रेलवे की शहडोल को बड़ी सौगात: नर्मदा एक्सप्रेस का वेंकटनगर में ठहराव फिर बहाल, 5 सितंबर से यात्रियों को मिलेगी सुविधा
कोरोना काल से बंद था बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस का स्टॉपेज, सांसद हिमाद्री सिंह के प्रयासों के बाद रेल मंत्रालय ने दी मंजूरी
शहडोल। शहडोल संसदीय क्षेत्र के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। कोरोना काल से बंद बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस का वेंकटनगर रेलवे स्टेशन पर ठहराव एक बार फिर बहाल होने जा रहा है। रेल मंत्रालय की मंजूरी के बाद 5 सितंबर से नर्मदा एक्सप्रेस वेंकटनगर स्टेशन पर फिर से रुकेगी। इससे वेंकटनगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों, व्यापारियों, किसानों और विद्यार्थियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
नर्मदा एक्सप्रेस के ठहराव को दोबारा शुरू कराने की मांग क्षेत्र में लंबे समय से उठ रही थी। शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह द्वारा भी इस संबंध में लगातार प्रयास किए जा रहे थे। अब रेल मंत्रालय की स्वीकृति मिलने के बाद स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है।
कोरोना काल में बंद हुआ था वेंकटनगर का स्टॉपेज
कोरोना महामारी के दौरान रेलवे द्वारा देशभर में यात्री ट्रेन सेवाओं में बड़े बदलाव किए गए थे। इसी दौरान कई ट्रेनों के विभिन्न स्टेशनों पर ठहराव भी बंद कर दिए गए थे। बिलासपुर से इंदौर के बीच चलने वाली नर्मदा एक्सप्रेस का वेंकटनगर रेलवे स्टेशन पर ठहराव भी इसी अवधि में बंद हो गया था।
ट्रेन सेवाएं सामान्य होने के बाद क्षेत्र के लोगों को उम्मीद थी कि वेंकटनगर में नर्मदा एक्सप्रेस का स्टॉपेज भी जल्द बहाल कर दिया जाएगा। हालांकि यह सुविधा लंबे समय तक शुरू नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्थानीय स्तर पर लगातार ट्रेन के ठहराव को पुनः शुरू करने की मांग की जा रही थी।
अब रेल मंत्रालय की मंजूरी के बाद यह इंतजार खत्म होने वाला है।
वेंकटनगर क्षेत्र के हजारों यात्रियों को मिलेगा फायदा
बिलासपुर-कटनी रेलखंड पर स्थित वेंकटनगर रेलवे स्टेशन आसपास के ग्रामीण और व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। बड़ी संख्या में स्थानीय यात्री रेल सेवा पर निर्भर रहते हैं। नर्मदा एक्सप्रेस का ठहराव बहाल होने से यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध होगी।
विशेष रूप से व्यापारियों, किसानों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और उपचार अथवा अन्य जरूरी कामों से बड़े शहरों की यात्रा करने वाले लोगों को इसका लाभ मिलेगा। इंदौर और बिलासपुर सहित नर्मदा एक्सप्रेस के मार्ग में आने वाले प्रमुख शहरों तक पहुंचना भी क्षेत्र के यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक होगा।
स्थानीय लोगों के लिए यह केवल एक ट्रेन के स्टॉपेज की बहाली नहीं, बल्कि क्षेत्र की परिवहन सुविधाओं में महत्वपूर्ण सुधार के रूप में देखा जा रहा है।
5 सितंबर को होगा ठहराव का औपचारिक शुभारंभ
नर्मदा एक्सप्रेस के वेंकटनगर स्टेशन पर पुनः ठहराव का औपचारिक शुभारंभ 5 सितंबर को किया जाएगा। खास बात यह है कि इस अवसर पर जनभागीदारी देखने को मिलेगी।
सांसद हिमाद्री सिंह इस दौरान क्षेत्र में मौजूद नहीं रहेंगी। ऐसे में स्थानीय ग्रामीणों, व्यापारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किए जाने की बात सामने आई है।
स्थानीय स्तर पर इस फैसले को लेकर उत्साह है। लंबे समय से जिस रेल सुविधा को बहाल करने की मांग की जा रही थी, उसके शुरू होने से आसपास के क्षेत्रों को भी सीधा फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सांसद हिमाद्री सिंह के प्रयासों को मिली सफलता
