MP Transco का बड़ा फैसला: दिवंगत बिजली कर्मचारियों के 43 आश्रित नियमित पदों पर नियुक्त, परिवारों को बड़ी राहत
अनुकंपा आधार पर संविदा पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को मिली नियमित नियुक्ति, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कर्मचारी कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
भोपाल। मध्य प्रदेश में दिवंगत विद्युत कर्मचारियों के परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (MP Transco) ने अनुकंपा आधार पर संविदा पदों पर कार्यरत 43 कर्मचारियों को समकक्ष नियमित पदों पर नियुक्ति प्रदान की है। ये सभी कर्मचारी विद्युत कंपनी के दिवंगत कार्मिकों के आश्रित हैं, जिन्हें पहले अनुकंपा नियुक्ति संविदा नीति के तहत रोजगार दिया गया था।
नई नियुक्ति व्यवस्था के तहत अब इन कर्मचारियों को नियमित पदों पर नियुक्त किया गया है। इनमें कार्यालय सहायक श्रेणी-तीन, सबस्टेशन परिचारक और लाइन परिचारक जैसे पद शामिल हैं। इस फैसले से कर्मचारियों को नियमित सेवा का लाभ मिलने के साथ ही उनके परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस निर्णय को कर्मचारी कल्याण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
43 अनुकंपा संविदा कर्मचारियों को मिली नियमित नियुक्ति
मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी में ऐसे कर्मचारियों को नियमित किया गया है, जिन्हें परिवार के कमाऊ सदस्य और विद्युत कर्मचारी की मृत्यु के बाद अनुकंपा आधार पर संविदा नियुक्ति दी गई थी।
कंपनी की नई नियुक्ति योजना के अंतर्गत इन 43 कर्मचारियों को अब उनके समकक्ष नियमित पदों पर नियुक्ति प्रदान की गई है। लंबे समय से संविदा आधार पर सेवा दे रहे इन कर्मचारियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नियमित नियुक्ति मिलने के बाद संबंधित कर्मचारियों की सेवा शर्तें कंपनी के निर्धारित नियमों के अनुसार लागू होंगी। इससे रोजगार की स्थिरता बढ़ने के साथ भविष्य की आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत होने की संभावना है।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने दी जानकारी
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि विद्युत कंपनियों में दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा आधार पर संविदा पदों पर दी गई नियुक्तियों को नियमित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी प्रक्रिया के तहत MP Transco ने 43 अनुकंपा संविदा कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति प्रदान की है।
उन्होंने इस निर्णय को कर्मचारी हित में महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को राहत मिलेगी। अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य कर्मचारी की असामयिक मृत्यु के बाद उसके परिवार के सामने पैदा होने वाले आर्थिक संकट को कम करना और आश्रित सदस्य को रोजगार का अवसर उपलब्ध कराना है।
इन पदों पर दी गई नियमित नियुक्ति
मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता मानव संसाधन एवं प्रशासन धीरेंद्र सिंह के अनुसार संबंधित कर्मचारियों को पहले अनुकंपा नियुक्ति संविदा नीति के अंतर्गत नियुक्त किया गया था। अब नई नियुक्ति योजना के तहत उन्हें समकक्ष नियमित पदों पर नियुक्त किया गया है।
इन कर्मचारियों में कार्यालय सहायक श्रेणी-तीन, सबस्टेशन परिचारक और लाइन परिचारक पदों पर कार्य करने वाले कर्मचारी शामिल हैं।
विद्युत ट्रांसमिशन व्यवस्था में सबस्टेशन और लाइन से संबंधित पदों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वहीं कार्यालय सहायक प्रशासनिक और विभागीय कार्यों को संचालित करने में सहयोग करते हैं। नियमित नियुक्ति से इन कर्मचारियों को सेवा में अधिक स्थिरता मिलेगी।
OBC वर्ग के सबसे अधिक 20 कर्मचारी
नियमित नियुक्ति पाने वाले 43 कर्मचारियों का वर्गवार विवरण भी सामने आया है। इनमें सामान्य वर्ग के 10, अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC के 20, अनुसूचित जाति के 12 और अनुसूचित जनजाति वर्ग का एक कर्मचारी शामिल है।
