गुरुदर्शन की पावन धारा में निकलेगी तीन दिवसीय ‘संयम वंदन यात्रा’, 3 सितंबर को जावरा से होगा शुभारंभ
संवाददाता – ब्रजेश बोहरा
जावरा। अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन महिला परिषद की मध्यप्रदेश प्रांतीय इकाई की अध्यक्षा श्रीमती सारिका धर्मेन्द्र कोलन के नेतृत्व में तीन दिवसीय आध्यात्मिक ‘संयम वंदन यात्रा’ का आयोजन 3 से 5 सितंबर तक किया जाएगा। यात्रा का शुभारंभ 3 सितंबर को सुबह 7 बजे जावरा से होगा। तीन दिनों के दौरान यात्रा प्रदेश के विभिन्न नगरों और चातुर्मास स्थलों से होकर गुजरेगी तथा नागेश्वर तीर्थ पहुंचकर संपन्न होगी।
यात्रा का मुख्य उद्देश्य युगप्रभावक गुरुदेव पुण्यसम्राट श्रीमद् विजय जयन्तसेन सूरिश्वर जी महाराजा के समुदायवर्ती श्रमण एवं श्रमणी भगवंतों के दर्शन-वंदन, प्रवचन श्रवण और आध्यात्मिक मार्गदर्शन का लाभ प्राप्त करना है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु विभिन्न स्थानों पर विराजित गुरु भगवंतों के दर्शन कर धर्म आराधना में सहभागी होंगे।
गुरु दर्शन और धर्म आराधना को समर्पित रहेगी यात्रा
अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन महिला परिषद की मध्यप्रदेश प्रांतीय इकाई द्वारा आयोजित इस यात्रा को लेकर समाजजनों और महिला परिषद की सदस्यों में उत्साह है। तीन दिनों की यात्रा में गुरु दर्शन के साथ प्रवचन श्रवण, वंदन और विभिन्न धार्मिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार संयम वंदन यात्रा केवल विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा नहीं, बल्कि गुरु भक्ति, धर्म साधना और आध्यात्मिक चिंतन का अवसर भी होगी। श्रद्धालुओं को अलग-अलग चातुर्मास स्थलों पर विराजमान श्रमण-श्रमणी भगवंतों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
3 सितंबर को सुबह 7 बजे जावरा से प्रस्थान
यात्रा के पहले दिन 3 सितंबर को सुबह 7 बजे जावरा से यात्रा दल रवाना होगा। इसके बाद श्रद्धालु खाचरोद पहुंचेंगे, जहां नवकारसी का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
खाचरोद में धार्मिक कार्यक्रम के बाद सुबह करीब 9 बजे यात्रा भाटपचलाना की ओर प्रस्थान करेगी। अलग-अलग स्थानों पर गुरु भगवंतों के दर्शन-वंदन करते हुए श्रद्धालु आगे बढ़ेंगे।
दोपहर करीब 12 बजे लाबरिया में भोजन की व्यवस्था रहेगी। भोजन के पश्चात यात्रा दल रिंगनोद के लिए रवाना होगा।
रिंगनोद और राजगढ़ से होते हुए पहुंचेगी मोहनखेड़ा
पहले दिन दोपहर करीब 3 बजे यात्रा दल रिंगनोद पहुंचेगा। यहां निर्धारित धार्मिक कार्यक्रमों के बाद अपराह्न करीब 4 बजे राजगढ़ पहुंचने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
इसके पश्चात श्रद्धालु प्रसिद्ध मोहनखेड़ा तीर्थ की ओर रवाना होंगे। यहां श्री जयन्तसेन म्यूजियम पहुंचकर धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों में सहभागिता की जाएगी।
मोहनखेड़ा तीर्थ में ही यात्रा दल के लिए भोजन और रात्रि विश्राम की व्यवस्था निर्धारित की गई है। पहले दिन की यात्रा गुरु दर्शन और तीर्थ वंदन के साथ पूर्ण होगी।
दूसरे दिन झाबुआ में नवकारसी, दर्शन और प्रवचन
यात्रा के दूसरे दिन 4 सितंबर को श्रद्धालु झाबुआ पहुंचेंगे। यहां नवकारसी के साथ गुरु भगवंतों के दर्शन-वंदन और प्रवचन श्रवण का कार्यक्रम रहेगा।
श्रद्धालु गुरु भगवंतों के श्रीमुख से धर्मोपदेश सुनकर आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त करेंगे। प्रवचन के बाद यात्रा दल अगले पड़ाव पारा के लिए प्रस्थान करेगा।
