30 अगस्त को देशभर के 2000 जैन मंदिरों में एक साथ होगा शुद्धिकरण अभियान
पर्युषण महापर्व के स्वागत से पहले जैन समाज की अनूठी पहल
महिदपुर रोड। पर्युषण महापर्व के स्वागत से पहले जैन समाज द्वारा देशभर में जिनालय शुद्धिकरण एवं स्वच्छता का विशेष अभियान चलाया जाएगा। आगामी 30 अगस्त, रविवार को देश के विभिन्न राज्यों में स्थित करीब 2000 जैन मंदिरों में एक साथ शुद्धिकरण और स्वच्छता का कार्य किया जाएगा। यह अभियान जैन श्वेतांबर मालवा महासंघ एवं नवरत्न परिवार के संयुक्त बैनर तले आयोजित होगा।
यह अभियान वर्ष 2011 से लगातार आयोजित किया जा रहा है और इस वर्ष अपने 16वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। धार्मिक आस्था के साथ स्वच्छता को जोड़ने वाला यह अभियान समय के साथ मध्यप्रदेश से निकलकर देश के कई राज्यों तक पहुंच चुका है।
2011 में 200 मंदिरों से हुई थी शुरुआत
अभियान की शुरुआत वर्ष 2011 में मध्यप्रदेश के करीब 200 जैन मंदिरों से हुई थी। धीरे-धीरे इसका विस्तार राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों तक हुआ। वर्तमान में करीब 2000 जिनालय इस अभियान से जुड़े हैं।
आयोजकों के अनुसार अभियान का उद्देश्य जिनालयों को स्वच्छ और पवित्र बनाए रखना तथा पर्युषण महापर्व के आगमन से पहले धार्मिक स्थलों को व्यवस्थित एवं शुद्ध करना है।
प्रतिमाओं का औषधियों से किया जाएगा शुद्धिकरण
अभियान के दौरान जैन मंदिरों में प्रतिष्ठित पाषाण एवं धातु की प्रतिमाओं का विभिन्न औषधियों से विलेपन किया जाएगा। वर्षभर में प्रतिमाओं पर जमा होने वाली अशुद्धियों को दूर कर उन्हें विधिवत स्वच्छ और शुद्ध किया जाएगा।
इसके साथ ही मंदिरों के शिखर से लेकर फर्श तक विशेष साफ-सफाई की जाएगी। मंदिर परिसर से जुड़े उपाश्रयों में भी स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान कार्यकर्ता धार्मिक मर्यादाओं और निर्धारित विधि का पालन करते हुए शुद्धिकरण कार्य करेंगे।
विशेष शुद्धिकरण किट की तैयारी
अभियान के लिए प्रत्येक जिनालय के लिए विशेष शुद्धिकरण किट तैयार की जाती है। इन किटों में आवश्यक औषधियों के साथ शुद्धिकरण और स्वच्छता के लिए जरूरी अन्य सामग्री रखी जाती है।
आयोजकों के अनुसार इन किटों को तैयार करने में लगभग एक से दो माह का समय लगता है। किट तैयार होने के बाद उन्हें देशभर में अभियान से जुड़े संबंधित जिनालयों तक पहुंचाया जाता है, ताकि निर्धारित तिथि पर सभी मंदिरों में एक साथ अभियान संचालित किया जा सके।
संतों की प्रेरणा से लगातार बढ़ रहा अभियान
आयोजकों के अनुसार यह अभियान परम पूज्य आचार्य देवेश एवं जन-जन की आस्था के केंद्र नवरत्नसागर महाराज की प्रेरणा से शुरू हुआ था। उनके कपाट शिष्य पूज्य आचार्य युवा सम्राट विश्वरत्नसागर महाराज साहब की छत्रछाया में अभियान का लगातार विस्तार हो रहा है।
धार्मिक आस्था के साथ स्वच्छता को जोड़ने वाली इस पहल में जैन समाज के कार्यकर्ता हर वर्ष उत्साह के साथ भाग लेते हैं।
दीपावली से पहले घर की सफाई जैसी धार्मिक भावना
नवरत्न परिवार के राष्ट्रीय महासचिव यशवंत सांकलचा ने बताया कि पर्युषण महापर्व के पूर्व जिनालय शुद्धिकरण की यह परंपरा धार्मिक भावना से जुड़ी हुई है। जिस प्रकार दीपावली से पहले लोग अपने घर और आंगन की सफाई करते हैं, उसी भावना के साथ पर्युषण से पहले जिनालयों को स्वच्छ एवं शुद्ध किया जाता है।
उन्होंने बताया कि पूज्य गुरुदेव विश्वरत्नसागर सूरी महाराजा के मंगलमय आशीर्वाद एवं प्रेरणा से इस वर्ष के अभियान की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
वरिष्ठ पदाधिकारी जुटे तैयारियों में
महिदपुर रोड जैन समाज के मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि इसे सफल बनाने के लिए मालवा महासंघ और नवरत्न परिवार के पदाधिकारी एवं सदस्य सक्रिय रूप से तैयारियों में जुटे हुए हैं।
मालवा महासंघ के अध्यक्ष दिलसुखराज कटारिया, कार्यकारी अध्यक्ष संतोष मेहता, नवरत्न परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण जैन फुलेरा, प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रवीण जैन सहित वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सदस्य अभियान की व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
देशभर में एक साथ होगा आयोजन
30 अगस्त को देशभर के करीब 2000 जिनालयों में एक साथ होने वाला यह अभियान धार्मिक स्वच्छता और सामूहिक सहभागिता का उदाहरण बनेगा। अभियान में नवरत्न परिवार और मालवा महासंघ के कार्यकर्ता उत्साहपूर्वक भाग लेंगे।
आयोजकों का कहना है कि जिनालय शुद्धिकरण अभियान केवल स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा, समर्पण, सेवा और धार्मिक परंपरा से जुड़ा आयोजन है। पर्युषण महापर्व के स्वागत से पहले मंदिरों की स्वच्छता के माध्यम से समाज को धार्मिक स्थलों के प्रति जिम्मेदारी और स्वच्छता का संदेश भी दिया जाएगा।
इस वर्ष भी 30 अगस्त को देशभर में एक साथ होने वाला यह अभियान जैन समाज की सामूहिक धार्मिक चेतना, सेवा भावना और परंपरा को प्रदर्शित करेगा।
