त्योहार पर घर नहीं जा पाए पुलिस जवान तो थाने पहुंचीं नन्हीं बहनें, राखी बांधकर दिया सुरक्षा और स्नेह का संदेश
चांचौड़ा/बीनागंज। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का पर्व है। त्योहार के दिन जब अधिकांश लोग अपने परिवार के साथ खुशियां मनाते हैं, तब पुलिस जवान कानून-व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा के लिए ड्यूटी पर तैनात रहते हैं। ऐसे ही पुलिसकर्मियों के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए बीनागंज के श्री स्वामी रामानंद बाल गोकुलम स्कूल की प्री-प्राइमरी कक्षा की नन्हीं बालिकाएं चाचौड़ा थाने पहुंचीं। यहां उन्होंने पुलिस जवानों की कलाइयों पर राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया।
स्कूल की ओर से बालिकाओं को चाचौड़ा थाने का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया था। इस भ्रमण को रक्षाबंधन की भावना से जोड़ते हुए बच्चों ने थाना प्रभारी दिलीप राजोरिया सहित पुलिस स्टाफ को राखी बांधी और मिठाई भेंट की। बच्चों के इस आत्मीय व्यवहार से थाने का माहौल भी उत्सव और स्नेह से भर गया।
नन्हीं बालिकाओं ने पुलिसकर्मियों की कलाई पर बांधी राखी

कार्यक्रम के दौरान स्कूल की बालिकाओं ने चाचौड़ा थाना प्रभारी दिलीप राजोरिया और थाने में पदस्थ पुलिस जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी। इसके बाद उन्हें मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी गईं।
नन्हीं बच्चियों की ओर से मिले इस सम्मान और स्नेह ने पुलिसकर्मियों को भी भावुक कर दिया। त्योहार के मौके पर ड्यूटी के कारण अपने परिवार और बहनों के पास नहीं पहुंच पाने वाले जवानों के लिए यह आयोजन खास बन गया।
राखी बांधने के साथ बच्चों ने पुलिस जवानों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और समाज की सुरक्षा में उनके योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
परिवार से दूर रहकर सुरक्षा में तैनात रहते हैं जवान
रक्षाबंधन सहित कई प्रमुख त्योहारों पर पुलिस विभाग की जिम्मेदारी सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। बाजारों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ को देखते हुए पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था संभालनी पड़ती है।
ऐसे में कई पुलिस जवान त्योहार पर अपने घर नहीं जा पाते और परिवार से दूर रहकर ड्यूटी करते हैं। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए स्कूल की बालिकाओं ने पुलिस जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाया।
बालिकाओं की ओर से यह संदेश दिया गया कि जो पुलिसकर्मी अपनी खुशियों और पारिवारिक समय को पीछे रखकर समाज की सुरक्षा में लगे रहते हैं, उनके प्रति सम्मान और अपनापन व्यक्त करना सभी की जिम्मेदारी है।
‘सूनी कलाई पर राखी बांधना गर्व की बात’
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने पुलिसकर्मियों के प्रति अपनी भावनाएं भी व्यक्त कीं। उनका कहना था कि पुलिस जवान आम लोगों की सुरक्षा के लिए त्योहारों पर भी परिवार से दूर रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में उनकी कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का एहसास कराना गर्व की बात है।
बच्चियों की इस भावना ने कार्यक्रम को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि इसे सामाजिक संवेदना और सम्मान से जोड़ दिया।
पुलिस जवानों ने भी बच्चियों को आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
शैक्षणिक भ्रमण में बच्चों ने जानी पुलिस की कार्यप्रणाली
रक्षाबंधन कार्यक्रम के साथ यह दौरा बच्चों के लिए शैक्षणिक भ्रमण भी रहा। पुलिसकर्मियों ने बालिकाओं को थाने की कार्यप्रणाली और पुलिस की जिम्मेदारियों के बारे में सरल तरीके से जानकारी दी।
बच्चों को बताया गया कि पुलिस किस तरह लोगों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और आपात परिस्थितियों में सहायता के लिए काम करती है। इस दौरान बालिकाओं ने थाने के वातावरण और पुलिसकर्मियों के कामकाज को नजदीक से समझा।
इस तरह यह आयोजन बच्चों के लिए सामाजिक और शैक्षणिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। छोटी उम्र में पुलिस के प्रति सकारात्मक समझ विकसित करने का अवसर भी उन्हें मिला।
पुलिस जवानों ने बढ़ाया बच्चियों का उत्साह
थाना प्रभारी दिलीप राजोरिया और पुलिस स्टाफ ने स्कूल की बालिकाओं का स्वागत किया। राखी बंधवाने के बाद पुलिसकर्मियों ने बच्चियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने तथा अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस जवानों के लिए भी यह पल खास रहा। आमतौर पर थाने में शिकायतों, कानून-व्यवस्था और अन्य पुलिस गतिविधियों का माहौल रहता है, लेकिन नन्हीं बच्चियों के पहुंचने से कुछ समय के लिए पूरा वातावरण रक्षाबंधन के रंग में रंग गया।
वर्दी वाले भाइयों की कलाई पर सजा प्यार का धागा

रक्षाबंधन के इस आयोजन ने पुलिस और समाज के बीच आत्मीय संबंध का संदेश भी दिया। बच्चियों ने राखी के माध्यम से पुलिस जवानों को भाई के रूप में सम्मान दिया, जबकि पुलिसकर्मियों ने भी उनकी सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राखी का धागा केवल भाई-बहन के रिश्ते का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि सुरक्षा, विश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी बना। पुलिसकर्मियों की कलाइयों पर सजी राखियों ने यह अहसास कराया कि समाज उनकी सेवाओं और त्याग को सम्मान की नजर से देखता है।
सुरक्षा और स्नेह का मिला संदेश
श्री स्वामी रामानंद बाल गोकुलम स्कूल की बालिकाओं द्वारा आयोजित इस पहल ने रक्षाबंधन को एक अलग सामाजिक स्वरूप दिया। बच्चों ने उन जवानों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं, जो आमजन की सुरक्षा के कारण अपने परिवार के साथ पर्व नहीं मना पाते।
चाचौड़ा थाने में आयोजित कार्यक्रम ने एक तरफ बच्चों को पुलिस की कार्यप्रणाली समझने का अवसर दिया, वहीं दूसरी ओर वर्दीधारी जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का भाव भी मजबूत किया।
नन्हीं बहनों की राखियों से सजी पुलिस जवानों की कलाइयों ने अंततः यही संदेश दिया—अपनी खुशियों से पहले समाज की सुरक्षा को प्राथमिकता देने वाले पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान और स्नेह ही इस रक्षाबंधन की सबसे खूबसूरत भावना है।
