पड़ाना के युवाओं ने निकाली कावड़-कलश यात्रा, कपिलेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक
रिपोर्ट: मनोज कुमार पुष्पद
पड़ाना। धार्मिक आस्था और भगवान शिव के प्रति भक्ति का सुंदर नजारा पड़ाना क्षेत्र में देखने को मिला। नगर के युवाओं और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ कावड़-कलश यात्रा निकाली। यात्रा में शामिल श्रद्धालु करीब 18 किलोमीटर का सफर तय करते हुए सारंगपुर स्थित प्राचीन कपिलेश्वर महादेव शिवालय पहुंचे, जहां विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया गया। इस दौरान भगवान शिव और बाबा महाकाल के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
कावड़ यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं के साथ अन्य श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया। यात्रा के दौरान श्रद्धालु हाथों में कावड़ और कलश लेकर भगवान शिव की आराधना करते हुए आगे बढ़ते रहे। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने कावड़ यात्रियों का स्वागत किया और धार्मिक यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया।
18 किलोमीटर की यात्रा कर पहुंचे कपिलेश्वर धाम
पड़ाना नगर से निकली कावड़ यात्रा प्रमुख मार्गों से होते हुए सारंगपुर क्षेत्र में स्थित कपिलेश्वर महादेव शिवालय पहुंची। श्रद्धालुओं ने पूरे रास्ते भगवान भोलेनाथ और महाकाल के जयकारे लगाए। यात्रा के दौरान युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कावड़ यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव का जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करना था। मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने कावड़ में लाए पवित्र जल से भगवान कपिलेश्वर महादेव का अभिषेक किया और पूजा-अर्चना की।
कालीसिंध नदी के तट पर स्थित है प्राचीन शिवालय
सारंगपुर क्षेत्र में कालीसिंध नदी के तट पर स्थित कपिलेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र के प्राचीन धार्मिक स्थलों में शामिल है। मंदिर में विराजमान प्राचीन शिवलिंग के प्रति स्थानीय श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। धार्मिक पर्वों और विशेष अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।
प्राकृतिक वातावरण और नदी तट पर स्थित होने के कारण मंदिर परिसर का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। कावड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन किए और परिवार तथा क्षेत्र की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की।
संकट मोचन हनुमान और शनिदेव के भी किए दर्शन
कपिलेश्वर महादेव शिवालय के आसपास अन्य धार्मिक स्थल भी मौजूद हैं। नदी किनारे मुख्य प्रवेश द्वार के पास संकट मोचन हनुमान मंदिर और शनिदेव का मंदिर स्थित है। यहां प्राचीन प्रतिमाएं विराजमान हैं। कपिलेश्वर महादेव का जलाभिषेक करने पहुंचे श्रद्धालुओं ने इन मंदिरों में भी दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
एक ही परिसर और आसपास कई धार्मिक स्थलों की मौजूदगी के कारण यह स्थान क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है। शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ के साथ हनुमानजी और शनिदेव से भी मंगलकामना की।
कलश यात्रा का पुष्पवर्षा से किया स्वागत
धार्मिक आयोजन के दौरान कलश यात्रा भी आकर्षण का केंद्र रही। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का रास्ते में विभिन्न स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इससे यात्रा का उत्साह और बढ़ गया। महिलाओं और पुरुषों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजन में सहभागिता की।
यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर भक्तिमय माहौल बना रहा। भगवान शिव के जयकारों के साथ श्रद्धालु आगे बढ़ते रहे। स्थानीय लोगों ने भी यात्रा को लेकर उत्साह दिखाया और कई स्थानों पर कावड़ यात्रियों का अभिनंदन किया।
युवाओं में दिखा धार्मिक आयोजन को लेकर उत्साह
कावड़ यात्रा में नगर के युवाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिली। युवाओं ने यात्रा की व्यवस्था से लेकर भगवान शिव के जलाभिषेक तक उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। धार्मिक आयोजन के माध्यम से युवाओं ने आस्था के साथ सामाजिक एकजुटता का भी संदेश दिया।
यात्रा में सुजल गुप्ता, भावेश गुर्जर, पिंटू परमार, आलोक पाटीदार, जितेंद्र खाती, सचिन गुर्जर, गोपाल पाटीदार, निकलेश खाती, विकास खाती, नरेंद्र विश्वकर्मा, दीपक खाती, लोकेश पाटीदार, महेंद्र पाटीदार और रोहित कुम्भकार सहित अन्य श्रद्धालु शामिल रहे।
भोलेनाथ के जयकारों से गूंजा क्षेत्र
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और बाबा महाकाल के जयकारे लगाए। इससे पूरे मार्ग पर धार्मिक और उत्साहपूर्ण वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने कावड़ यात्रा को केवल धार्मिक अनुष्ठान के रूप में ही नहीं, बल्कि आपसी सहयोग और सामूहिक आस्था के उत्सव के रूप में भी मनाया।
मंदिर पहुंचने के बाद सभी श्रद्धालुओं ने भगवान कपिलेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। इसके बाद पूजा-अर्चना कर भगवान से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और सभी के कल्याण की कामना की गई।
आस्था और सामाजिक एकता का दिया संदेश
कावड़-कलश यात्रा ने पड़ाना और सारंगपुर क्षेत्र में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता का संदेश दिया। युवाओं, महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह बना रहा और यात्रा शांतिपूर्ण तथा भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुई।
कपिलेश्वर महादेव के जलाभिषेक के साथ यात्रा का समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ से अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करने और क्षेत्र में खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की। आयोजन के दौरान गूंजते “हर-हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयकारों ने पूरे क्षेत्र को शिवमय कर दिया।
