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Indore Electric Buses: यात्रियों को बड़ी राहत, भोपाल के लिए 8 और उज्जैन के लिए 6 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी

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Published On: 26 August 2026
INDORE
— इंदौर से भोपाल और उज्जैन का सफर होगा और आसान

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Indore Electric Buses: यात्रियों को बड़ी राहत, भोपाल के लिए 8 और उज्जैन के लिए 6 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी

Indore । शहर से भोपाल, उज्जैन और मध्य प्रदेश के दूसरे प्रमुख शहरों के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। इंदौर की परिवहन कंपनी एआईसीटीएसएल (AICTSL) अब शहर को दूसरे जिलों से जोड़ने के लिए इलेक्ट्रिक बसों का संचालन बढ़ाने की तैयारी कर रही है। योजना के तहत इंदौर से भोपाल के बीच 8 और इंदौर से उज्जैन के बीच 6 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी है।

इसके अलावा खंडवा, खरगोन, मांडव और सेंधवा जैसे शहरों के लिए भी इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों के मुताबिक बसों के संचालन से न केवल यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रदूषण कम करने और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने में भी मदद मिलेगी।

150 इलेक्ट्रिक बसों की योजना

एआईसीटीएसएल को प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत कुल 150 इलेक्ट्रिक बसें मिलनी हैं। इनमें से करीब 40 बसें कंपनी को मिल चुकी हैं। इनमें से कई बसों को इंदौर शहर में लंबे रूट पर संचालित किया जा रहा है।

अब कंपनी की कोशिश है कि जल्द से जल्द शेष बसें भी उपलब्ध कराकर उनका संचालन शुरू किया जाए। इसके साथ ही शहर से बाहर जाने वाली इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा को भी चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की तैयारी है।

अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से इंदौर और आसपास के शहरों के बीच सार्वजनिक परिवहन को नया विकल्प मिलेगा। यात्रियों को आरामदायक सफर उपलब्ध कराने के साथ ई-बसों के जरिए प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया जा सकेगा।

भोपाल और उज्जैन के लिए सबसे ज्यादा बसें

एआईसीटीएसएल की प्रस्तावित योजना में इंदौर से भोपाल के बीच 8 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है। वहीं उज्जैन के लिए 6 बसों का संचालन प्रस्तावित है। दोनों शहर इंदौर से बड़ी संख्या में यात्रियों के आवागमन से जुड़े हैं। ऐसे में इन रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को फायदा होने की उम्मीद है।

इसके अलावा इंदौर से खंडवा के लिए 4 और खरगोन के लिए भी 4 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना है। मांडव और सेंधवा के लिए 2-2 इलेक्ट्रिक बसें प्रस्तावित हैं।

इस तरह शुरुआती चरण में इंदौर को कई प्रमुख शहरों से इलेक्ट्रिक बस सेवा के जरिए जोड़ने की तैयारी है। इससे यात्रियों को निजी वाहनों और पारंपरिक डीजल बसों के अलावा एक नया सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिल सकेगा।

टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में

एआईसीटीएसएल के कार्यकारी निदेशक अर्थ जैन के अनुसार, दूसरे शहरों के लिए इलेक्ट्रिक बसों का संचालन जल्द शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए ऑपरेटरों को जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है और टेंडर की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

प्रस्तावित मॉडल के तहत बसों की खरीद में 40 प्रतिशत राशि शासन की ओर से दी जाएगी, जबकि 60 प्रतिशत राशि ऑपरेटर की होगी। इसके बाद राजस्व मॉडल के तहत इन बसों का संचालन कंपनी की निगरानी में किया जाएगा।

अधिकारियों का मानना है कि इस मॉडल से इलेक्ट्रिक बस सेवा को लंबे समय तक संचालित करने में मदद मिलेगी और सरकार के साथ निजी ऑपरेटरों की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।

Indore में ग्रीन कॉरिडोर की दिशा में कदम

Indore में पहले से ही इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने की दिशा में काम चल रहा है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में ई-बसों का संचालन बढ़ाकर पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करने की कोशिश की जा रही है।

इंटरसिटी रूट पर इलेक्ट्रिक बसें शुरू होने से इंदौर से आसपास के शहरों के बीच भी स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। भविष्य में बसों की संख्या बढ़ने के साथ ऐसे रूट का विस्तार किए जाने की संभावना है।

भोपाल में भी 10 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़क पर

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को लेकर भोपाल में भी बड़ा कदम उठाया गया है। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड ने शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 10 और इलेक्ट्रिक बसों को सड़क पर उतारा है।

नई बसों का ट्रायल किया गया था और टेस्ट में फिट पाए जाने के बाद इन्हें संचालन में शामिल किया गया। इससे पहले शहर में 20 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही थीं। अब 10 नई बसों के जुड़ने से कुल 30 इलेक्ट्रिक बसें प्रतिदिन चलने लगी हैं।

भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड की सीईओ एवं अपर आयुक्त अंजू अरुण कुमार के मुताबिक, 30 बसों के नियमित संचालन से यात्रियों को सुविधा मिलेगी। कोशिश है कि शहर के प्रमुख मार्गों पर बसें कम अंतराल में उपलब्ध हों और यात्रियों को लंबे समय तक बस का इंतजार न करना पड़े।

प्रमुख मार्गों पर 10 मिनट के अंतराल में बस देने की कोशिश

भोपाल में इलेक्ट्रिक बस सेवा को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए प्रमुख मार्गों पर लगभग हर 10 मिनट के अंतराल में बस उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इससे सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते संचालन को शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सीहोर स्टेशन पर पांच ट्रेनों का अस्थायी ठहराव

इलेक्ट्रिक बसों के अलावा यात्रियों की सुविधा को देखते हुए रेलवे ने भी सीहोर में विशेष व्यवस्था की है। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने कुबेरेश्वरधाम और सीहोर कांवड़ यात्रा के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए सीहोर रेलवे स्टेशन पर कुछ ट्रेनों को अस्थायी ठहराव देने का फैसला किया है।

यह व्यवस्था 25 और 26 अगस्त के लिए लागू की गई है। इसके तहत वाराणसी-इंदौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, इंदौर-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, इंदौर-पटना एक्सप्रेस और पटना-इंदौर एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को सीहोर स्टेशन पर निर्धारित समय के लिए रोका जाएगा।

इस व्यवस्था से धार्मिक यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों को सीहोर पहुंचने तथा वहां से आगे की यात्रा करने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

कुल मिलाकर इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक साथ कई स्तरों पर काम हो रहा है। इंदौर से भोपाल और उज्जैन के लिए प्रस्तावित इलेक्ट्रिक बसें जहां यात्रियों को नया विकल्प देंगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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