नर्मदा एक्सप्रेस का ठहराव बहाल कराने को लेकर शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह की ओर से रेल मंत्रालय के समक्ष लगातार प्रयास किए जाने की जानकारी सामने आई है। क्षेत्र की आवश्यकता और यात्रियों की मांग को देखते हुए ठहराव बहाल करने का विषय उठाया गया था।
रेल मंत्रालय की स्वीकृति के बाद अब नर्मदा एक्सप्रेस फिर से वेंकटनगर में रुकेगी। इससे शहडोल संसदीय क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उज्बेकिस्तान दौरे के कारण शुभारंभ में नहीं रहेंगी सांसद
नर्मदा एक्सप्रेस के ठहराव की शुरुआत के समय सांसद हिमाद्री सिंह क्षेत्र में उपस्थित नहीं रहेंगी। जानकारी के मुताबिक वे 4 से 7 सितंबर तक उज्बेकिस्तान के चार दिवसीय दौरे पर रहेंगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के नामांकन पर उन्हें भारत-उज्बेकिस्तान युवा सांसद प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया गया है। इसी अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के कारण वे 5 सितंबर को वेंकटनगर में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पाएंगी।
उनकी अनुपस्थिति में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि इस रेल सुविधा की शुरुआत के साक्षी बनेंगे।
युवा सांसद प्रतिनिधिमंडल में हिमाद्री सिंह को मिली जगह
जानकारी के अनुसार मार्च 2026 में गठित संसदीय मैत्री समूह के तहत युवा सांसदों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर दिया गया है। इसी क्रम में शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह को भी भारत-उज्बेकिस्तान युवा सांसद प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया गया है।
इस प्रतिनिधिमंडल में सीमित संख्या में युवा सांसदों को शामिल किए जाने के कारण शहडोल संसदीय क्षेत्र के लिए इसे महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। हिमाद्री सिंह आदिवासी बहुल शहडोल संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी भागीदारी को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण अवसर बताया जा रहा है।
भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों के लिहाज से भी दौरा महत्वपूर्ण
सांसद का प्रस्तावित उज्बेकिस्तान दौरा भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संसदीय तथा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। युवा सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से दोनों देशों के बीच संसदीय संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
इस दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल विभिन्न कार्यक्रमों और बैठकों में हिस्सा ले सकता है। सांसद हिमाद्री सिंह इस प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से शहडोल सहित मध्य प्रदेश का भी प्रतिनिधित्व करेंगी।
रेल कनेक्टिविटी मजबूत होने से क्षेत्रीय विकास को मिलेगा लाभ
वेंकटनगर स्टेशन पर नर्मदा एक्सप्रेस का ठहराव बहाल होने का असर केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर रेल कनेक्टिविटी स्थानीय कारोबार और आर्थिक गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
वेंकटनगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार संबंधी कार्यों के लिए अन्य शहरों की यात्रा करते हैं। लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेन का स्थानीय स्टेशन पर ठहराव होने से ऐसे यात्रियों को दूसरे बड़े स्टेशनों तक जाने की आवश्यकता कम होगी।
5 सितंबर से नर्मदा एक्सप्रेस का वेंकटनगर में ठहराव शुरू होने के साथ ही कोरोना काल से बंद एक महत्वपूर्ण रेल सुविधा दोबारा पटरी पर लौट आएगी। लंबे समय से इसकी प्रतीक्षा कर रहे क्षेत्र के यात्रियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है।
