सूरजपुर में भीषण सड़क हादसा: खड़े ट्रक से टकराई श्रद्धालुओं की बोलेरो, एक की मौत, पांच घायल
खोपा धाम से दर्शन कर सीतापुर लौट रहे थे श्रद्धालु, सोनवाही जंगल के पास बारिश और अंधेरे के बीच हुआ हादसा
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर रविवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। खोपा धाम से दर्शन कर वापस लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो सड़क पर खड़े एक ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई। हादसे में बोलेरो सवार 56 वर्षीय श्रद्धालु श्याम सुंदर की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया है।
हादसा शहर सीमा से लगे सोनवाही जंगल के पास हुआ। घटना के समय क्षेत्र में तेज बारिश हो रही थी और अंधेरा भी था। बताया जा रहा है कि सड़क पर खड़े ट्रक के पीछे वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए किसी तरह का संकेतक या चेतावनी व्यवस्था नहीं की गई थी। ट्रक के इंडिकेटर भी नहीं जल रहे थे। ऐसे में बोलेरो चालक समय रहते सड़क पर खड़े ट्रक को नहीं देख सका और वाहन सीधे उसके पिछले हिस्से से जा टकराया।
सीतापुर के लिचिरमा गांव से खोपा धाम गए थे श्रद्धालु
जानकारी के अनुसार सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लिचिरमा और आसपास के रहने वाले श्रद्धालु रविवार को धार्मिक यात्रा पर निकले थे। सभी लोग बोलेरो वाहन में सवार होकर सूरजपुर जिले के प्रसिद्ध खोपा धाम दर्शन करने पहुंचे थे। यहां दर्शन और धार्मिक कार्यक्रम के बाद श्रद्धालु देर शाम अपने घर लौट रहे थे।
वापसी के दौरान जब उनकी बोलेरो अंबिकापुर-बनारस मुख्य मार्ग पर सोनवाही जंगल के आसपास पहुंची, तभी सड़क पर खड़ा ट्रक हादसे का कारण बन गया। बारिश के कारण सड़क पर दृश्यता पहले से कम थी और अंधेरा होने से चालक को सामने की स्थिति स्पष्ट दिखाई नहीं दे रही थी।
खड़े ट्रक को नहीं देख पाया बोलेरो चालक
बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर ट्रक खड़ा था, वहां पीछे से आने वाले वाहनों को सतर्क करने के लिए पर्याप्त चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए थे। सामान्य तौर पर सड़क पर वाहन खराब होने या अन्य कारणों से खड़ा करने की स्थिति में पीछे रिफ्लेक्टर, चेतावनी त्रिकोण अथवा लाइट के माध्यम से अन्य वाहन चालकों को सतर्क किया जाता है।
घटना के समय ट्रक के इंडिकेटर भी नहीं जलने की बात सामने आई है। तेज बारिश और अंधेरे के बीच बोलेरो चालक जब तक सड़क पर खड़े ट्रक को देख पाता, तब तक काफी देर हो चुकी थी। बोलेरो तेज टक्कर के साथ ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी।
जोरदार टक्कर के बाद मची अफरा-तफरी
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार श्रद्धालुओं को गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों ने हादसे की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी और घायलों को वाहन से बाहर निकालने में मदद की।
घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर पहुंचाया गया। दुर्घटना में रतनपुर सीतापुर निवासी 56 वर्षीय श्याम सुंदर की जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे की सूचना मिलते ही मृतक के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
पांच श्रद्धालु घायल, अस्पताल में उपचार जारी
इस दुर्घटना में बोलेरो सवार सुभाष, मंजू, राजकुमारी, राजकुमार और सुशीला घायल हुए हैं। सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
हादसे के बाद श्रद्धालुओं के परिजनों को भी घटना की जानकारी दी गई। धार्मिक स्थल से दर्शन कर खुशी-खुशी घर लौट रहे लोगों के साथ अचानक हुए इस हादसे से परिवार और गांव में मातम का माहौल बन गया।
बारिश और अंधेरे ने बढ़ाई मुश्किल
हादसे के समय तेज बारिश को दुर्घटना का एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। बरसात के दौरान सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो जाती है। रात के समय यह समस्या और बढ़ जाती है। ऐसे में मुख्य मार्ग पर बिना पर्याप्त चेतावनी संकेत के किसी भारी वाहन का खड़ा होना पीछे से आ रहे वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बोलेरो चालक को बारिश और अंधेरे के कारण सड़क पर खड़ा ट्रक समय रहते दिखाई नहीं दिया। ट्रक के पीछे पर्याप्त चेतावनी संकेत नहीं होने की बात भी सामने आई है। इसी वजह से बोलेरो सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई।
मुख्य मार्गों पर खड़े भारी वाहन बन रहे हादसों का खतरा
इस दुर्घटना ने एक बार फिर राष्ट्रीय और प्रमुख राजमार्गों पर सड़क किनारे अथवा सड़क पर खड़े किए जाने वाले भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासकर रात और बारिश के दौरान बिना रिफ्लेक्टर, पार्किंग लाइट अथवा अन्य चेतावनी संकेत के खड़े ट्रक दूर से दिखाई नहीं देते हैं।
ऐसी परिस्थितियों में पीछे से आने वाले वाहन चालकों को प्रतिक्रिया के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता और गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। सोनवाही जंगल के पास हुआ यह हादसा भी इसी तरह की परिस्थितियों में होने की जानकारी सामने आई है।
फिलहाल घायलों का मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में उपचार जारी है। हादसे में एक श्रद्धालु की मौत और पांच लोगों के घायल होने से सीतापुर क्षेत्र में शोक का माहौल है। वहीं दुर्घटना की परिस्थितियों को देखते हुए सड़क पर भारी वाहन खड़ा करते समय सुरक्षा और चेतावनी संकेतों का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता एक बार फिर सामने आई है।
