श्रद्धा, साधना और स्वाध्याय से अंतः ऊर्जा जागरण का संदेश
गायत्री परिवार की एक दिवसीय कार्यशाला में कार्यकर्ताओं को मिला प्रशिक्षण, विश्व कल्याण की प्रार्थना के साथ हुआ समापन
Manawar, धार। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में गायत्री परिवार तहसील संगठन मनावर द्वारा ग्राम खंडलाई जागीर स्थित गायत्री चेतना केंद्र में बुधवार को एक दिवसीय ‘अंतः ऊर्जा जागरण’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मनावर तहसील के साथ आसपास के विभिन्न गांवों से पहुंचे गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यशाला का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को साधना, स्वाध्याय, योग, यज्ञ और संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ते हुए उनके व्यक्तित्व विकास तथा आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करना रहा। गायत्री परिवार कार्यकर्ता गिरधारी लाल मालवीय ने बताया कि कार्यशाला के दौरान सुबह 4:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक अलग-अलग प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में जप, तप, स्वाध्याय, साधना, आराधना, योग एवं व्यायाम के साथ यज्ञ और कर्मकांड से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं को एक दिन पहले रात्रि में ही गायत्री चेतना केंद्र पहुंचने के लिए बुलाया गया था। निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सुबह से ही विभिन्न आध्यात्मिक एवं प्रशिक्षण गतिविधियां शुरू की गईं।
श्रद्धा और समर्पण से आगे बढ़ाएं गुरुदेव के कार्य
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गायत्री परिवार के जिला संयोजक हीरालाल पाटीदार ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुदेव के विचारों और गायत्री परिवार की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए श्रद्धा, निष्ठा और समर्पण जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी भी सकारात्मक परिवर्तन की शुरुआत स्वयं से करनी चाहिए।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि पहले स्वयं गायत्री परिवार की विचारधारा और गतिविधियों से जुड़ें और इसके बाद अपने परिवार, रिश्तेदारों तथा समाज के अन्य लोगों को भी इससे जोड़ने का प्रयास करें। उन्होंने संगठन के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर सक्रिय रहने की अपील की।
ज्ञान के साथ आचरण को बताया महत्वपूर्ण
विशेष अतिथि एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता डॉ. धन्नालाल पाटीदार ने कहा कि “सौ तोला ज्ञान से आधा तोला आचरण बेहतर होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि व्यक्ति के जीवन में ज्ञान तभी सार्थक होता है, जब उसका प्रभाव उसके व्यवहार और आचरण में दिखाई दे।
उन्होंने परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के जीवन और कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुदेव ज्ञान, दान और तप की भावना से युक्त थे। उनके युग परिवर्तन संबंधी कार्यों एवं विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

जप, तप और साधना के साथ यज्ञ का प्रशिक्षण
एक दिवसीय कार्यशाला में कार्यकर्ताओं को नियमित साधना के महत्व के साथ जप, तप और स्वाध्याय की उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। योग एवं व्यायाम के माध्यम से शरीर को स्वस्थ रखने तथा साधना के माध्यम से मानसिक एकाग्रता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा यज्ञ एवं कर्मकांड से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में गायत्री परिवार के विभिन्न आयोजनों को बेहतर तरीके से संचालित कर सकें। कार्यशाला के माध्यम से कार्यकर्ताओं को व्यक्तिगत साधना के साथ सामाजिक सेवा और संगठनात्मक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक किया गया।
आसपास के गांवों से पहुंचे कार्यकर्ता
कार्यशाला में देवरा सीतापुरी, अजंदी मान, लिंबि, लुन्हेरा, सनमोड़, मोराड़ सहित आसपास के कई गांवों से गायत्री परिवार के कार्यकर्ता शामिल हुए। पूरे दिन चले कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों में भाग लिया और आध्यात्मिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के आयोजन में राकेश कनाश, टंटू किराड़े, सागर सिंह मंडलोई, राकेश किराड़े सहित अन्य कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यकर्ताओं ने कार्यशाला के माध्यम से प्राप्त प्रशिक्षण को अपने-अपने क्षेत्रों में आगे बढ़ाने की भावना व्यक्त की।
संगठन विस्तार और समाज जागरण पर जोर
वक्ताओं ने कहा कि गायत्री परिवार का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत साधना तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक विचारों, संस्कारों और सेवा की भावना को बढ़ावा देना भी है। इसके लिए कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यशाला में यह संदेश भी दिया गया कि व्यक्ति अपने जीवन में अनुशासन, संयम, स्वाध्याय और सेवा को अपनाकर स्वयं में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। जब ऐसे प्रयास सामूहिक रूप से किए जाते हैं तो समाज में भी सकारात्मक वातावरण निर्मित होता है।

भारत सिंह मंडलोई ने जताया आभार
गायत्री चेतना केंद्र ग्राम खंडलाई के व्यवस्थापक भारत सिंह मंडलोई ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यशाला के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करते हैं। इससे उन्हें संगठन की गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने और समाज में आध्यात्मिक एवं रचनात्मक संदेश पहुंचाने की प्रेरणा मिलती है।
विश्व कल्याण की प्रार्थना के साथ समापन
सुबह से शाम तक चले इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन विश्व कल्याण की प्रार्थना के साथ हुआ। कार्यकर्ताओं ने साधना, स्वाध्याय, सेवा और संगठन के कार्यों को आगे बढ़ाने की भावना के साथ कार्यशाला से प्रेरणा ली।
आयोजकों ने बताया कि अंतः ऊर्जा जागरण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को आध्यात्मिक अनुशासन के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने विश्व में शांति, सद्भाव और कल्याण की कामना की।
