इंदौर-देपालपुर सड़क बनेगी फोरलेन, करीब 700 करोड़ के प्रोजेक्ट को कैबिनेट की मंजूरी
इंदौर। इंदौर और देपालपुर के बीच सफर करने वाले हजारों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मध्यप्रदेश सरकार ने लंबे समय से प्रस्तावित इंदौर-देपालपुर सड़क को फोरलेन में बदलने की मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश की 12 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण और उन्नयन के लिए करीब 4600 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। इसी योजना में इंदौर-देपालपुर फोरलेन सड़क परियोजना को भी शामिल किया गया है।
इंदौर-देपालपुर मार्ग को चार लेन में विकसित करने पर करीब 700 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। परियोजना का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPRDC) द्वारा किया जाएगा। सड़क के फोरलेन होने से इंदौर और देपालपुर के बीच यातायात अधिक सुगम होने के साथ सड़क सुरक्षा में भी सुधार होने की उम्मीद है।
लंबे समय से उठ रही थी फोरलेन सड़क की मांग
इंदौर-देपालपुर मार्ग के चौड़ीकरण की मांग लंबे समय से की जा रही थी। क्षेत्र में बढ़ते यातायात के कारण मौजूदा सड़क पर वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क की चौड़ाई कम होने और घुमावदार हिस्सों के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
देपालपुर विधायक मनोज पटेल भी इस मार्ग को फोरलेन में बदलने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे थे। अब राज्य कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। आगामी चरणों में तकनीकी प्रक्रिया, सड़क की अंतिम डिजाइन, अलाइनमेंट और निर्माण से संबंधित अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट में होगा सुधार
फोरलेन परियोजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना भी है। मौजूदा इंदौर-देपालपुर मार्ग पर कुछ हिस्से ऐसे हैं, जहां सड़क की बनावट, संकरी चौड़ाई और घुमाव के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
नई सड़क के निर्माण के दौरान ऐसे दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर सुधारने की योजना है। जरूरत के अनुसार सड़क के अलाइनमेंट में भी बदलाव किया जा सकता है। फोरलेन सड़क बनने के बाद दोनों दिशाओं के यातायात के लिए अधिक जगह उपलब्ध होगी, जिससे वाहनों की आवाजाही व्यवस्थित होने और हादसों का जोखिम कम होने की उम्मीद है।
यशवंत सागर क्षेत्र में नया ब्रिज बनाने की योजना
इस पूरे प्रोजेक्ट में यशवंत सागर क्षेत्र सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक है। वर्तमान में इंदौर-देपालपुर मार्ग का एक हिस्सा यशवंत सागर डैम क्षेत्र से होकर गुजरता है। फोरलेन सड़क तैयार करने के लिए यहां नए ब्रिज की आवश्यकता पड़ सकती है।
प्रारंभिक स्तर पर इस बात पर विचार किया जा रहा है कि जिस हिस्से से यशवंत सागर का पानी छोड़ा जाता है, उसके आसपास नया ब्रिज तैयार किया जाए। इसके बाद सड़क को सीधे मिर्जापुर फांटे की दिशा में जोड़ा जा सकता है। इससे वर्तमान मार्ग के घुमावदार हिस्सों को कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि ब्रिज की सटीक जगह और सड़क का अंतिम अलाइनमेंट अभी अधिकारियों के स्तर पर तय किया जाना बाकी है। तकनीकी सर्वे और अन्य प्रक्रियाओं के बाद इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
डैम को बाइपास कर तैयार हो सकता है नया मार्ग
योजना के अनुसार यशवंत सागर डैम को बाइपास करते हुए सड़क तैयार करने के विकल्प पर भी विचार किया जा रहा है। यदि यह प्रस्ताव तकनीकी रूप से उपयुक्त पाया जाता है तो वाहन चालकों को मौजूदा घुमावदार रास्ते से राहत मिल सकती है।
नए अलाइनमेंट से यात्रा का समय कम होने के साथ यातायात सुरक्षा में सुधार होने की संभावना है। परियोजना के डिजाइन में सड़क की चौड़ाई, ब्रिज, जंक्शन और दुर्घटना संभावित हिस्सों को ध्यान में रखते हुए आगे की योजना बनाई जाएगी।
इंदौर-देपालपुर के बीच आवागमन होगा आसान
इंदौर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक और व्यावसायिक शहर है, जबकि देपालपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रोजगार, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों के लिए इंदौर आते-जाते हैं। इस कारण इस मार्ग पर रोजाना यातायात का दबाव रहता है।
फोरलेन बनने से निजी वाहनों के साथ बसों, मालवाहक वाहनों और अन्य व्यावसायिक वाहनों को भी फायदा मिलेगा। सड़क की क्षमता बढ़ने से ट्रैफिक जाम की समस्या कम होने और यात्रा अधिक सुरक्षित होने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने 12 सड़कों के लिए मंजूर किए करीब 4600 करोड़
इंदौर-देपालपुर मार्ग के अलावा प्रदेश की अन्य महत्वपूर्ण सड़कों के उन्नयन को भी कैबिनेट से मंजूरी मिली है। राज्य सरकार ने कुल 12 सड़क परियोजनाओं के लिए करीब 4600 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। इसका उद्देश्य प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत करना और प्रमुख शहरों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
इसी क्रम में सिवनी-बालाघाट मार्ग को भी दो लेन से चार लेन में बदलने की योजना है। करीब 91.64 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा।
अब तकनीकी प्रक्रिया पर रहेगी नजर
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब इंदौर-देपालपुर फोरलेन परियोजना की तकनीकी और निर्माण संबंधी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। एमपीआरडीसी को विस्तृत योजना के आधार पर सड़क का अंतिम अलाइनमेंट, यशवंत सागर क्षेत्र में प्रस्तावित ब्रिज और अन्य संरचनाओं को लेकर निर्णय लेना होगा।
करीब 700 करोड़ रुपए की यह परियोजना पूरी होने के बाद इंदौर-देपालपुर क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव ला सकती है। खासतौर पर यशवंत सागर क्षेत्र में नया ब्रिज और सड़क का बेहतर अलाइनमेंट तैयार होने से यात्रा को सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
