मंदसौर चांदबर्डा दोहरा हत्याकांड का गरोठ पुलिस ने खुलासा किया। बुजुर्ग दंपती की हत्या और चांदी के आमले लूटने के मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार किए गए, जबकि एक आरोपी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
मंदसौर चांदबर्डा दोहरा हत्याकांड: बड़ा खुलासा, 3 आरोपी गिरफ्तार; ₹50 हजार के चांदी के आमले बरामद
रिपोर्टर – प्रियंका गुजराती
मंदसौर/गरोठ।
चांदबर्डा दोहरा हत्याकांड मामले में मंदसौर जिले की गरोठ थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ग्राम चांदबर्डा में खेत पर बनी झोपड़ी में सो रहे बुजुर्ग दंपती की हत्या और महिला के पैरों से चांदी के आमले लूटने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में शामिल एक अन्य आरोपी ने वारदात के बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक मंदसौर विनोद कुमार मीणा ने गरोठ थाना क्षेत्र में बुजुर्ग पति-पत्नी के साथ हुई लूट और हत्या की गंभीर वारदात का शीघ्र खुलासा करने के निर्देश दिए थे। निर्देशों के पालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरोठ राम सनेही मिश्रा और एसडीओपी गरोठ विजय कुमार यादव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गरोठ उप निरीक्षक बलवीर सिंह यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की जांच शुरू की।
खेत की झोपड़ी में सो रहे थे बुजुर्ग दंपती
दिनांक 25 अगस्त 2026 को नारायण पिता देवीलाल बंजारा, निवासी चांदबर्डा ने गरोठ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके माता-पिता देवीलाल और भुलीबाई गांव से दूर खेत पर बनी झोपड़ी में रात के समय सो रहे थे। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने भारी पत्थरों से हमला कर देवीलाल की हत्या कर दी, जबकि भुलीबाई गंभीर रूप से घायल हो गईं।
मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 334/2026, धारा 103(1), 109(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। उपचार के दौरान घायल भुलीबाई की भी मौत हो गई, जिसके बाद मामला दोहरे हत्याकांड में तब्दील हो गया।
चांदबर्डा दोहरा हत्याकांड में चांदी के आमले गायब मिले
विवेचना के दौरान मृतक के पुत्र नारायण ने पुलिस को बताया कि उसकी मां भुलीबाई पैरों में चांदी के भारी आमले पहनती थीं, लेकिन घटना के बाद उनके पैरों में आमले नहीं थे। इससे पुलिस को हत्या के पीछे लूट की आशंका हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साइबर सेल, डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम को मौके पर भेजा। पुलिस टीमों ने गरोठ, शामगढ़ और भानपुरा थाना क्षेत्रों सहित झालावाड़, भवानीमंडी, नीमच और मनासा में भी संदिग्धों की तलाश की।
साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपी गिरफ्तार
चांदबर्डा दोहरा हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस को मिले साक्ष्यों और साइबर सेल से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने कान्हा उर्फ करण, पवन और संतोषबाई उर्फ संता को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। जांच में सामने आया कि संतोषबाई करीब दो वर्ष से अपने पति से अलग होकर चांदबर्डा में अपने माता-पिता के यहां रह रही थी। उसके कान्हा उर्फ करण से प्रेम संबंध बताए गए हैं। करण के मित्र पवन और राजेश भी इस योजना में शामिल थे।
बुजुर्ग दंपती की जानकारी आरोपी महिला ने दी
पुलिस के अनुसार संतोषबाई ने अपने साथियों को जानकारी दी थी कि चांदबर्डा निवासी देवीलाल और भुलीबाई गांव से दूर खेत पर बनी झोपड़ी में अकेले रहते हैं। साथ ही उसने बताया था कि भुलीबाई पैरों में भारी चांदी के आमले पहनती हैं।
इसी जानकारी के आधार पर आरोपियों ने पैसों के लिए लूट की योजना बनाई। 24-25 अगस्त 2026 की दरमियानी रात आरोपी झोपड़ी पर पहुंचे और सो रहे देवीलाल व भुलीबाई पर भारी पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में देवीलाल की मौत हो गई, जबकि भुलीबाई गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसके बाद आरोपियों ने भुलीबाई के पैरों से चांदी के आमले निकाल लिए और मौके से फरार हो गए।
वारदात के बाद आरोपी राजेश कीर ने की कथित आत्महत्या
मामले में शामिल आरोपी राजेश कीर पिता मोहनलाल, निवासी राजगढ़ जिला झालावाड़ राजस्थान, हाल मुकाम मनासा जिला नीमच, ने बुजुर्ग दंपती की हत्या और लूट के बाद कथित तौर पर एक सुसाइड नोट लिखा। पुलिस के अनुसार इसके बाद उसने मनासा स्थित अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पुलिस अब सुसाइड नोट सहित मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है।
₹50 हजार के चांदी के आमले सहित सामान बरामद
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने करीब 50 हजार रुपए कीमत के चांदी के पुराने आमले, वारदात में प्रयुक्त बिना नंबर की हीरो एक्सट्रीम मोटरसाइकिल, करीब 45 हजार रुपए कीमत के तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन, वारदात के दौरान आरोपियों द्वारा पहने गए कथित खून से सने कपड़े तथा घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल किए गए खून से सने बड़े पत्थर जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार चांदबर्डा दोहरा हत्याकांड मामले में आगे की विवेचना एवं वैधानिक कार्रवाई जारी है।
