इंदौर में बच्चों के बीच पहुंचे कैलाश विजयवर्गीय, बंधवाई राखी; शक्कर की कीमत पर बोले- 90 प्रतिशत लोग मीठा पसंद नहीं करते
इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बुधवार को इंदौर में वृद्धजनों और दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचे। यहां रक्षाबंधन से जुड़े कार्यक्रम में बच्चों ने उनकी कलाई पर राखी बांधी। विजयवर्गीय ने बच्चों के साथ समय बिताया, उनसे बातचीत की और अंताक्षरी में भी हिस्सा लिया। इस दौरान माहौल उत्साह और अपनत्व से भरा नजर आया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने शहर की सड़कों, शक्कर की कीमतों सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।
सबसे ज्यादा चर्चा शक्कर की बढ़ती कीमतों पर दिए गए उनके बयान की रही। विजयवर्गीय ने हंसते हुए कहा कि आजकल करीब 90 प्रतिशत लोग मीठा खाना पसंद नहीं करते। उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए कहा कि वे भी मीठा नहीं खाते। इसी दौरान मजाकिया अंदाज में उन्होंने यह भी कह दिया कि वे तो चाहते हैं कि शक्कर खूब महंगी हो जाए। हालांकि इसके साथ उन्होंने बच्चों के लिए शक्कर नियंत्रित कीमत पर सस्ती उपलब्ध होने की बात कही।
बच्चों ने बांधी राखी, विजयवर्गीय ने साथ खेली अंताक्षरी
कार्यक्रम में विजयवर्गीय ने अपना समय वृद्धजनों और दिव्यांग बच्चों के बीच बिताया। बच्चों ने उनकी कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया। विजयवर्गीय ने भी बच्चों से आत्मीयता के साथ बातचीत की और उनके साथ अंताक्षरी खेली।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों में खासा उत्साह दिखाई दिया। विजयवर्गीय ने भी औपचारिक कार्यक्रम से अलग बच्चों के साथ सहज तरीके से समय बिताया। राखी बांधने और बातचीत के साथ गीत-संगीत का दौर चला, जिससे आयोजन का माहौल खुशनुमा हो गया।
शक्कर की कीमतों पर पूछा सवाल तो दिया रोचक जवाब
मीडिया ने कैलाश विजयवर्गीय से शक्कर की बढ़ती कीमतों को लेकर सवाल किया। इस पर उन्होंने कहा कि कीमत एक-दो दिन पहले करीब 70 रुपये थी और अब 60 रुपये के आसपास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे कीमत और कम हो सकती है।
इसी सवाल का जवाब देते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि आजकल करीब 90 प्रतिशत लोग मीठा खाना पसंद नहीं करते। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी मीठा नहीं खाते और उनके साथ मौजूद कुछ अन्य लोग भी मिठाई या मीठे से परहेज करते हैं।
इसके बाद उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वे तो चाहते हैं कि शक्कर और महंगी हो जाए। हालांकि उन्होंने तत्काल बच्चों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके लिए शक्कर नियंत्रित कीमत पर सस्ती मिलनी चाहिए। उनका यह बयान कार्यक्रम के बाद चर्चा में आ गया।
कांग्रेस के सड़क प्रदर्शन पर भी साधा निशाना
इंदौर की सड़कों की स्थिति को लेकर कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर भी विजयवर्गीय ने प्रतिक्रिया दी। शहर कांग्रेस की ओर से खराब सड़क और कीचड़ की समस्या को लेकर किए गए प्रदर्शन पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसा।
विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर में कई बहुत अच्छी सड़कें भी बनी हुई हैं। उन्होंने हाई कोर्ट के सामने की सड़क का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को अच्छी सड़कों पर भी जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई सड़क खराब है तो उसे भी बनाया जाएगा।
उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब शहर में बारिश के दौरान कई स्थानों पर सड़कों, गड्ढों और जलभराव को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं और विपक्ष इन मुद्दों पर नगर निगम तथा सरकार को घेरने का प्रयास कर रहा है।
खराब सड़कों को लेकर शहर में चल रही सियासत
इंदौर में मानसून के दौरान सड़कों की स्थिति राजनीतिक मुद्दा बनती दिखाई दे रही है। कई क्षेत्रों में सड़क खराब होने, गड्ढे और कीचड़ की शिकायतें सामने आने के बाद कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि शहर के कई हिस्सों में अधूरे निर्माण और खराब सड़कों के कारण वाहन चालकों तथा स्थानीय नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दूसरी ओर विजयवर्गीय ने अच्छी सड़कों का उल्लेख करते हुए विपक्ष के विरोध के तरीके पर सवाल उठाया।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जिन स्थानों पर सड़क खराब है, वहां सुधार किया जाना चाहिए। ऐसे में आने वाले दिनों में सड़क की स्थिति को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है।
सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर हुई बातचीत
बच्चों के साथ आयोजित कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान विजयवर्गीय से केवल शक्कर और सड़कों को लेकर ही नहीं, बल्कि विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर भी सवाल किए गए। उन्होंने अपने अंदाज में सवालों के जवाब दिए।
हालांकि कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बच्चों के साथ रक्षाबंधन मनाना रहा। बच्चों द्वारा राखी बांधने के बाद विजयवर्गीय उनके साथ घुलते-मिलते नजर आए। उन्होंने अंताक्षरी खेलकर कार्यक्रम को औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहने दिया।
शक्कर वाले बयान की होने लगी चर्चा
शक्कर की कीमतों को लेकर विजयवर्गीय द्वारा हंसते हुए की गई टिप्पणी ने लोगों का ध्यान खींचा। एक तरफ उन्होंने कीमतों में कमी आने की संभावना जताई, वहीं दूसरी तरफ मीठा नहीं खाने वाले लोगों का जिक्र करते हुए शक्कर महंगी होने की बात मजाकिया अंदाज में कही।
साथ ही उन्होंने बच्चों की जरूरत को अलग रखते हुए कहा कि उनके लिए शक्कर नियंत्रित और सस्ती कीमत पर उपलब्ध होनी चाहिए। इस तरह उनका बयान शक्कर की कीमत को लेकर गंभीर सवाल के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में सामने आया।
रक्षाबंधन कार्यक्रम में दिखा अलग अंदाज
राजनीतिक गतिविधियों और सरकारी कार्यक्रमों के बीच विजयवर्गीय का बच्चों और वृद्धजनों के साथ रक्षाबंधन मनाना कार्यक्रम का भावनात्मक पक्ष रहा। बच्चों ने उन्हें राखी बांधी तो उन्होंने भी उनसे बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया।
इस दौरान अंताक्षरी ने आयोजन को और रोचक बना दिया। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में सड़कों और शक्कर जैसे मुद्दों पर दिए गए उनके बयानों ने राजनीतिक चर्चा को भी हवा दी। खासतौर पर शक्कर की कीमत पर उनकी हल्के-फुल्के अंदाज में की गई टिप्पणी सुर्खियों में रही।
