Kotma में अकीदत और उत्साह के साथ निकला ईद-ए-मिलादुन्नबी का भव्य जुलूस
अभिषेक द्विवेदी | कोतमा
नबी की आमद के नारों से गूंजा शहर
Kotma । पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के पावन अवसर पर बुधवार को कोतमा शहर में मुस्लिम समाज की ओर से ईद-ए-मिलादुन्नबी का भव्य जुलूस निकाला गया। जुलूस में समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों और विभिन्न वर्गों के लोगों की मौजूदगी से आयोजन में खासा उत्साह देखने को मिला।
जुलूस के दौरान पूरा शहर नबी की आमद के नारों और नातिया कलाम की गूंज से सराबोर नजर आया। अकीदतमंद पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ जुलूस में शामिल हुए। धार्मिक परचम हाथों में लिए लोग नात-ए-पाक पढ़ते हुए आगे बढ़ रहे थे। शहर में जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया।
प्रमुख मार्गों से गुजरा जुलूस
ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर निकला यह जुलूस कोतमा के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। जुलूस के स्वागत के लिए मार्गों पर आकर्षक सजावट की गई थी। विभिन्न स्थानों पर समाज के लोगों और सामाजिक संगठनों द्वारा स्वागत की व्यवस्था की गई।
जुलूस में शामिल अकीदतमंदों का जगह-जगह स्वागत किया गया। लोगों ने एक-दूसरे को ईद-ए-मिलादुन्नबी की शुभकामनाएं दीं। जुलूस के दौरान धार्मिक नारों और नातिया कलाम के बीच शहर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना रहा।
बच्चों और युवाओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिला। वहीं बुजुर्गों ने भी जुलूस में शामिल होकर अपनी आस्था और सहभागिता दर्ज कराई। समाज के लोगों ने शांतिपूर्ण वातावरण में पर्व मनाने का संदेश दिया।
अमन और भाईचारे का संदेश
ईद-ए-मिलादुन्नबी के इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक उत्सव मनाना ही नहीं, बल्कि समाज में शांति, भाईचारे और आपसी सौहार्द का संदेश देना भी रहा। जुलूस में शामिल लोगों ने देश में अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआ की।
समाजजनों ने कहा कि पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब ने पूरी दुनिया को इंसानियत, प्रेम, नेकी, शांति और भाईचारे का संदेश दिया। उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज में आपसी प्रेम और सद्भाव को मजबूत किया जा सकता है।
इस अवसर पर लोगों ने एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करने और समाज में मिल-जुलकर रहने का संकल्प भी दोहराया। जुलूस में दिखाई दिया आपसी मेल-जोल कोतमा की सामाजिक एकता की तस्वीर पेश करता नजर आया।

धार्मिक उत्साह के साथ हुई सहभागिता
जुलूस में शामिल लोग पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ते रहे। धार्मिक परचम और नातिया कलाम आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहे। जुलूस के मार्ग में लोगों ने अकीदतमंदों का स्वागत किया।
आयोजन में बच्चों और युवाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता ने माहौल को और उत्साहपूर्ण बना दिया। बुजुर्गों और समाज के वरिष्ठ लोगों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लेकर नई पीढ़ी को धार्मिक और सामाजिक मूल्यों से जुड़े रहने का संदेश दिया।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
बड़े आयोजन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। जुलूस के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासन की निगरानी में जुलूस को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया गया।
सुरक्षा व्यवस्था के कारण जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। पुलिस और प्रशासन ने यातायात एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कीं। वहीं समाज के लोगों ने भी प्रशासन का सहयोग करते हुए शांतिपूर्ण आयोजन में अपनी भूमिका निभाई।
शहर में दिखी सौहार्द की तस्वीर
ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर निकले जुलूस के दौरान कोतमा में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सौहार्द की तस्वीर भी देखने को मिली। विभिन्न वर्गों के लोगों ने पर्व की शुभकामनाएं दीं और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया।
आयोजन के दौरान लोगों ने कहा कि धार्मिक पर्व समाज को जोड़ने का काम करते हैं। एक-दूसरे के पर्व और परंपराओं का सम्मान करने से समाज में आपसी विश्वास और सद्भाव बढ़ता है।

अमन-चैन की दुआ के साथ समापन
ईद-ए-मिलादुन्नबी का भव्य जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ा और अंत में अमन-चैन की दुआ के साथ इसका समापन हुआ। लोगों ने देश की तरक्की, खुशहाली और शांति के लिए प्रार्थना की।
kotma में आयोजित ईद-ए-मिलादुन्नबी का यह जुलूस धार्मिक आस्था, उत्साह और सामाजिक भाईचारे का संदेश देता नजर आया। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता और प्रशासन की व्यवस्थाओं के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आयोजन ने शहर में आपसी प्रेम, सद्भाव और इंसानियत की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।
