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इंदौर में ‘Walk for a Green Tomorrow’ वॉकथॉन निरस्त, वेस्ट से बनी विशाल राखियों ने दिया स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

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Published On: 31 August 2026

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इंदौर में ‘Walk for a Green Tomorrow’ वॉकथॉन निरस्त, वेस्ट से बनी विशाल राखियों ने दिया स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

महापौर पुष्यमित्र भार्गव के शहर से बाहर जाने के कारण बदला कार्यक्रम, रीजनल पार्क पहुंचे थे स्कूली बच्चे और नागरिक; 15 RRR सेंटरों पर प्लास्टिक के बदले बांटे गए पौधे

इंदौर। शहर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से इंदौर नगर निगम द्वारा आयोजित की जाने वाली ‘Walk for a Green Tomorrow’ वॉकथॉन सोमवार को निरस्त कर दी गई। कार्यक्रम का आयोजन रीजनल पार्क से किया जाना था, जिसमें महापौर पुष्यमित्र भार्गव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले थे। हालांकि आवश्यक कार्य के चलते महापौर को शहर से बाहर जाना पड़ा, जिसके बाद नगर निगम ने वॉकथॉन आयोजित नहीं करने का निर्णय लिया।

वॉकथॉन में शामिल होने के लिए कई स्कूली बच्चे, महिलाएं और शहरवासी रीजनल पार्क पहुंच चुके थे। कार्यक्रम को लेकर पहले से तैयारियां की गई थीं और प्रतिभागियों में भी उत्साह था। नगर निगम के स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल के अनुसार महापौर के आवश्यक कार्य से बाहर जाने और स्कूली बच्चों के स्कूल जाने का समय होने के कारण कार्यक्रम को निरस्त किया गया।

रीजनल पार्क पहुंच चुके थे बच्चे और नागरिक

‘Walk for a Green Tomorrow’ के माध्यम से शहरवासियों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, प्लास्टिक के कम उपयोग और कचरे के सही निपटान का संदेश दिया जाना था। कार्यक्रम के लिए सुबह से ही रीजनल पार्क में गतिविधियां शुरू हो गई थीं। स्कूली बच्चों के साथ कई नागरिक भी इसमें भाग लेने के उद्देश्य से पहुंचे थे।

इसी दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव के कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद आयोजन को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया गया। बच्चों को अपने स्कूल भी जाना था, इसलिए उन्हें अधिक समय तक कार्यक्रम स्थल पर रोकना संभव नहीं था। नगर निगम की ओर से परिस्थितियों को देखते हुए वॉकथॉन निरस्त कर दी गई।

वेस्ट मटेरियल से बनाई गईं विशाल राखियां बनीं आकर्षण का केंद्र

वॉकथॉन भले ही आयोजित नहीं हो सकी, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं द्वारा तैयार की गई बड़ी राखियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इन राखियों की खास बात यह थी कि इन्हें अनुपयोगी और वेस्ट मटेरियल का इस्तेमाल कर तैयार किया गया था।

महिलाओं ने इन राखियों के माध्यम से स्वच्छता के साथ कचरे को अलग-अलग रखने का संदेश दिया। इसके जरिए नागरिकों को बताया गया कि घरों और अन्य स्थानों से निकलने वाले अलग-अलग प्रकार के कचरे को एक साथ फेंकने के बजाय निर्धारित श्रेणियों में अलग करके रखना चाहिए। इससे कचरे के बेहतर प्रबंधन और रीसाइक्लिंग में मदद मिल सकती है।

छह प्रकार के कचरे को अलग रखने का दिया संदेश

वेस्ट मटेरियल से तैयार राखियों के माध्यम से छह प्रकार के कचरे को अलग-अलग रखने के प्रति जागरूकता फैलाई गई। साथ ही लोगों से प्लास्टिक का अनावश्यक उपयोग कम करने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की गई।

स्वच्छता के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुके इंदौर में नगर निगम लगातार कचरा प्रबंधन और नागरिक सहभागिता से जुड़े अभियान संचालित करता रहा है। इसी क्रम में इस कार्यक्रम के जरिए भी लोगों को स्वच्छता को केवल सफाई तक सीमित न रखते हुए कचरे के पृथक्करण, पुन: उपयोग और रीसाइक्लिंग से जोड़ने का प्रयास किया गया।

‘आधा किलो प्लास्टिक लाओ, एक पौधा ले जाओ’ अभियान को मिला नागरिकों का सहयोग

नगर निगम की ओर से प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और लोगों को पौधरोपण के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 20 से 30 अगस्त तक विशेष अभियान भी चलाया गया। इस अभियान को ‘आधा किलो प्लास्टिक लाओ, एक पौधा ले जाओ’ नाम दिया गया।

अभियान के तहत नागरिकों से अनुपयोगी और सिंगल यूज प्लास्टिक लेकर बदले में पौधे दिए गए। इसका उद्देश्य एक तरफ शहर में बिखरने वाले प्लास्टिक को एकत्रित करना था, तो दूसरी तरफ अधिक से अधिक लोगों को पौधरोपण और हरियाली बढ़ाने के लिए प्रेरित करना था।

शहर के सभी 15 RRR सेंटरों पर जमा किया गया प्लास्टिक

इस अभियान को शहर के सभी 15 RRR यानी Reduce, Reuse, Recycle सेंटरों पर संचालित किया गया। नागरिक अपने घरों और आसपास से निकलने वाला अनुपयोगी प्लास्टिक लेकर इन केंद्रों पर पहुंचे और उसे जमा कराया। इसके बदले नगर निगम की ओर से उन्हें पौधे दिए गए।

नगर निगम के इस अभियान में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से नागरिकों ने भागीदारी की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पलासिया स्क्वायर स्थित RRR सेंटर पर सबसे अधिक नागरिकों ने अभियान में सहभागिता की। यहां बड़ी संख्या में लोगों ने प्लास्टिक जमा कर पौधे प्राप्त किए।

रीसाइक्लिंग और सुरक्षित निपटान के लिए भेजा जाएगा जमा प्लास्टिक

अभियान के दौरान RRR सेंटरों पर एकत्रित प्लास्टिक को खुले में या सामान्य कचरे के साथ नहीं फेंका जाएगा। नगर निगम के स्वास्थ्य प्रभारी अश्विनी शुक्ल के मुताबिक जमा किए गए प्लास्टिक को अधिकृत एजेंसी के माध्यम से रीसाइक्लिंग अथवा सुरक्षित निपटान के लिए भेजा जाएगा।

इस व्यवस्था का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे को पर्यावरण के लिए नुकसानदायक बनने से रोकना है। विशेष रूप से सिंगल यूज प्लास्टिक लंबे समय तक नष्ट नहीं होता और खुले में फेंके जाने पर मिट्टी, जल स्रोतों तथा पशुओं के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। ऐसे में इसे निर्धारित केंद्रों पर जमा कर वैज्ञानिक तरीके से रीसाइक्लिंग या निपटान करना जरूरी है।

नागरिकों से RRR सेंटरों का उपयोग करने की अपील

नगर निगम ने अभियान के माध्यम से शहरवासियों को यह संदेश भी दिया कि घरों से निकलने वाले अनुपयोगी सामान और प्लास्टिक को सड़कों, खाली मैदानों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर न फेंकें। इसके बजाय अपने नजदीकी RRR सेंटर पर पहुंचकर उसे जमा करें।

नगर निगम का प्रयास है कि Reduce, Reuse और Recycle की अवधारणा को अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाया जाए। वेस्ट से तैयार राखियां और प्लास्टिक के बदले पौधे देने जैसे प्रयोग इसी जागरूकता अभियान का हिस्सा हैं। सोमवार को प्रस्तावित वॉकथॉन निरस्त होने के बावजूद कार्यक्रम स्थल पर की गई गतिविधियों के जरिए स्वच्छता, कचरा पृथक्करण, प्लास्टिक मुक्त शहर और पर्यावरण संरक्षण का संदेश नागरिकों तक पहुंचाया गया।

 

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