इस तरह नियमित किए गए कर्मचारियों में सबसे ज्यादा संख्या अन्य पिछड़ा वर्ग के कर्मचारियों की है। सभी कर्मचारियों को उनकी पात्रता और पूर्व संविदा नियुक्ति के अनुरूप समकक्ष नियमित पदों पर नियुक्त किया गया है।
दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को मिलेगी आर्थिक सुरक्षा
विद्युत विभाग में कार्यरत कर्मचारी की सेवा अवधि के दौरान मृत्यु होने पर उसके परिवार के सामने आर्थिक संकट पैदा हो सकता है। ऐसे परिवारों की सहायता के लिए अनुकंपा नियुक्ति की व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जाती है।
अनुकंपा आधार पर रोजगार मिलने से परिवार के एक पात्र सदस्य को आजीविका का साधन मिलता है। हालांकि संविदा और नियमित नियुक्ति की सेवा शर्तों में अंतर होने के कारण नियमित पद मिलने का महत्व और बढ़ जाता है।
43 कर्मचारियों को नियमित किए जाने से संबंधित परिवारों को दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही कर्मचारियों को अपने रोजगार और भविष्य को लेकर अधिक स्थिरता मिलेगी।
पहले संविदा पर मिली थी अनुकंपा नियुक्ति
इन कर्मचारियों को सीधे नियमित पद पर नियुक्त नहीं किया गया था। कंपनी की अनुकंपा नियुक्ति संविदा नीति के तहत इन्हें पहले संविदा पदों पर अवसर दिया गया था। इसके बाद नई नियुक्ति योजना के तहत नियमित करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
कंपनी की ओर से निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के तहत 43 कर्मचारियों को अब समकक्ष नियमित पद प्रदान किए गए हैं। यह निर्णय उन परिवारों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जिन्होंने अपने परिवार के सदस्य को सेवा के दौरान खोया और बाद में आश्रित सदस्य ने संविदा आधार पर जिम्मेदारी संभाली।
कर्मचारी कल्याण की दिशा में अहम कदम
राज्य सरकार और ऊर्जा विभाग इस फैसले को कर्मचारी कल्याण से जोड़कर देख रहे हैं। नियमित नियुक्ति से कर्मचारियों के भीतर नौकरी की सुरक्षा का भाव मजबूत होने के साथ कार्यस्थल पर स्थायित्व भी बढ़ता है।
ऊर्जा क्षेत्र में लाइन कर्मचारियों और सबस्टेशन परिचारकों की भूमिका चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। बिजली आपूर्ति और ट्रांसमिशन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में इन कर्मचारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। ऐसे में नियमित नियुक्ति कर्मचारियों के मनोबल पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
MP Transco की विद्युत व्यवस्था में अहम भूमिका
मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी प्रदेश में बिजली के ट्रांसमिशन नेटवर्क के संचालन और रखरखाव से जुड़ी महत्वपूर्ण कंपनी है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों तक विद्युत पारेषण व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कंपनी के सबस्टेशन, ट्रांसमिशन लाइन और तकनीकी कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
कंपनी में तकनीकी कर्मचारियों के साथ प्रशासनिक स्टाफ भी व्यवस्था को संचालित करने में योगदान देता है। ऐसे में विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति मानव संसाधन व्यवस्था के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अन्य अनुकंपा कर्मचारियों के लिए भी बढ़ी उम्मीद
MP Transco के 43 अनुकंपा संविदा कर्मचारियों को नियमित किए जाने के बाद विद्युत क्षेत्र में कार्यरत अन्य पात्र संविदा कर्मचारियों के बीच भी उम्मीद बढ़ सकती है। हालांकि आगे किस कर्मचारी को कब नियमित किया जाएगा, यह संबंधित नीतियों, पात्रता और विभागीय प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
फिलहाल 43 परिवारों के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है। दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को संविदा नियुक्ति से आगे बढ़ाकर नियमित पदों पर नियुक्त करने का यह निर्णय उनके रोजगार को स्थिरता देने के साथ सामाजिक सुरक्षा की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
