तेजाजी महाराज के निर्वाण स्थल सुरसुरा से अखंड ज्योति लेने रवाना हुए रामपुरिया खेड़ा के 40 युवा
सवांददाता: मनोज कुमार पुष्पद
पड़ाना। वीर तेजाजी महाराज के प्रति आस्था और श्रद्धा का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए रामपुरिया खेड़ा गांव के करीब 40 युवा ग्रामीण शनिवार को राजस्थान के सुरसुरा के लिए रवाना हुए। युवाओं का उद्देश्य वीर तेजाजी महाराज के निर्वाण स्थल सुरसुरा पहुंचकर वहां से अखंड दिव्य ज्योति लेकर अपने गांव लौटना है। यह धार्मिक यात्रा गांव के बीचोंबीच स्थित वीर तेजाजी महाराज मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन के बाद विधिवत रूप से शुरू हुई।
यात्रा पर रवाना होने से पहले सभी श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर वीर तेजाजी महाराज का आशीर्वाद लिया। इसके बाद ध्वज-निशान के साथ ट्रैक्टर से यात्रा का शुभारंभ किया गया। गांव से श्रद्धालुओं के रवाना होने के दौरान धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण नजर आया। ग्रामीणों ने यात्रियों की मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
तीन दिन में पहुंचेंगे सुरसुरा
रामपुरिया खेड़ा से रवाना हुए करीब 40 युवा लगभग तीन दिनों की यात्रा पूरी कर राजस्थान के सुरसुरा पहुंचेंगे। यात्रा में पिंटू जाट, राजेश जाट, अमन जाट, आशीष जाट, शुभम जाट, जितेंद्र जाट, संदीप जाट, रितेश जाट, गणेश जाट, आदर्श जाट, राहुल जाट, मनोज जाट और चेतन जाट सहित बड़ी संख्या में युवा शामिल हैं।
सुरसुरा पहुंचने के बाद सभी यात्री वीर तेजाजी महाराज के निर्वाण स्थल पर पूजा-अर्चना एवं दर्शन करेंगे। इसके बाद वहां से अखंड दिव्य ज्योति लेकर रामपुरिया खेड़ा के लिए पैदल यात्रा प्रारंभ करेंगे।
485 किलोमीटर पैदल लाएंगे अखंड ज्योति
सुरसुरा से अखंड ज्योति लेकर श्रद्धालु करीब 485 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करेंगे। यात्रा का उद्देश्य केवल ज्योति को गांव तक लाना ही नहीं, बल्कि वीर तेजाजी महाराज के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा को प्रकट करना भी है।
यात्रियों के अनुसार अखंड ज्योति को पूरी श्रद्धा और धार्मिक विधि-विधान के साथ रामपुरिया खेड़ा लाया जाएगा। गांव पहुंचने के बाद वीर तेजाजी महाराज के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी और अखंड ज्योति को मंदिर में विधिवत स्थापित किया जाएगा।
रास्ते में श्रद्धालु कर रहे स्वागत
धार्मिक यात्रा के दौरान रास्ते में विभिन्न स्थानों पर ग्रामीण श्रद्धालुओं द्वारा यात्रियों का उत्साह बढ़ाया जा रहा है। कई जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया और आरती उतारी। इससे यात्रा में शामिल युवाओं का उत्साह और बढ़ गया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार की धार्मिक यात्राएं समाज में आस्था, एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करती हैं। युवाओं की भागीदारी से नई पीढ़ी को भी अपनी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।
सुरसुरा को माना जाता है तेजाजी महाराज की निर्वाण स्थली
राजस्थान का सुरसुरा गांव वीर तेजाजी महाराज की प्रमुख निर्वाण स्थली के रूप में श्रद्धालुओं के बीच विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु तेजाजी महाराज के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।
रामपुरिया खेड़ा के ग्रामीणों की मान्यता है कि सुरसुरा से लाई गई अखंड ज्योति को गांव के मंदिर में स्थापित करना अत्यंत शुभ और मंगलकारी होता है। इसी धार्मिक आस्था के चलते हर वर्ष युवा ग्रामीण श्रद्धा और उत्साह के साथ सुरसुरा से अखंड ज्योति लेने के लिए यात्रा करते हैं।
युवाओं में दिखा धार्मिक उत्साह
इस यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं के शामिल होने से धार्मिक आयोजन को विशेष उत्साह मिला है। युवाओं ने यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा करने और अखंड ज्योति को सुरक्षित रूप से गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया है।
ग्रामीणों ने यात्रियों के लिए मंगलकामना करते हुए कहा कि वीर तेजाजी महाराज की कृपा से यात्रा निर्विघ्न संपन्न हो और अखंड ज्योति गांव तक सुरक्षित पहुंचे। अखंड ज्योति की स्थापना के बाद गांव के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की उम्मीद है।
रामपुरिया खेड़ा से शुरू हुई यह यात्रा श्रद्धा, परंपरा और सामूहिक आस्था का संदेश दे रही है। 485 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर जब अखंड ज्योति गांव पहुंचेगी, तब ग्रामीणों के लिए यह धार्मिक एवं भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण अवसर होगा।
