—Advertisement—

‘खेलो इंडिया संवाद’ में तिलक वर्मा ने युवाओं को किया प्रेरित, पीएम मोदी की पहल को सराहा

Author Picture
Published On: 27 August 2026
fgdgd

—Advertisement—

‘खेलो इंडिया संवाद’ में तिलक वर्मा ने युवाओं को किया प्रेरित, पीएम मोदी की पहल को सराहा

रायपुर में स्कूली छात्रों से रूबरू हुए भारतीय क्रिकेटर तिलक वर्मा, बोले—खेल से बढ़ता है आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम भावना

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम में भारतीय क्रिकेटर तिलक वर्मा ने स्कूली विद्यार्थियों और युवाओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल की सराहना की। तिलक वर्मा ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का माध्यम बनते हैं और उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान तिलक वर्मा ने विद्यार्थियों से खेल, मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर प्रयास करने जैसे विषयों पर बात की। उन्होंने युवाओं को पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया। उनका कहना था कि खेल केवल पदक या प्रतियोगिता जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पीएम मोदी की पहल की तिलक वर्मा ने की सराहना

तिलक वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश में खेलों और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जब देश के शीर्ष नेतृत्व की ओर से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलता है और खेलों से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, तो इससे खिलाड़ियों के मनोबल और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।

उन्होंने ‘खेलो इंडिया संवाद’ जैसे आयोजनों को युवाओं और खिलाड़ियों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का अच्छा माध्यम बताया। ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों को खेलों के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें अपने पसंदीदा खेल में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी मिलती है।

स्कूली छात्रों को खेलों से जुड़ने का दिया संदेश

कार्यक्रम में मौजूद स्कूली विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए तिलक वर्मा ने खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ शारीरिक गतिविधियों और खेलों के लिए भी समय निकालना चाहिए।

खेल बच्चों को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ मानसिक रूप से भी तैयार करते हैं। मैदान पर मिलने वाली जीत और हार दोनों ही जीवन में महत्वपूर्ण सीख देती हैं। हार के बाद दोबारा प्रयास करना और सफलता मिलने के बाद भी निरंतर मेहनत करते रहना खेल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

खेल से विकसित होता है अनुशासन

तिलक वर्मा ने विद्यार्थियों को बताया कि खेल जीवन में अनुशासन का महत्व समझाते हैं। किसी भी खिलाड़ी के लिए नियमित अभ्यास, समय का सही उपयोग, फिटनेस और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी होता है।

उन्होंने कहा कि खेलों के माध्यम से विकसित होने वाला अनुशासन जीवन के दूसरे क्षेत्रों में भी काम आता है। यही कारण है कि विद्यार्थियों को कम उम्र से ही किसी न किसी खेल गतिविधि से जुड़ना चाहिए। इससे उनके भीतर समय प्रबंधन और जिम्मेदारी जैसे गुण भी विकसित होते हैं।

टीम भावना का मिलता है महत्वपूर्ण सबक

तिलक वर्मा ने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए टीम भावना के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मैदान पर किसी एक खिलाड़ी के प्रदर्शन के बजाय पूरी टीम का सामूहिक प्रयास महत्वपूर्ण होता है। प्रत्येक खिलाड़ी की अपनी जिम्मेदारी होती है और सभी के सहयोग से ही टीम बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।

खेलों से बच्चों में एक-दूसरे का सहयोग करने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और सामूहिक लक्ष्य के लिए काम करने की आदत बनती है। ये गुण आगे चलकर व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में भी उपयोगी साबित होते हैं।

युवाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं ऐसे कार्यक्रम

‘खेलो इंडिया संवाद’ जैसे कार्यक्रमों में जब सफल खिलाड़ी अपने अनुभव विद्यार्थियों के साथ साझा करते हैं, तो युवाओं को उनके संघर्ष और सफलता के सफर से सीखने का अवसर मिलता है। तिलक वर्मा ने भी विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर उसके लिए लगातार मेहनत करने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि प्रतिभा के साथ मेहनत और निरंतरता भी जरूरी है। खेलों में सफलता हासिल करने के लिए खिलाड़ियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखते हुए आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है।

खेलों को करियर के रूप में भी देख रहे युवा

देश में खेलों को लेकर युवाओं का नजरिया तेजी से बदल रहा है। क्रिकेट के अलावा एथलेटिक्स, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती, मुक्केबाजी, फुटबॉल और अन्य खेलों में भी युवा अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में स्कूल स्तर से प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

खेलो इंडिया जैसे मंचों का उद्देश्य भी जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध कराना और खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार करना है। स्कूली छात्रों को अनुभवी और सफल खिलाड़ियों से सीधे संवाद का अवसर मिलने से उनमें खेलों के प्रति रुचि बढ़ सकती है।

रायपुर के विद्यार्थियों के लिए यादगार रहा संवाद

रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तिलक वर्मा की मौजूदगी स्कूली विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र रही। भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी से खेल और जीवन से जुड़ी बातें सुनने का अवसर विद्यार्थियों के लिए खास रहा।

कार्यक्रम के माध्यम से तिलक वर्मा ने संदेश दिया कि सफलता का कोई आसान रास्ता नहीं होता। निरंतर अभ्यास, अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना किसी भी खिलाड़ी की सफलता की मजबूत नींव होती है।

‘खेलो इंडिया संवाद’ के जरिए युवाओं को खेल मैदान से जुड़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया। तिलक वर्मा ने भी उम्मीद जताई कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी खेलों की ओर आकर्षित होगी और भविष्य में देश के लिए बेहतर प्रदर्शन करने वाले नए खिलाड़ी सामने आएंगे।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp