जन्माष्टमी और आगामी धार्मिक पर्वों को देखते हुए यात्री विकास एवं सुझाव मंच नागदा ने हिसार-कोटा ट्रेन को नागदा होते हुए उज्जैन तक बढ़ाने की मांग की है। मंच के संस्थापक अध्यक्ष एवं संचालक राजेश सकलेचा के अनुसार इस मांग को लेकर 27 माह से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट
नागदा। हिसार-कोटा ट्रेन नागदा-उज्जैन विस्तार की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। जन्माष्टमी पर्व को देखते हुए यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यात्री विकास एवं सुझाव मंच, नागदा ने हिसार-कोटा ट्रेन को नागदा होते हुए उज्जैन तक विस्तारित करने की मांग उठा रखी है। मंच का कहना है कि इस विस्तार से राजस्थान, हरियाणा एवं मध्यप्रदेश के यात्रियों के साथ उज्जैन महाकाल एवं खाटू श्याम के श्रद्धालुओं को भी आवागमन में सुविधा मिल सकेगी।
27 माह से सकलेचा द्वारा किया जा रहा लगातार प्रयास
मंच के संस्थापक अध्यक्ष एवं संचालक राजेश सकलेचा ने बताया कि हिसार-कोटा ट्रेन नागदा-उज्जैन विस्तार की मांग को लेकर पिछले 27 माह से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में रेल मंत्री, सांसद एवं विधायक सहित रतलाम एवं कोटा मंडल के डीआरएम को पत्र सौंपने के साथ ही व्यक्तिगत मुलाकात कर भी यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन विस्तार का आग्रह किया गया है।
पर्व को देखते हुए सकारात्मक पहल का आग्रह
मंच ने रेलवे एवं जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि जन्माष्टमी एवं आने वाले पर्वों को ध्यान में रखते हुए हिसार-कोटा ट्रेन के नागदा-उज्जैन तक विस्तार की दिशा में सकारात्मक पहल की जाए।
मंच के अनुसार, इस सुविधा से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक आवागमन आसान होगा। साथ ही यात्रियों की संख्या बढ़ने से रेलवे की आय में वृद्धि की संभावनाएं भी बन सकती हैं।
विशेष अनारक्षित ट्रेनों के संचालन की मांग
जन्माष्टमी सहित आगामी प्रमुख धार्मिक पर्वों के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए मंच ने विशेष पूर्णतः अनारक्षित ट्रेनों के संचालन का भी आग्रह किया है।
मंच का कहना है कि पर्वों के दौरान सामान्य श्रेणी में यात्रियों का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में विशेष अनारक्षित ट्रेनों का संचालन होने से सामान्य यात्रियों, श्रद्धालुओं एवं परिवारों को अतिरिक्त सुविधा मिल सकेगी।
पूर्व में चलाया जा चुका है अभियान
राजेश सकलेचा ने बताया कि हिसार-कोटा ट्रेन के विस्तार को लेकर पूर्व में नगर में अभियान भी चलाया गया था। इसमें विभिन्न सामाजिक संस्थाओं एवं नागरिकों ने मांग का समर्थन किया था।
सांसद एवं डीआरएम के नाम पत्र भी तैयार किए गए हैं, जिन्हें संबंधित जनप्रतिनिधियों एवं रेलवे अधिकारियों को सौंपा जाएगा। इससे पूर्व पोस्टकार्ड लिखो अभियान के माध्यम से भी नगरवासियों की मांग रेल मंत्री तक पहुंचाई गई थी।
क्षेत्र की अन्य रेल सुविधाओं के लिए भी प्रयास
यात्री विकास एवं सुझाव मंच द्वारा नागदा एवं आसपास के क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार एवं यात्रियों की सुविधा को लेकर अन्य मांगों पर भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इनमें इंदौर-फतेहाबाद-रतलाम-नागदा-उज्जैन-देवास-इंदौर सर्कुलर ट्रेन, कोटा-नागदा ट्रेन का रतलाम तक विस्तार, इंदौर-नागदा के बीच वंदे मेट्रो, इंदौर से पालीताना वंदे भारत तथा प्रमुख धार्मिक पर्वों पर अतिरिक्त विशेष ट्रेनों के संचालन की मांग शामिल है।
मंच ने कहा कि इन सभी प्रयासों का उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध नहीं, बल्कि यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत करना है। मंच ने उम्मीद जताई कि रेलवे एवं जनप्रतिनिधि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन मांगों पर सकारात्मक विचार करेंगे।
यात्री विकास एवं सुझाव मंच के इन पदाधिकारियों ने उठाई मांग
यात्री विकास एवं सुझाव मंच की ओर से परामर्शदाता कैलाश सनोलिया, पंकज मारू; संयोजक चेतन यादव, सुनील त्रिवेदी, भवानीसिंह देवड़ा; अध्यक्ष नितीन जैन; सचिव रवि चौहान; कोषाध्यक्ष दीपक जैन; उपाध्यक्ष सुमेरसिंह सिसोदिया, राजा कर्नावट, शंकर पप्पू प्रजापत; मीडिया प्रभारी जीवनलाल जैन; पीआरओ गौतम लश्करी सहित संगठन से जुड़े पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मांग उठाई है।
संगठन समन्वय सदस्यों में सी.एम. अतुल, निलेश सोलंकी जैन, प्रमोद कोठारी, हिमांशु वासु ओझा, दिनेश सोलंकी, दिनेश सेठिया, अर्जुन राजेरिया, प्रकाश मालपानी, डॉ. सी.एन. शुक्ला और भूपेन्द्र चौहान आदि शामिल हैं।
मंच का कहना है कि यात्रियों की सुविधाओं और नागदा की रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए आगे भी प्रयास जारी रखे जाएंगे।
