बमोरी में संत शिरोमणि रविदास जयंती वर्ष पर निकली भव्य कलश वंदन रथ यात्रा, जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत
ग्राम लपचोरा से शुरू हुई यात्रा मुंदौल चौराहा, नोनपुरा, बमोरी और डूमेला होते हुए पहुंची मुहाल कॉलोनी; भाजपा कार्यकर्ताओं, ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ की सहभागिता
संवाददाता : अरुण लोधा
बमोरी/गुना। संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के पावन अवसर पर भाजपा मंडल बमोरी द्वारा भव्य कलश वंदन रथ यात्रा का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ निकाली गई इस यात्रा में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। यात्रा के पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कलश वंदन रथ यात्रा का शुभारंभ ग्राम लपचोरा से किया गया। यहां से यात्रा विभिन्न गांवों और प्रमुख स्थानों से गुजरते हुए आगे बढ़ी। यात्रा के स्वागत के लिए मार्ग में कई स्थानों पर ग्रामीण पहले से मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर रथ यात्रा का स्वागत किया।
यात्रा मुंदौल चौराहा, नोनपुरा, बमोरी और डूमेला सहित विभिन्न स्थानों से होते हुए मुहाल कॉलोनी पहुंची, जहां इसका भव्य रूप से समापन किया गया।
ग्राम लपचोरा से हुआ रथ यात्रा का शुभारंभ
संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कलश वंदन रथ यात्रा को लेकर सुबह से ही कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में उत्साह दिखाई दिया। ग्राम लपचोरा से यात्रा की शुरुआत की गई, जिसके बाद यह निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ी।
यात्रा के दौरान संत रविदास जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके जीवन, विचारों और सामाजिक संदेश को याद किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में रथ यात्रा के पहुंचने पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने इसका स्वागत किया।
यात्रा के आयोजन का उद्देश्य संत शिरोमणि रविदास जी के विचारों और उनके सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
मुंदौल चौराहे पर पुष्पवर्षा कर किया स्वागत
लपचोरा से प्रारंभ हुई यात्रा जब मुंदौल चौराहे पर पहुंची तो स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा के साथ इसका स्वागत किया। रथ के दर्शन और यात्रा में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
यात्रा के दौरान धार्मिक और सामाजिक उत्साह का वातावरण बना रहा। कई स्थानों पर लोगों ने यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं का भी स्वागत किया।
इसके बाद रथ यात्रा नोनपुरा की ओर रवाना हुई। नोनपुरा में भी ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक यात्रा का अभिनंदन किया।
बमोरी पहुंचने पर दिखाई दिया विशेष उत्साह
कलश वंदन रथ यात्रा के बमोरी पहुंचने पर श्रद्धालुओं और भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर रथ यात्रा का स्वागत किया और संत शिरोमणि रविदास जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
यात्रा में भाजपा मंडल से जुड़े पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी शामिल रहे। विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों की सहभागिता के कारण यात्रा का स्वरूप भव्य दिखाई दिया।
आयोजकों ने बताया कि संत रविदास जी ने अपने जीवन और विचारों के माध्यम से समाज को समानता, भाईचारे और मानवता का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को आपसी सद्भाव और समरसता के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
डूमेला से मुहाल कॉलोनी तक हुआ स्वागत
बमोरी के बाद यात्रा डूमेला पहुंची। यहां भी ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने यात्रा का स्वागत किया। रथ यात्रा जैसे-जैसे अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ी, इसमें स्थानीय लोगों की सहभागिता देखने को मिली।
डूमेला से होते हुए यात्रा मुहाल कॉलोनी पहुंची। मुहाल कॉलोनी में स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं द्वारा यात्रा का स्वागत किया गया। यहां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कलश वंदन रथ यात्रा का भव्य समापन हुआ।
पूरे यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा और स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए। इससे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया।
संत रविदास के सामाजिक समरसता के संदेश को किया याद

संत शिरोमणि रविदास जी भारतीय संत परंपरा के प्रमुख संतों में माने जाते हैं। उनकी वाणी और विचारों में सामाजिक समानता, मानवता, श्रम की गरिमा और भेदभाव से मुक्त समाज की भावना प्रमुख रूप से दिखाई देती है।
कलश वंदन रथ यात्रा के माध्यम से संत रविदास जी के इन्हीं विचारों को याद किया गया। आयोजन से जुड़े लोगों ने कहा कि संत रविदास जी की शिक्षाएं समाज को एकजुट रखने और प्रत्येक व्यक्ति को समान सम्मान देने का संदेश देती हैं।
कार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में शामिल हुए ग्रामीण
रथ यात्रा में भारतीय जनता पार्टी के मंडल स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न गांवों के ग्रामीण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा जिस भी गांव और प्रमुख स्थान से गुजरी, वहां स्थानीय लोगों ने उत्साह के साथ स्वागत किया।
कार्यकर्ताओं ने संत रविदास जी के जीवन और उनके संदेश को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।
यात्रा के दौरान अनुशासन और धार्मिक आस्था के साथ श्रद्धालु निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ते रहे।
मुहाल कॉलोनी में हुआ भव्य समापन
ग्राम लपचोरा से शुरू हुई कलश वंदन रथ यात्रा मुंदौल चौराहा, नोनपुरा, बमोरी और डूमेला सहित विभिन्न क्षेत्रों से गुजरने के बाद मुहाल कॉलोनी पहुंची। यहां यात्रा का भव्य स्वागत किया गया और कार्यक्रम का समापन हुआ।
आयोजन में भाजपा के कार्यकर्ताओं, स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। संत शिरोमणि रविदास जी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ उनके बताए सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।
इस प्रकार संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित कलश वंदन रथ यात्रा ने बमोरी क्षेत्र में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और समरसता का संदेश दिया।