पारा में श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था रहेगी। इसके बाद यात्रा पुनः आगे बढ़ेगी और विभिन्न चातुर्मास स्थलों पर गुरु दर्शन का क्रम जारी रहेगा।
बाग, खटाली और कुक्षी से होते हुए इंदौर पहुंचेगा यात्रा दल
दूसरे दिन दोपहर करीब 3 बजे यात्रा दल बाग पहुंचेगा। इसके बाद अपराह्न करीब 4 बजे खटाली पहुंचने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
खटाली से यात्रा कुक्षी पहुंचेगी, जहां समय और परिस्थितियों के अनुसार दर्शन-वंदन तथा अन्य धार्मिक कार्यक्रम संपन्न किए जाएंगे। कुक्षी में गुरु भगवंतों के दर्शन का लाभ लेने के बाद श्रद्धालु भोजन करेंगे।
इसके पश्चात यात्रा दल इंदौर के लिए रवाना होगा। दूसरे दिन का रात्रि विश्राम इंदौर में निर्धारित किया गया है।
5 सितंबर को इंदौर से शुरू होगा अंतिम चरण
तीन दिवसीय संयम वंदन यात्रा का अंतिम चरण 5 सितंबर को इंदौर से प्रारंभ होगा। यहां नवकारसी और भोजन के बाद यात्रा दल दोपहर करीब 3 बजे उज्जैन के लिए प्रस्थान करेगा।
उज्जैन से आगे बढ़ते हुए श्रद्धालु शाम करीब 5 बजे महिदपुर सिटी पहुंचेंगे। यहां भोजन का कार्यक्रम रखा गया है। इसके बाद यात्रा का अगला पड़ाव महिदपुर रोड रहेगा।
शाम करीब 7 बजे यात्रा दल महिदपुर रोड पहुंचेगा। यहां निर्धारित दर्शन-वंदन एवं धार्मिक कार्यक्रमों के बाद श्रद्धालु आगे रवाना होंगे।
आलोट से नागेश्वर तीर्थ पहुंचेगी यात्रा
यात्रा के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रात करीब 8 बजे यात्रा दल आलोट पहुंचेगा। आलोट से श्रद्धालु अंतिम पड़ाव नागेश्वर तीर्थ की ओर प्रस्थान करेंगे।
नागेश्वर तीर्थ पहुंचकर तीन दिनों तक चलने वाली संयम वंदन यात्रा का विधिवत समापन किया जाएगा। इस तरह जावरा से प्रारंभ होकर अनेक नगरों और धार्मिक स्थलों से गुजरने वाली यात्रा नागेश्वर तीर्थ पर पूर्ण होगी।
धर्म, दर्शन और गुरु मार्गदर्शन का मिलेगा लाभ
प्रांतीय अध्यक्षा श्रीमती सारिका धर्मेन्द्र कोलन के नेतृत्व में आयोजित यात्रा में श्रद्धालुओं को गुरु भगवंतों के दर्शन के साथ उनके श्रीमुख से धर्मोपदेश सुनने और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों का मानना है कि गुरु भगवंतों का सानिध्य जीवन में संयम, धर्म, संस्कार और आत्मचिंतन की भावना को मजबूत करता है। इसी उद्देश्य से यात्रा के कार्यक्रम में अधिक से अधिक चातुर्मास स्थलों को शामिल किया गया है।
तीन दिनों के दौरान श्रद्धालु नवकारसी, दर्शन-वंदन, प्रवचन और अन्य धार्मिक गतिविधियों में सहभागिता कर सकेंगे।
महिला परिषद ने श्रद्धालुओं से किया सहभागिता का आग्रह
अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन महिला परिषद की मध्यप्रदेश प्रांतीय इकाई ने धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से इस संयम वंदन यात्रा में सहभागी होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।
मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा ने बताया कि यात्रा का निर्धारित समय और कार्यक्रम स्थानीय परिस्थितियों, यातायात तथा यात्रा की गति को देखते हुए आवश्यकतानुसार परिवर्तित किया जा सकता है।
आयोजकों के अनुसार तीन दिवसीय संयम वंदन यात्रा गुरु भक्ति, संयम, संस्कार और धर्म आराधना का संगम बनेगी। जावरा से नागेश्वर तीर्थ तक विभिन्न धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली इस यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं को गुरु दर्शन के साथ जैन धर्म की आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़ने का विशेष अवसर प्राप्त होगा।
