इंदौर के रानीपुरा में निगम की बड़ी कार्रवाई: 60 से 70 दुकानों के ओटले-पार्टिशन हटाए, विरोध में सड़क पर उतरे दुकानदार
रोड जाम करने की कोशिश के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा, तीन थानों के पुलिस बल की मौजूदगी में चला रिमूवल अभियान; जेल रोड पर भी हटाए अस्थायी निर्माण
इंदौर। शहर के व्यस्ततम बाजार क्षेत्रों में शामिल रानीपुरा में सोमवार को नगर निगम की रिमूवल कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ। नगर निगम की टीम दुकानों के बाहर बनाए गए अस्थायी ओटले, पार्टिशन और फुटपाथ पर रखे गए निर्माण हटाने पहुंची थी। जैसे-जैसे निगम का अमला रानीपुरा से संजय सेतु की ओर बढ़ा, दुकानदारों का विरोध तेज होता गया। इस दौरान दुकानदारों और निगम अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई और कुछ व्यापारियों ने सड़क पर उतरकर यातायात रोकने की कोशिश भी की।
स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। सड़क पर खड़े होकर वाहनों को रोक रहे लोगों को हटाया गया और यातायात सामान्य कराया गया। इसके बाद नगर निगम की टीम ने दोबारा अपनी कार्रवाई शुरू की।
रानीपुरा में कार्रवाई पूरी करने के बाद नगर निगम का अमला जेल रोड की ओर भी पहुंचा, जहां दुकानों और फुटपाथ के आसपास किए गए अस्थायी निर्माण हटाए गए।
तीन थानों के पुलिस बल के साथ पहुंची निगम की टीम
रानीपुरा में कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम की टीम के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। तीन थानों के पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में रिमूवल अभियान शुरू किया गया।
नगर निगम की टीम ने बाजार में दुकानों के बाहर बने ओटलों और अस्थायी पार्टिशन को हटाना शुरू किया। एक के बाद एक करीब 60 से 70 दुकानों के बाहर किए गए अस्थायी निर्माण हटाए गए।
इसके अलावा फुटपाथ और आसपास के हिस्से में लगी करीब 8 से 10 गुमटियों को भी हटाने की कार्रवाई की गई। निगम के अनुसार इन निर्माणों और दुकानों के बाहर रखे सामान की वजह से फुटपाथ और सड़क का उपयोग प्रभावित हो रहा था।
कार्रवाई बढ़ी तो दुकानदारों ने शुरू किया विरोध
रिमूवल अभियान की शुरुआत के साथ ही कुछ दुकानदारों ने निगम की कार्रवाई का विरोध किया। शुरुआत में विरोध सीमित रहा, लेकिन जैसे-जैसे टीम बाजार में आगे बढ़ी, दुकानदारों की नाराजगी बढ़ने लगी।
इसी दौरान रिमूवल अधिकारी बबलू कल्याणे और कुछ दुकानदारों के बीच कहासुनी हो गई। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और चिल्ला-पुकार होने लगी। विवाद बढ़ने पर मौके पर मौजूद अन्य व्यापारी भी जमा हो गए।
इसके बाद कुछ दुकानदारों ने बाजार की दुकानें बंद कराने की कोशिश की। साथ ही रानीपुरा रोड पर पहुंचकर यातायात रोकने का प्रयास किया गया।
सड़क पर खड़े होकर वाहनों को रोकने लगे दुकानदार
विरोध के दौरान कुछ लोग सड़क के बीच पहुंच गए और वहां से गुजर रहे वाहनों को रोकने लगे। इससे कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बन गई।
रानीपुरा शहर के व्यस्त बाजारों में शामिल है और यहां दिनभर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में सड़क पर प्रदर्शन शुरू होते ही यातायात बाधित होने का खतरा बढ़ गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया। ACP विनोद दीक्षित और रूबिना मिजवानी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।
पुलिस ने सड़क खाली कराकर यातायात कराया बहाल
पुलिसकर्मियों ने सड़क पर मौजूद प्रदर्शनकारियों और दुकानदारों को समझाइश देकर किनारे किया। सड़क से लोगों को हटाने के बाद वाहनों की आवाजाही दोबारा शुरू कराई गई।
पुलिस की मौजूदगी के कारण स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और नगर निगम की रिमूवल टीम ने अपना अभियान दोबारा शुरू कर दिया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस बल लगातार निगम अमले के साथ मौजूद रहा, ताकि किसी प्रकार की विवाद की स्थिति दोबारा न बने।
रानीपुरा के बाद जेल रोड पर भी पहुंचा निगम अमला
रानीपुरा क्षेत्र में अस्थायी निर्माण हटाने के बाद नगर निगम की टीम जेल रोड पहुंची। यहां भी दुकानों के आसपास और सार्वजनिक स्थानों पर किए गए अस्थायी निर्माण को हटाने की कार्रवाई की गई।
रानीपुरा और जेल रोड दोनों ही शहर के व्यस्त व्यावसायिक इलाकों में शामिल हैं। यहां बड़ी संख्या में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। दिन के व्यस्त समय में ग्राहकों और वाहनों की संख्या बढ़ने से ट्रैफिक का दबाव भी काफी अधिक रहता है।
निगम का कहना है कि दुकानों के बाहर तक सामान फैलाने और अस्थायी निर्माण किए जाने से फुटपाथ और सड़क की उपलब्ध जगह कम हो जाती है, जिससे पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी होती है।
निगम का दावा- कार्रवाई से पहले कई बार कराई गई थी मुनादी
नगर निगम के भवन अधिकारी अंकेश बिरथरिया के अनुसार कार्रवाई अचानक नहीं की गई। क्षेत्र में इससे पहले कई बार मुनादी कर दुकानदारों को अस्थायी निर्माण हटाने की जानकारी दी गई थी।
उन्होंने बताया कि दुकानदारों को व्यक्तिगत रूप से भी समझाइश दी गई थी कि वे दुकानों के बाहर बनाए गए अस्थायी पार्टिशन और ओटले हटा लें। इसके साथ ही दुकान का सामान फुटपाथ या सड़क की ओर नहीं रखने के लिए भी कहा गया था।
निगम अधिकारियों के अनुसार चेतावनी और समझाइश के बावजूद अस्थायी निर्माण नहीं हटाए जाने के कारण सोमवार को रिमूवल अभियान चलाया गया।
पीक आवर्स में रानीपुरा में रहता है भारी ट्रैफिक
रानीपुरा इंदौर के मध्य क्षेत्र में स्थित प्रमुख व्यावसायिक इलाका है। यहां सामान्य दिनों में भी बड़ी संख्या में ग्राहक और वाहन पहुंचते हैं। पीक आवर्स में सड़क पर यातायात का दबाव और अधिक बढ़ जाता है।
नगर निगम के अनुसार दुकानों के बाहर ओटले, पार्टिशन और सामान रखने से सड़क और फुटपाथ की जगह कम हो रही थी। इसका सीधा असर यातायात व्यवस्था और पैदल चलने वाले लोगों पर पड़ रहा था।
निगम अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और सार्वजनिक स्थानों को बाधा मुक्त रखने के उद्देश्य से कार्रवाई की गई है।
अस्थायी निर्माण पर अलग नोटिस जरूरी नहीं होने का निगम का दावा
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक जिन निर्माणों को हटाया गया, वे अस्थायी प्रकृति के थे। इसी आधार पर निगम का कहना है कि इन्हें हटाने के लिए अलग-अलग नोटिस जारी करना आवश्यक नहीं था।
हालांकि कार्रवाई से पहले मुनादी और व्यक्तिगत समझाइश के जरिए दुकानदारों को अपने स्तर पर निर्माण हटाने का मौका दिए जाने की बात निगम ने कही है।
कार्रवाई के बाद क्षेत्र में एक बार फिर अनाउंसमेंट कर व्यापारियों को चेतावनी दी गई कि दुकानों के बाहर अस्थायी निर्माण न किया जाए और सामान सड़क या फुटपाथ तक न फैलाया जाए।
दोबारा निर्माण किया तो फिर होगी कार्रवाई
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि हटाए गए ओटले या पार्टिशन दोबारा बनाए गए अथवा दुकान का सामान सार्वजनिक स्थानों पर रखा गया तो फिर से कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार की कार्रवाई के दौरान व्यापारियों के विरोध और सड़क जाम की कोशिश से कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हालात नियंत्रित हो गए। इसके बाद निगम की टीम ने रानीपुरा के साथ जेल रोड क्षेत्र में भी अपना रिमूवल अभियान जारी रखा।
इस कार्रवाई के साथ नगर निगम ने व्यस्त बाजारों में फुटपाथ और सड़कों को अतिक्रमण तथा अस्थायी निर्माण से मुक्त रखने के संकेत दिए हैं। वहीं व्यापारियों के विरोध के कारण रानीपुरा में सोमवार को निगम की कार्रवाई चर्चा का विषय बनी रही।
