महिदपुर में नाग चंद्रेश्वर महादेव की भव्य सवारी, फूलों से सजी पालकी में नगर भ्रमण पर निकले बाबा
लोकेशन: महिदपुर | रिपोर्टर: लोकेंद्र सूर्यवंशी
हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा महिदपुर
महिदपुर। नगर स्थित प्राचीन श्री नाग चंद्रेश्वर महादेव मंदिर से भगवान नाग चंद्रेश्वर महादेव की भव्य सवारी शाही ठाठ-बाठ के साथ नगर भ्रमण पर निकली। फूलों से सुसज्जित आकर्षक पालकी में विराजमान होकर जब बाबा नाग चंद्रेश्वर नगर भ्रमण के लिए निकले, तो पूरा शहर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा।
सवारी को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान नाग चंद्रेश्वर के दर्शन और सवारी में शामिल होने के लिए नगर के विभिन्न मार्गों पर पहुंचे।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ शिवाभिषेक
भगवान नाग चंद्रेश्वर महादेव की सवारी से पूर्व सुबह मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया गया। आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान नाग चंद्रेश्वर का विधि-विधान से विशेष शिवाभिषेक किया गया।
इसके बाद मंदिर परिसर में भव्य महाआरती का आयोजन हुआ। आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर भगवान शिव से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात भगवान नाग चंद्रेश्वर की सवारी का शुभारंभ किया गया।
जगह-जगह पुष्पवर्षा और प्रसादी का वितरण
भगवान नाग चंद्रेश्वर की सवारी नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली। यात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों द्वारा जगह-जगह स्वागत मंच बनाए गए थे। श्रद्धालुओं ने पालकी में विराजमान बाबा नाग चंद्रेश्वर पर पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।
कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए फलाहारी खिचड़ी और प्रसादी की व्यवस्था भी की गई। सवारी के मार्ग में भक्तों की भारी भीड़ रही और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया।
ढोल-ताशे और अखाड़ों ने बढ़ाई शोभा
सवारी में ढोल-ताशे, बैंड-बाजे और पारंपरिक अखाड़े विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कलाकारों और अखाड़ों के सदस्यों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन किया।
इस बार सवारी में जनजातीय आदिवासी नृत्य और भगवान शिव के ओघड़ स्वरूप को प्रदर्शित करता ‘श्मशान नृत्य’ भी प्रस्तुत किया गया। इन विशेष प्रस्तुतियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मार्ग के दोनों ओर मौजूद रहे।
पहलवानों और बालिकाओं के साहसिक प्रदर्शन ने मोहा मन
सवारी में शामिल अखाड़ों के पहलवानों ने एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए। उनके प्रदर्शन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। लोगों ने तालियों के साथ कलाकारों और पहलवानों का उत्साह बढ़ाया।
विशेष रूप से बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत की गई तलवारबाजी लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। बालिकाओं के साहसिक और कुशल प्रदर्शन को देखकर उपस्थित जनसमूह आश्चर्यचकित रह गया। इस प्रस्तुति ने सवारी में अलग ही उत्साह और रोमांच भर दिया।
चोपड़ा हनुमान मंदिर में हुई महाआरती
भगवान नाग चंद्रेश्वर की सवारी नगर के पारंपरिक मार्गों से होती हुई प्रसिद्ध चोपड़ा हनुमान मंदिर पहुंची। यहां भगवान चोपड़ा हनुमान जी की विधि-विधान से महाआरती की गई।
आरती के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। भक्तों ने भगवान हनुमान और भगवान नाग चंद्रेश्वर के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
किला घाट पर हुआ भव्य समापन
चोपड़ा हनुमान मंदिर में आरती के पश्चात भगवान नाग चंद्रेश्वर की सवारी पुनः अपने निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ी और किला घाट पहुंची। यहां देर शाम महाआरती का आयोजन किया गया।
महाआरती के साथ भगवान नाग चंद्रेश्वर की भव्य नगर सवारी का समापन हुआ। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचे और धार्मिक आयोजन में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
आस्था और परंपरा का संगम
नाग चंद्रेश्वर महादेव की यह भव्य सवारी महिदपुर की धार्मिक आस्था और पारंपरिक संस्कृति का प्रतीक बनी। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ लोक कला, अखाड़ों के प्रदर्शन, जनजातीय नृत्य और शिव के विभिन्न स्वरूपों की प्रस्तुतियों ने आयोजन को विशेष बना दिया।
पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल रहा। नगरवासियों और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों की सहभागिता ने सवारी को और भव्य स्वरूप प्रदान किया। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में निकली बाबा नाग चंद्रेश्वर की सवारी ने महिदपुर को पूरी तरह शिवमय कर दिया।
