श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी बाबा रामदेव सेवा समिति, सावनभर कांवड़ियों के लिए भोजन-विश्राम की निशुल्क व्यवस्था
रिपोर्टर: मनोज कुमार पुष्पद
पड़ाना। सावन माह में धार्मिक यात्राओं पर निकलने वाले श्रद्धालुओं की सेवा को लेकर बाबा रामदेव सेवा समिति पड़ाना ने लगातार दूसरे वर्ष सेवा शिविर की शुरुआत की है। मऊ-पड़ाना मार्ग पर बालक छात्रावास के समीप लगाए गए इस शिविर में कांवड़ यात्रियों के साथ बाबा रामदेव महाराज के दर्शन के लिए पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को निशुल्क चाय, पानी, भोजन और विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। समिति के सदस्य सेवा व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में जुटे हुए हैं।
सावन के दौरान इस मार्ग से बड़ी संख्या में कांवड़िए और अन्य धार्मिक यात्री गुजरते हैं। लंबी पैदल यात्रा के बीच श्रद्धालुओं को भोजन, पेयजल और आराम की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समिति ने सेवा शिविर लगाया है। यात्रियों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे धार्मिक यात्रा के दौरान बड़ी राहत बताया है।
कालीसिंध से जल लेकर निकलते हैं कांवड़ यात्री
सावन माह में क्षेत्र के श्रद्धालु कालीसिंध नदी से पवित्र जल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। श्रद्धालु सारंगपुर स्थित कपिलेश्वर महादेव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। कई कांवड़ यात्री उज्जैन स्थित प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर तक भी यात्रा करते हैं।
लंबी दूरी तय करने वाले इन श्रद्धालुओं को रास्ते में भोजन, पानी और कुछ समय आराम की आवश्यकता होती है। इसी को देखते हुए बाबा रामदेव सेवा समिति ने मऊ-पड़ाना मार्ग पर शिविर स्थापित कर यात्रियों की सेवा का संकल्प लिया है।
रुणीजा जाने वाले पैदल श्रद्धालुओं को भी मिल रही सुविधा
यह मार्ग केवल कांवड़ यात्रियों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि राजस्थान के रुणीजा स्थित बाबा रामदेव महाराज के दर्शन के लिए जाने वाले पैदल श्रद्धालु भी यहां से गुजरते हैं। धार्मिक आस्था के साथ लंबी दूरी पैदल तय करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सावन और बाबा रामदेव से जुड़े धार्मिक अवसरों के दौरान बढ़ जाती है।
समिति की ओर से शिविर में पहुंचने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए यथासंभव सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां आने वाले यात्रियों को पानी और चाय के साथ भोजन कराया जाता है। इसके अलावा थके हुए श्रद्धालुओं के लिए विश्राम की व्यवस्था भी की गई है।
सुबह-शाम होती है बाबा रामदेव महाराज की आरती
सेवा शिविर धार्मिक गतिविधियों का केंद्र भी बना हुआ है। समिति के अनुसार यहां प्रतिदिन सुबह और शाम बाबा रामदेव महाराज के चित्र की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। इसके बाद आरती का आयोजन होता है।
आरती में समिति के सदस्यों के साथ आसपास के श्रद्धालु और ग्रामीण भी शामिल होते हैं। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। सेवा और भक्ति को एक साथ जोड़ते हुए समिति के सदस्य यात्रियों की आवश्यकताओं का ध्यान रख रहे हैं।
निशुल्क भोजन और विश्राम से यात्रियों को राहत
पैदल यात्रा के दौरान लगातार कई किलोमीटर चलने से श्रद्धालुओं को थकान का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रास्ते में मिलने वाली भोजन और विश्राम की सुविधा उनके लिए राहत का माध्यम बन रही है।
शिविर में कुछ समय आराम करने के बाद श्रद्धालु आगे की यात्रा के लिए रवाना होते हैं। कांवड़ियों और बाबा रामदेव महाराज के दर्शन के लिए जाने वाले यात्रियों ने समिति के सदस्यों की सेवा भावना की प्रशंसा की है।
लगातार दूसरे वर्ष लगाया गया सेवा शिविर
बाबा रामदेव सेवा समिति द्वारा इस तरह का आयोजन लगातार दूसरे वर्ष किया जा रहा है। समिति का उद्देश्य धार्मिक यात्रियों की सेवा करना और यात्रा के दौरान उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
समिति के सदस्यों के साथ गांव के अन्य श्रद्धालु भी आयोजन में अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग कर रहे हैं। कोई भोजन सामग्री उपलब्ध करा रहा है तो कोई सेवा कार्यों में समय देकर सहयोग कर रहा है। सामूहिक सहभागिता से शिविर की व्यवस्थाओं को संचालित किया जा रहा है।
समिति के सदस्य संभाल रहे सेवा व्यवस्था
सेवा शिविर की व्यवस्थाओं में दुलीचंद कटारिया, बाबूलाल गुवाहाटी, रमेशचंद वर्मा, रामचरण वर्मा, प्रभुलाल वर्मा, तेजाजी, छोटूलाल वर्मा, देवचंद वर्मा, बिहारीलाल वर्मा, भंवरलाल मालवीय बरूखेड़ी और रामबाबू वर्मा सहित समिति के सदस्य सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।
इनके अलावा पड़ाना और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी श्रद्धालु सेवा कार्य में योगदान दे रहे हैं। समिति के सदस्यों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सेवा करना उनके लिए धार्मिक आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों का हिस्सा है।
करीब सवा माह तक जारी रहेगा सेवा आयोजन
समिति के अनुसार सेवा शिविर करीब सवा माह तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान मार्ग से गुजरने वाले कांवड़ यात्रियों और बाबा रामदेव महाराज के श्रद्धालुओं को लगातार भोजन, पानी, चाय और विश्राम की सुविधा देने का प्रयास किया जाएगा।
सेवा आयोजन का समापन बाबा रामदेव महाराज की दूज के अवसर पर किया जाएगा। इस दिन विशेष भंडारे का आयोजन करने की तैयारी है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
सावन के धार्मिक माहौल के बीच बाबा रामदेव सेवा समिति का यह सेवा शिविर क्षेत्र में श्रद्धा के साथ सामाजिक सहयोग का भी उदाहरण बन रहा है। समिति का प्रयास है कि लंबी धार्मिक यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को रास्ते में किसी तरह की परेशानी न हो और वे आराम करने के बाद अपनी आगे की यात्रा सुगमता से पूरी कर सकें।
