महंगाई के खिलाफ मध्यप्रदेश में कांग्रेस का प्रदर्शन, शक्कर से लेकर पेट्रोल-गैस और बिजली दरों पर सरकार को घेरा
इंदौर। बढ़ती महंगाई के विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को मध्यप्रदेश के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन किया। इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजवाड़ा, मंगल नगर पेट्रोल पंप सहित शहर के 24 ब्लॉक में विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शक्कर, पेट्रोल, घरेलू गैस और बिजली की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
यह आंदोलन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर आयोजित किया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से आम आदमी और मध्यम वर्ग का घरेलू बजट लगातार बिगड़ रहा है।
राजवाड़ा पर शक्कर और पनीर बांटकर जताया विरोध
इंदौर के राजवाड़ा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शक्कर और पनीर बांटकर महंगाई के खिलाफ विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने इस प्रदर्शन को महंगाई के कारण आम परिवारों पर बढ़ रहे आर्थिक दबाव का प्रतीक बताया।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने दावा किया कि शक्कर के दाम में 30 से 35 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में गणेश चतुर्थी, श्राद्ध पक्ष, नवरात्र, दशहरा और दीपावली जैसे त्योहार हैं। ऐसे में शक्कर की बढ़ी कीमत का असर सीधे परिवारों के त्योहार और रसोई के बजट पर पड़ेगा।
‘अबकी बार शक्कर 70 पार’ के पोस्टर
इंदौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में शक्कर की छोटी-छोटी पुड़िया और ‘अबकी बार शक्कर 70 पार’ लिखे पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
कांग्रेस नेता विपिन यादव ने कहा कि सरकार और उसके नेताओं की ओर से महंगाई के बीच कम शक्कर खाने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी संदेश को व्यंग्यात्मक तरीके से लोगों तक पहुंचाने के लिए छोटी पुड़िया बांटी जा रही है।
प्रमोद कुमार द्विवेदी ने भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें महंगी शक्कर के संदर्भ में कम शक्कर खाने की बात कही गई थी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान महंगाई की समस्या का समाधान नहीं हैं।
पेट्रोल, E20 और बिजली दरों का मुद्दा भी उठाया
कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान पेट्रोल और E20 ईंधन के साथ बिजली की बढ़ी दरों का मुद्दा भी उठाया। पार्टी नेताओं का आरोप है कि पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण से वाहनों के माइलेज पर असर पड़ सकता है और इससे वाहन चालकों का खर्च बढ़ता है।
इसके अलावा बढ़ते बिजली बिल और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा। कांग्रेस का कहना है कि पेट्रोल, बिजली, गैस और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ने से आम परिवारों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
मंदसौर में राहगीरों को बांटी शक्कर
मंदसौर में जिला कांग्रेस ने भी महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुआ पैदल मार्च गांधी चौराहा, जिला अस्पताल और सिद्धि विनायक हॉस्पिटल होते हुए सरदार पटेल चौराहे तक पहुंचा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शक्कर, पेट्रोल, E20 ईंधन, बिजली बिल और महंगे गैस सिलेंडर को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान राहगीरों को शक्कर भी वितरित की गई।
तय समय पर तहसीलदार के नहीं पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सरदार पटेल की प्रतिमा के चरणों में रख दिया। बाद में तहसीलदार प्रेम शंकर पटेल मौके पर पहुंचे। विधायक विपिन जैन ने कहा कि महंगाई के कारण आम आदमी और मध्यम वर्ग का बजट प्रभावित हो रहा है।
इटारसी में राखी विक्रेताओं को बांटा फीका हलवा
नर्मदापुरम जिले के इटारसी में नगर कांग्रेस ने जयस्तंभ चौक पर महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान महंगाई पर तंज कसते हुए राखी विक्रेताओं को फीका हलवा वितरित किया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई का असर केवल घरेलू बजट पर ही नहीं, बल्कि त्योहारों के दौरान छोटे कारोबारियों और व्यापारियों पर भी पड़ रहा है।
कांग्रेस ने सरकार से जरूरी वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने और आम लोगों को राहत देने की मांग की।
सेंधवा में रैली निकालकर प्रदर्शन
बड़वानी जिले के सेंधवा विधानसभा क्षेत्र की वरला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने भी प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम वरला तहसीलदार अजय चौहान को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने महंगाई पर नियंत्रण लगाने और आम जनता को राहत देने की मांग की।
चूल्हे पर रोटियां बनाकर किया प्रदर्शन
इंदौर में कांग्रेस ने महंगाई के साथ शहर में अधूरे विकास कार्यों का मुद्दा भी उठाया। हरसिद्धि मंदिर रोड पर हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने चूल्हा जलाकर रोटियां बनाईं और लोगों को खिलाईं।
इसके साथ ही महंगाई पर व्यंग्य करते हुए लोगों को शुगर-फ्री चाय बांटी गई। कांग्रेस नेताओं ने शक्कर, E20 पेट्रोल, बिजली बिल और रसोई गैस की कीमतों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
नेताओं ने आरोप लगाया कि जूनी इंदौर, जबर कॉलोनी और नंदलालपुरा सहित कई क्षेत्रों में लंबे समय से चल रही सड़क खुदाई और निर्माण कार्यों के कारण आवाजाही प्रभावित हो रही है। उनका कहना था कि इससे स्थानीय व्यापारियों के कारोबार पर भी असर पड़ रहा है।
सरकार के खिलाफ लगाए नारे
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने ‘महंगाई मुक्त भारत’ सहित कई नारों वाले पोस्टर और बैनर प्रदर्शित किए।
एक बड़े बैनर पर ‘मोदी तेरा कैसा खेल, सारा शक्कर पी गया तेल’ जैसे नारे लिखे गए थे। कार्यकर्ताओं ने ‘महंगाई डायन खाए जात है’ गीत गाकर भी अपना विरोध जताया।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर लगाए आरोप
जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई कम करने सहित कई बड़े वादे करके सत्ता में आई थी, लेकिन आज आम जनता जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से परेशान है।
उन्होंने कहा कि शक्कर, रसोई गैस और बिजली जैसी आवश्यक चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी से परिवारों का बजट प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महंगाई पर लगाम लगाने की मांग को लेकर पार्टी आगे भी जनता के मुद्दे उठाती रहेगी।
प्रदेश के कई शहरों में प्रदर्शन
कांग्रेस के अनुसार, मध्यप्रदेश में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन इंदौर के अलावा मंदसौर, सेंधवा और इटारसी में भी आयोजित किए गए। अलग-अलग स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली, पैदल मार्च, नारेबाजी और सांकेतिक विरोध के जरिए महंगाई का मुद्दा उठाया।
कांग्रेस का कहना है कि त्योहारों के सीजन से पहले जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतें आम परिवारों के लिए चिंता का विषय हैं। पार्टी ने सरकार से कीमतों पर नियंत्रण और आम जनता को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल कांग्रेस के इन प्रदर्शनों ने मध्यप्रदेश में महंगाई के मुद्दे को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
