष 2025-26 के प्रोविजनल GDP आंकड़ों में भी नए उपलब्ध आंकड़ों को शामिल किया गया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य आर्थिक गतिविधियों का अधिक सटीक और अपडेटेड आकलन पेश करना है।

GDP की गणना में किन क्षेत्रों के आंकड़े शामिल होते हैं?

देश की GDP की गणना एक विस्तृत प्रक्रिया के तहत की जाती है। इसमें अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त आंकड़ों को शामिल किया जाता है। औद्योगिक उत्पादन, कीमतों में बदलाव, बैंकिंग सेवाएं और विभिन्न सरकारी विभागों से प्राप्त प्रशासनिक आंकड़े GDP की गणना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इसके अलावा मंत्रालय ने GDP के साथ-साथ खपत, निवेश और अर्थव्यवस्था में होने वाले अन्य खर्चों से जुड़े आंकड़े भी जारी किए हैं। ये आंकड़े स्थिर कीमतों यानी 2022-23 के आधार पर और मौजूदा कीमतों, दोनों रूपों में उपलब्ध कराए गए हैं।

कुल मिलाकर, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वास्तविक GDP वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। वैश्विक स्तर पर आर्थिक दबाव और अनिश्चितताओं के बीच यह आंकड़ा भारत की आर्थिक गतिविधियों में बनी मजबूती को दर्शाता है। आने वाली तिमाहियों में विकास की यह रफ्तार कितनी कायम रहती है, इस पर घरेलू मांग, निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और वैश्विक परिस्थितियों का महत्वपूर्ण असर रहेगा।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp