राष्ट्रीय खेल दिवस पर शासकीय महाविद्यालय आठनेर में विविध खेल प्रतियोगिताएं, विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह
मेजर ध्यानचंद की जयंती पर खेल प्रश्नोत्तरी, शतरंज, कैरम, कबड्डी और रस्साकशी का आयोजन; विद्यार्थियों को बताए खेलों में करियर के अवसर
आठनेर शासकीय महाविद्यालय आठनेर के क्रीड़ा विभाग द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओं और जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। महान हॉकी खिलाड़ी एवं भारतीय खेल जगत के गौरव मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेलों के प्रति रुचि एवं जागरूकता बढ़ाने के साथ शारीरिक सक्रियता को प्रोत्साहित करना तथा खेलों के माध्यम से अनुशासन, नेतृत्व, टीमवर्क और व्यक्तित्व विकास के महत्व को समझाना रहा।
प्राचार्य डॉ. सरोज पाटिल ने दिलाई खेल भावना की शपथ
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज पाटिल रहीं। मंच संचालन प्रो. प्रमोद गायकवाड़ ने किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन एवं व्यवस्थापन क्रीड़ा अधिकारी पिनहास दास वाडिवा के मार्गदर्शन में किया गया।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. सरोज पाटिल ने विद्यार्थियों और उपस्थित सदस्यों को खेल भावना, अनुशासन एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ दिलाई। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों में भी नियमित रूप से भाग लेने का आह्वान किया।
शतरंज से कबड्डी तक कई प्रतियोगिताओं का आयोजन
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में खेल प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के साथ पुरुष एवं महिला वर्ग के लिए पुश-अप एवं प्लैंक होल्ड चैलेंज आयोजित किया गया।
इसके अलावा शतरंज प्रतियोगिता, कैरम प्रतियोगिता, महिला कबड्डी प्रदर्शन मैच तथा पुरुष एवं महिला वर्ग की रस्साकशी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिताओं के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने खेल भावना, अनुशासन और टीमवर्क का परिचय देते हुए बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास किया। विभिन्न प्रतियोगिताओं के संचालन एवं मूल्यांकन में मुख्य निर्णायक प्रो. आशीष धोटे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विद्यार्थियों को बताए खेलों में करियर के अवसर
कार्यक्रम के दौरान क्रीड़ा अधिकारी पिनहास दास वाडिवा ने ‘खेलों में करियर की संभावनाएं’ विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने खेल क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न रोजगार और करियर विकल्पों की जानकारी देते हुए नियमित खेल अभ्यास के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान समय में खेल केवल मनोरंजन अथवा शारीरिक गतिविधि तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इस क्षेत्र में भी युवाओं के लिए अनेक संभावनाएं मौजूद हैं। विद्यार्थियों को अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप खेलों में आगे बढ़ने के लिए निरंतर अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया गया।
खेल सिखाते हैं अनुशासन और नेतृत्व: डॉ. सरोज पाटिल
प्राचार्य डॉ. सरोज पाटिल ने ‘खेलों के माध्यम से अनुशासन’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि खेल केवल व्यक्ति की शारीरिक क्षमता का विकास नहीं करते, बल्कि उसके संपूर्ण व्यक्तित्व को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
खेलों के माध्यम से समय प्रबंधन, धैर्य, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सहयोग और टीम भावना जैसे गुण विकसित होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने दैनिक जीवन में किसी न किसी खेल अथवा शारीरिक गतिविधि को शामिल करने का आह्वान किया।
स्वस्थ जीवन के लिए नियमित शारीरिक गतिविधि जरूरी
डॉ. गजानंद ठाकरे ने ‘दैनिक जीवन में शारीरिक गतिविधि का महत्व’ विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने नियमित व्यायाम एवं शारीरिक गतिविधियों को स्वस्थ जीवनशैली का आवश्यक हिस्सा बताया।
वहीं प्रो. भूपेंद्र अहिरवार ने ‘खेलों के माध्यम से स्वस्थ कैसे रहें’ विषय पर जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और खेल गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को खेलों से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक लाभों की जानकारी भी दी गई। साथ ही उन्हें खेल क्षेत्र में उपलब्ध करियर की विभिन्न संभावनाओं से परिचित कराया गया।
विद्यार्थियों में दिखा उत्साह और टीम भावना


खेल प्रतियोगिताओं के दौरान छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। विशेष रूप से कबड्डी, रस्साकशी, शतरंज और कैरम जैसी गतिविधियों में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि शिक्षा के साथ खेल भी व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। नियमित खेल गतिविधियां व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्रिय रखने के साथ मानसिक दृढ़ता और सामाजिक सहभागिता को भी मजबूत करती हैं।
स्टाफ और विद्यार्थियों की रही सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में प्रो. माधुरी तुम्बेकर, डॉ. साधना ठाकुर, डॉ. निर्मल बिस्वास, प्रो. हरिकिशन कोगे, डॉ. सुरेंद्र जितपुरे, डॉ. शिवशंकर भरतपुरे सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन, स्वास्थ्य जागरूकता, टीम भावना एवं नेतृत्व क्षमता विकसित करने की दिशा में सार्थक रहा। आयोजन को सफल बनाने में महाविद्यालय प्रशासन, क्रीड़ा विभाग, कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों, मुख्य निर्णायक, समस्त स्टाफ और विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
