करैरा में कानून-व्यवस्था को लेकर सर्वसमाज ने सौंपा ज्ञापन, आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग
जितेंद्र कुमार गौर जिला ब्यूरो शिवपुरी
शिवपुरी/करैरा। करैरा और पिछोर क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, कथित जातिसूचक अपमान और महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर सर्वसमाज में नाराजगी सामने आई है। ब्राह्मण, जाटव, क्षत्रिय (राजपूत) समाज सहित विभिन्न वर्गों के नागरिकों ने एकजुट होकर एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोपी आजाद लोधी निवासी बेसोरा के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
सर्वसमाज की ओर से दिए गए ज्ञापन में करैरा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और कथित रूप से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की गई। ज्ञापन एसडीएम/एसडीओपी करैरा के माध्यम से कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट शिवपुरी तथा पुलिस अधीक्षक के नाम सौंपा गया।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोष सिद्ध होने पर संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।
जातिसूचक टिप्पणी का लगाया आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि आरोपी द्वारा जाटव समाज से जुड़े एक व्यक्ति के साथ सार्वजनिक रूप से कथित जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमान किया गया। सर्वसमाज ने इसे गंभीर मामला बताते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण कानून के तहत जांच और कार्रवाई की मांग की है।
इसके अलावा ज्ञापन में फोन पर बातचीत के दौरान ब्राह्मण समाज सहित अन्य समाजों की महिलाओं के प्रति कथित आपत्तिजनक एवं अशोभनीय भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
पहले से दर्ज मामलों का भी उल्लेख
सर्वसमाज ने अपने ज्ञापन में दावा किया है कि आरोपी के खिलाफ अलग-अलग थानों में तीन एफआईआर दर्ज हैं। प्रतिनिधियों का आरोप है कि इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्र में कानून का भय कम होने की स्थिति बन रही है।
ज्ञापन में पुलिस प्रशासन से सभी पुराने और नए मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
कथित ऐप गतिविधियों की साइबर जांच की मांग
ज्ञापन में ‘गागा ऐप’ समेत कुछ कथित ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सर्वसमाज का दावा है कि कुछ माध्यमों का इस्तेमाल कथित रूप से अश्लील सामग्री, ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली जैसी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है।
प्रतिनिधियों ने मांग की है कि साइबर सेल पूरे मामले की तकनीकी जांच करे और यदि कोई अवैध गतिविधि सामने आती है तो उससे जुड़े सभी लोगों की भूमिका की जांच की जाए। इन आरोपों की भी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सामाजिक सौहार्द को लेकर जताई चिंता
सर्वसमाज ने कहा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा जाति, समुदाय या महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल सामाजिक माहौल के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। प्रतिनिधियों ने प्रशासन से समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई कर क्षेत्र में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को राजनीतिक या सामाजिक प्रभाव के आधार पर विशेष संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
चार प्रमुख मांगें रखीं
ज्ञापन में सर्वसमाज ने प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, कथित ऑनलाइन गतिविधियों की साइबर जांच, परिस्थितियों के अनुसार NSA या जिला बदर जैसी वैधानिक कार्रवाई पर विचार तथा कानून-व्यवस्था में लापरवाही की स्थिति में अधिकारियों की जवाबदेही तय करना शामिल है।
प्रतिनिधियों ने कहा कि कार्रवाई कानून और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए।
शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी
सर्वसमाज ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि शिकायतों पर समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे। प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखते हुए कथित घटनाओं की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग करना है।
फिलहाल ज्ञापन सौंपे जाने के बाद प्रशासन और पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। मामले में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
