CS Result 2026: अंशी जैन ने हासिल की ऑल इंडिया 24वीं रैंक, संभव जैन बने इंदौर सिटी टॉपर
इंदौर। कंपनी सेक्रेटरी (CS) की जून 2026 में आयोजित प्रोफेशनल और एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम की परीक्षाओं के नतीजे मंगलवार को घोषित किए गए। परीक्षा परिणाम सामने आने के बाद इंदौर सेंटर से परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों में खुशी का माहौल है। रायसेन की अंशी जैन ने सीएस प्रोफेशनल प्रोग्राम में ऑल इंडिया रैंक 24 हासिल कर इंदौर का नाम रोशन किया है। वहीं, एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम में संभव जैन ने सिटी रैंक में पहला स्थान हासिल किया।
परिणामों ने यह भी दिखाया कि लगातार मेहनत, व्यवस्थित तैयारी और पढ़ाई के दौरान अनुशासन विद्यार्थियों को बेहतर परिणाम दिला सकता है। अंशी जैन ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई, खुद तैयार किए गए नोट्स और सोशल मीडिया से दूरी को दिया है। दूसरी ओर, संभव जैन ने व्यक्तिगत कठिन परिस्थितियों के बावजूद दोबारा प्रयास कर सिटी टॉप किया।
प्रोफेशनल और एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम का परिणाम
जून 2026 में आयोजित सीएस प्रोफेशनल प्रोग्राम की परीक्षा में ग्रुप-1 यानी फर्स्ट मॉड्यूल में 31.20 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल हुए। वहीं ग्रुप-2 यानी सेकंड मॉड्यूल में 32.27 प्रतिशत उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की।
एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम में ग्रुप-1 का परिणाम 17.41 प्रतिशत रहा, जबकि ग्रुप-2 में 22.19 प्रतिशत अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए। इन परिणामों के बीच इंदौर सेंटर के विद्यार्थियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
रायसेन की अंशी जैन ने प्रोफेशनल प्रोग्राम में ऑल इंडिया 24वीं रैंक हासिल की। वह इंदौर सेंटर से परीक्षा में शामिल हुई थीं और उन्होंने सिटी रैंक में भी पहला स्थान प्राप्त किया। उनकी सफलता से परिवार और शिक्षकों में खुशी का माहौल है।
सोशल मीडिया से बनाई दूरी
अंशी जैन ने अपनी तैयारी के दौरान पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी। उन्होंने बताया कि परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने अपने स्वयं के नोट्स तैयार किए। इससे उन्हें महत्वपूर्ण विषयों को दोहराने और परीक्षा के समय तेजी से रिवीजन करने में मदद मिली।
अंशी ने कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से पूरी तरह लॉग आउट कर दिया था। हालांकि, पढ़ाई और शिक्षकों से जुड़े रहने के लिए जरूरी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करती रहीं। उनका मानना था कि तैयारी के दौरान ध्यान भटकाने वाली चीजों को सीमित करना जरूरी है।
उन्होंने लंबे समय तक लगातार पढ़ने के बजाय बीच-बीच में छोटे ब्रेक लेने की रणनीति अपनाई। ब्रेक के दौरान वह लंच करतीं या माता-पिता से बातचीत करतीं और फिर दोबारा पढ़ाई में जुट जाती थीं।
अंशी को अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी और वह ऑल इंडिया रैंक हासिल करने की उम्मीद भी कर रही थीं। हालांकि, 24वीं रैंक आने के बाद वह काफी खुश हैं। अब उनका अगला लक्ष्य किसी मल्टीनेशनल कंपनी में इंटर्नशिप हासिल करना है, ताकि वह अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत बेहतर तरीके से कर सकें।
पिता के निधन के बाद संभव ने किया शानदार प्रदर्शन
एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम में संभव जैन ने इंदौर सिटी रैंक में पहला स्थान हासिल किया। उनकी सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि परीक्षा की तैयारी और प्रयास के दौरान उन्हें व्यक्तिगत जीवन में कठिन परिस्थिति का सामना करना पड़ा।
संभव ने बताया कि उन्हें शुरुआत से ही फाइनेंस के क्षेत्र में रुचि रही है। परिवार का व्यवसाय होने के कारण उन्हें वित्तीय मामलों को करीब से समझने का अवसर भी मिला। इसी रुचि के चलते उन्होंने कंपनी सेक्रेटरी बनने का फैसला किया।
उनका पहला प्रयास बेहद मुश्किल दौर से गुजरा। परीक्षा के दौरान ही उनके पिता का अचानक निधन हो गया था। इस दुखद घटना का असर उनकी परीक्षा पर पड़ा और वह परीक्षा नहीं दे सके।
इसके बाद संभव ने खुद को संभाला और दूसरे प्रयास के लिए पूरी तैयारी के साथ दोबारा परीक्षा दी। इस बार उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करते हुए इंदौर सिटी में पहला स्थान हासिल किया। अब उनका लक्ष्य केवल सिटी टॉपर तक सीमित नहीं है। वह भविष्य में ऑल इंडिया रैंक हासिल करने की तैयारी करना चाहते हैं।
युवाओं में बढ़ रहा सीएस को लेकर रुझान
CS तनय कसेरा के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों की तुलना में विद्यार्थियों में कंपनी सेक्रेटरी पाठ्यक्रम को लेकर रुचि बढ़ी है। परीक्षा परिणामों में भी विद्यार्थियों के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिल रहा है।
कंपनियों में कॉरपोरेट गवर्नेंस, कानूनी अनुपालन और नियामकीय प्रक्रियाओं से जुड़े विशेषज्ञों की जरूरत बढ़ने के कारण कंपनी सेक्रेटरी के क्षेत्र में करियर की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में युवा इस प्रोफेशन को अपने करियर विकल्प के रूप में चुन रहे हैं।
विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर
CS अंकित मेड़तवाल ने कहा कि इंदौर चैप्टर से जुड़े विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए जरूरी सुविधाएं और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार जारी रहेगा। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सही दिशा में मार्गदर्शन मिलने से परिणामों में और सुधार किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी सेक्रेटरी के रूप में विद्यार्थी आगे चलकर कंपनियों को कानूनी और कॉरपोरेट मामलों में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दे सकते हैं।
मेहनत और अनुशासन बनी सफलता की कुंजी
अंशी जैन और संभव जैन की सफलता की कहानी अलग-अलग परिस्थितियों के बावजूद एक समान संदेश देती है—लगातार मेहनत और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना सफलता की अहम कुंजी है। अंशी ने सोशल मीडिया से दूरी और व्यवस्थित पढ़ाई को अपनी तैयारी का हिस्सा बनाया, जबकि संभव ने व्यक्तिगत त्रासदी के बाद दोबारा प्रयास कर शानदार वापसी की।
इंदौर सेंटर के इन विद्यार्थियों का प्रदर्शन सीएस की तैयारी कर रहे दूसरे छात्रों के लिए भी प्रेरणादायक माना जा रहा है। जहां अंशी ने ऑल इंडिया 24वीं रैंक के साथ राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई, वहीं संभव ने सिटी टॉपर बनकर साबित किया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
