—Advertisement—

Nepal में बाढ़ की तबाही: 10 सेकेंड की चेतावनी ने बचाई कई जिंदगियां, राहत और रेस्क्यू अभियान जारी

Author Picture
Published On: 31 August 2026
Nepal में बाढ़ की तबाही: 10 सेकेंड की चेतावनी ने बचाई कई जिंदगियां, राहत और रेस्क्यू अभियान जारी

—Advertisement—

 

Nepal में बाढ़ की तबाही: 10 सेकेंड की चेतावनी ने बचाई कई जिंदगियां, राहत और रेस्क्यू अभियान जारी

Nepal में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के दौरान रसुवा कस्टम ऑफिस के अधिकारी करबीर गैरे ने पानी का तेज बहाव आते देखा और आसपास मौजूद लोगों को तुरंत ऊंचाई की ओर जाने के लिए कहा। उनके चेताने के करीब 10 सेकेंड बाद ही बाढ़ का तेज बहाव आसपास के ढांचों को बहाकर ले गया।

नेपाल के फ्लड फोरकास्टिंग डिविजन के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी में बाढ़ आने की सूचना मिली थी। इसके लगभग 15 से 16 मिनट बाद रसुवा, नुवाकोट, धादिंग और चितवन जिलों में करीब 6 लाख SMS अलर्ट भेजे गए। समय पर मिले इन अलर्ट के कारण बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का मौका मिला।

मौत और लापता लोगों का आंकड़ा बढ़ा

बाढ़ और उससे जुड़ी प्राकृतिक आपदा ने नेपाल और तिब्बत में भारी जान-माल का नुकसान किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार नेपाल-तिब्बत क्षेत्र में मृतकों की संख्या 919 तक पहुंच गई है। इनमें अकेले नेपाल में 903 लोगों की मौत की जानकारी है, जबकि तिब्बत में 16 लोगों की जान गई है। इसके अलावा 4,200 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

बाढ़ के कारण कई इलाकों में सड़कें, पुल, मकान और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई स्थानों पर मलबा जमा होने के कारण राहत और बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

अंतिम संस्कार और शवों की पहचान बड़ी चुनौती

आपदा के बाद प्रभावित परिवारों के सामने अपने परिजनों के शवों की पहचान और अंतिम संस्कार की चुनौती भी खड़ी हो गई है। नुवाकोट में 32 वर्षीय प्रबिता रोइला का परिवार ने सूर्यामती नदी के किनारे अंतिम संस्कार किया। वहीं चितवन के जंगल क्षेत्र में सामूहिक दफन स्थल पर शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने का सिलसिला जारी है।

कई शव दूर-दराज के क्षेत्रों से बरामद किए गए हैं। ऐसे में उनकी पहचान सुनिश्चित करना प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इसी उद्देश्य से फोरेंसिक विशेषज्ञों और DNA जांच की सहायता ली जा रही है।

सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश जारी

बाढ़ के बाद नेपाल के कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरंगों में लोगों के फंसे होने की आशंका है। त्रिशूली-3A समेत कई परियोजनाओं की सुरंगों के मुहाने मलबे और कीचड़ से बंद हो गए हैं।

नेपाल के सुरक्षा बलों के साथ भारत और चीन के विशेषज्ञ भी राहत एवं बचाव अभियान में सहयोग कर रहे हैं। भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से सुरंगों के रास्ते खोलने का प्रयास किया जा रहा है। बचाव दल अंदर मौजूद लोगों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कई स्थानों से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।

चीन ने डेटा साझा नहीं करने के आरोपों को नकारा

बाढ़ के बाद नेपाल और चीन के बीच आपदा से जुड़ी सूचनाओं को लेकर भी चर्चा शुरू हुई है। नेपाल की ओर से यह सवाल उठाया गया था कि चीन ने ग्लेशियरों की गतिविधियों और पानी के स्तर से जुड़ा पर्याप्त डेटा साझा नहीं किया।

हालांकि चीन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि नेपाल के साथ जरूरी जानकारी समय पर साझा की गई थी। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, सूचना खुले और पारदर्शी तरीके से जारी की गई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल सेंटर ने आपदा से 12 दिन पहले नेपाल को भारी बारिश, भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसे संभावित खतरों को लेकर ईमेल के माध्यम से चेतावनी भेजी थी। दोनों देशों के अधिकारियों के बीच 27 मई को काठमांडू में हुई बैठक में बाढ़, मौसम और ग्लेशियर से जुड़े खतरों पर भी चर्चा हुई थी।

Nepal की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय आगे आया

भीषण बाढ़ से हुए नुकसान के बाद कई देशों ने नेपाल की सहायता के लिए राहत और आर्थिक मदद की घोषणा की है। नेपाल के विदेश मंत्री के अनुसार आपदा से होने वाला कुल आर्थिक नुकसान अरबों डॉलर तक पहुंच सकता है।

भारत ने नेपाल की सहायता के लिए फोरेंसिक टीम और सुरंग बचाव विशेषज्ञों को भेजा है। शवों की पहचान में DNA जांच के लिए विशेषज्ञों की मदद दी जा रही है। इसके अलावा 10 टन मानवीय सहायता के साथ 11 सदस्यीय मेडिकल और टनल रेस्क्यू टीम भी नेपाल भेजी गई है।

ब्रिटेन ने 50 लाख पाउंड की सहायता की घोषणा की है। यूरोपीय संघ ने तत्काल मानवीय सहायता के लिए 20 लाख यूरो देने की घोषणा की है। कनाडा ने 50 लाख कनाडाई डॉलर और अमेरिका ने 5 लाख डॉलर की सहायता का ऐलान किया है।

चीन की ओर से भी नेपाल में आपातकालीन राहत सामग्री और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है।

चेतावनी तंत्र की भूमिका हुई महत्वपूर्ण

नेपाल की इस त्रासदी में शुरुआती चेतावनी प्रणाली की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। बाढ़ की सूचना मिलने के बाद हजारों लोगों तक SMS अलर्ट पहुंचाए गए। स्थानीय स्तर पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।

रसुवा में करबीर गैरे द्वारा बाढ़ का पानी देखते ही लोगों को चेताने और करीब 10 सेकेंड बाद तेज बहाव आने की घटना यह बताती है कि प्राकृतिक आपदा के दौरान कुछ सेकेंड भी कितने महत्वपूर्ण हो सकते हैं। समय पर चेतावनी और सुरक्षित स्थान तक पहुंचना कई लोगों के लिए जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर साबित हुआ।

राहत कार्यों के सामने बड़ी चुनौतियां

बाढ़ के बाद राहत कार्यों में सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने की है। कई रास्ते मलबे और पानी से बंद हैं। पुलों और सड़कों को नुकसान पहुंचने से राहत सामग्री पहुंचाने में परेशानी हो रही है। दूसरी ओर सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश के लिए विशेष मशीनरी और विशेषज्ञों की जरूरत है।

प्रशासन और सुरक्षा बल लगातार प्रभावित इलाकों में अभियान चला रहे हैं। शवों की बरामदगी, उनकी पहचान, घायलों को उपचार, विस्थापित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और आवश्यक खाद्य एवं चिकित्सा सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता बनी हुई है।

नेपाल की यह त्रासदी एक बार फिर बताती है कि हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़, भूस्खलन और ग्लेशियर से जुड़े खतरे कितने गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में समय पर चेतावनी, मजबूत आपदा प्रबंधन व्यवस्था, सीमा-पार सूचनाओं का आदान-प्रदान और स्थानीय स्तर पर लोगों की तैयारी जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp