Morena के 121 जैन बंधु लखनऊ में धार्मिक अनुष्ठान में होंगे सहभागी
उपाध्यायश्री विहसंतसागरजी के सान्निध्य में होगा भव्य श्रुत स्कंध विधान
Morena (मनोज जैन नायक)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आगामी 11 अक्टूबर को आयोजित होने वाले भव्य धार्मिक अनुष्ठान में धर्मनगरी मुरैना के 121 साधर्मी बंधु सहभागिता करेंगे। उपाध्यायश्री विहसंतसागरजी महाराज के पावन सान्निध्य में होने वाले इस विशाल आयोजन को लेकर जैन समाज और गुरु भक्तों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
लखनऊ में चल रहा है पावन वर्षायोग
प्राप्त जानकारी के अनुसार समाधिस्थ गणाचार्य विरागसागरजी महाराज के परम प्रभावक एवं आज्ञानुवर्ती शिष्य, मेडिटेशन गुरु उपाध्यायश्री विहसंतसागरजी महाराज का वर्ष 2026 का पावन वर्षायोग श्री महावीर दिगंबर जैन मंदिर, आशियाना, लखनऊ में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के साथ प्रभावनापूर्वक चल रहा है।
इसी वर्षायोग के अंतर्गत अनेक धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं, जिनमें देशभर से श्रद्धालु पहुंचकर धर्मलाभ ले रहे हैं। आगामी आयोजन को लेकर भी देश के विभिन्न क्षेत्रों में तैयारियां चल रही हैं।
11 अक्टूबर को होगा विशाल श्रुत स्कंध विधान
रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में एक दिवसीय विशाल सरस्वती महाअर्चना के अंतर्गत श्रुत स्कंध विधान का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक अनुष्ठान में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
आयोजन में 3101 इंद्र-इंद्राणियां श्री जिनेंद्र प्रभु की भक्ति में लीन होकर अर्घ्य समर्पित करेंगे। इतने बड़े स्तर पर होने वाले इस धार्मिक आयोजन को लेकर गुरु भक्तों में विशेष उत्साह है।
दो बसों से लखनऊ पहुंचेगा मुरैना का जत्था
मुरैना से श्रद्धालुओं को लखनऊ ले जाने के लिए दो बसों की व्यवस्था की गई है। बस व्यवस्था के संयोजक पत्रकार मनोज जैन नायक ने बताया कि परम पूज्य उपाध्यायश्री विहसंतसागरजी महाराज की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से मुरैना से लगभग 121 साधर्मी बंधु दो बसों के माध्यम से लखनऊ पहुंचेंगे।
उन्होंने बताया कि सभी यात्रियों की बुकिंग पूर्ण हो चुकी है। श्रद्धालु निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 11 अक्टूबर को प्रातः लखनऊ पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागी होंगे।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
विधान में शामिल होने वाले साधर्मी बंधुओं के लिए आयोजकों की ओर से विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। श्रद्धालुओं को पूजन के वस्त्र उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि माता-बहनों के लिए साड़ी आदि की व्यवस्था की जाएगी।
देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन, आवास, भोजन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
स्मृति उपवन में होगा भव्य आयोजन
आयोजकों के अनुसार यह आयोजन लखनऊ के स्मृति उपवन, कांशीराम सांस्कृतिक स्थल, सेक्टर-एल, एलडीए कॉलोनी, आशियाना में आयोजित किया जाएगा।
आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को व्यापक स्तर पर तैयार किया जा रहा है। धार्मिक अनुष्ठान में देशभर से हजारों गुरु भक्तों के शामिल होने की उम्मीद है।
मुरैना समाज में उत्साह
मुरैना से 121 साधर्मी बंधुओं के लखनऊ पहुंचने की जानकारी से स्थानीय जैन समाज में भी उत्साह का वातावरण है। श्रद्धालु इस आयोजन को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानते हुए इसे गुरु भक्ति और धर्म प्रभावना का विशेष अवसर बता रहे हैं।
समाजजनों का कहना है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन में मुरैना से प्रतिनिधित्व होना पूरे समाज के लिए गौरव की बात है। श्रद्धालु सामूहिक रूप से धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होकर पुण्यार्जन करने के साथ-साथ समाज की एकता और धार्मिक गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान करेंगे।

देशभर से जुटेंगे गुरु भक्त
आयोजकों को उम्मीद है कि उपाध्यायश्री विहसंतसागरजी महाराज के सान्निध्य में होने वाले इस आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से बड़ी संख्या में गुरु भक्त लखनऊ पहुंचेंगे।
श्रुत स्कंध विधान के माध्यम से श्रद्धालु जिनेंद्र प्रभु की आराधना करेंगे और धर्म, ज्ञान एवं आध्यात्मिक चेतना का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
अधिकाधिक सहभागिता की अपील
आनंदमय पावन वर्षायोग समिति ने सभी गुरु भक्त साधर्मी बंधुओं एवं माता-बहनों से अधिकाधिक संख्या में 11 अक्टूबर को आशियाना, लखनऊ पहुंचने की अपील की है।
समिति की ओर से कहा गया है कि यह आयोजन धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक साधना का विशेष अवसर है। अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता से आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया जा सकेगा।
ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियां तेज
आयोजकों के अनुसार लखनऊ में इस स्तर का विशाल धार्मिक आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। हजारों श्रद्धालुओं की संभावित मौजूदगी को देखते हुए व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मुरैना से दो बसों के माध्यम से 121 साधर्मी बंधुओं की सहभागिता भी इस आयोजन को लेकर स्थानीय समाज के उत्साह को दर्शाती है। 11 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाला श्रुत स्कंध विधान धार्मिक आस्था, गुरु भक्ति और सामूहिक धर्म प्रभावना का बड़ा अवसर बनने जा रहा है।

