अपना दल (एस) ने मध्य प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर संगठनात्मक तैयारी तेज करने के संकेत दिए हैं। डॉ. अतुल मलिकराम ने बताया कि पार्टी NDA की सहयोगी रहते हुए मालवा-निमाड़, बुंदेलखंड, महाकौशल, विंध्य, चंबल और ग्वालियर तक संगठन मजबूत करेगी।
भोपाल, 25 अगस्त 2026। अपना दल (एस) मध्य प्रदेश में संगठन विस्तार के साथ आगामी चुनावों को लेकर अपनी राजनीतिक तैयारियां तेज करने के संकेत दे रहा है। पार्टी की ओर से प्रदेश संगठन और विभिन्न मंचों में नई जिम्मेदारियों की घोषणा के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए की सहयोगी है और वर्ष 2014 से इस गठबंधन का हिस्सा रहते हुए आगे भी सहयोग की भूमिका को मजबूती से निभाएगी।
डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि “अपना दल (एस) हमारी राष्ट्रीय अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री दीदी अनुप्रिया पटेल जी के नेतृत्व में एक दशक से अधिक समय से एनडीए का हिस्सा है। एक सहयोगी दल के तौर पर गठबंधन की मजबूती हमारी प्राथमिकता है, लेकिन साथ ही हम आगामी चुनावों के लिए अपनी स्वतंत्र संगठनात्मक और चुनावी तैयारी भी पूरी मजबूती से करेंगे।”
अपना दल (एस) मध्य प्रदेश में संगठन विस्तार पर जोर
डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि मध्य प्रदेश में पार्टी का उद्देश्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं, बल्कि उसे जमीनी स्तर तक सक्रिय बनाना है। राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी आर बी सिंह पटेल के मार्गदर्शन में प्रदेश संगठन में नई नियुक्तियों के साथ किसान, व्यापार, विधि, चिकित्सा, शिक्षक, आईटी, बौद्धिक तथा अनुसूचित जाति-जनजाति जैसे विभिन्न मंचों को जिम्मेदारी दिया जाना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पार्टी का मानना है कि किसी भी राजनीतिक संगठन की वास्तविक मजबूती उसके जमीनी कार्यकर्ताओं और स्थानीय स्तर पर सक्रिय संगठन से होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अपना दल (एस) मध्य प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों के बीच अपनी सक्रियता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
आगामी चुनावों के लिए तेज होंगी तैयारियां
डॉ. मलिकराम के अनुसार पार्टी आने वाले समय में हर चुनाव को गंभीरता से लेते हुए अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी करेगी और सभी चुनावों में अपने प्रतिनिधियों को मैदान में उतारने की दिशा में काम करेगी।
उन्होंने कहा कि चुनावी राजनीति में संगठन की मजबूती, स्थानीय मुद्दों की समझ और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता महत्वपूर्ण होती है। इसी रणनीति के तहत पार्टी प्रदेश में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को सक्रिय जिम्मेदारियां सौंपने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
NDA के साथ गठबंधन की प्रतिबद्धता रहेगी कायम
डॉ. अतुल मलिकराम ने स्पष्ट किया कि पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर एनडीए की सहयोगी के रूप में अपनी भूमिका को मजबूती से निभाती रहेगी। पार्टी वर्ष 2014 से गठबंधन का हिस्सा है और आगे भी गठबंधन की मजबूती उसकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी।
इसके साथ ही पार्टी मध्य प्रदेश में अपनी अलग राजनीतिक पहचान और संगठनात्मक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में भी काम करेगी। पार्टी का प्रयास होगा कि गठबंधन की प्रतिबद्धताओं के साथ प्रदेश में अपने जनाधार का विस्तार किया जाए।
मालवा-निमाड़ से विंध्य और चंबल तक विस्तार की तैयारी
डॉ. मलिकराम ने कहा कि मध्य प्रदेश सामाजिक, भौगोलिक और राजनीतिक रूप से विविध राज्य है। ऐसे में पार्टी का प्रयास मालवा-निमाड़ से लेकर बुंदेलखंड, महाकौशल, विंध्य, चंबल और ग्वालियर अंचल तक संगठन को विस्तार देने का रहेगा।
प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियां अलग हैं। ऐसे में संगठन स्थानीय मुद्दों और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को समझते हुए अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाएगा।
किसान, युवा, महिला और वंचित वर्गों के मुद्दों पर फोकस
पार्टी किसानों, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को अपनी राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र में रखेगी। अलग-अलग मंचों को जिम्मेदारी देने का उद्देश्य भी संबंधित वर्गों से जुड़े मुद्दों को संगठनात्मक स्तर पर प्रमुखता से उठाना है।
किसान मंच के जरिए कृषि और किसानों से जुड़े विषय, व्यापार मंच के माध्यम से व्यापारियों की समस्याएं तथा शिक्षक, विधि, चिकित्सा, आईटी और बौद्धिक मंचों के जरिए संबंधित क्षेत्रों के मुद्दों पर पार्टी अपनी सक्रियता बढ़ाने की तैयारी में है।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग से जुड़े विषयों को भी संगठन के विस्तार और राजनीतिक गतिविधियों में प्राथमिकता दिए जाने की बात कही गई है।
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने की रणनीति
अपना दल (एस) मध्य प्रदेश में चुनावी तैयारियों के साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में काम करेगा। पार्टी का मानना है कि चुनाव में मजबूत उपस्थिति के लिए केवल प्रदेश या जिला स्तर का संगठन पर्याप्त नहीं है, बल्कि बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता भी जरूरी है।
इसी कारण आगामी समय में संगठन विस्तार, नई जिम्मेदारियां, स्थानीय मुद्दों की पहचान और कार्यकर्ताओं की सक्रियता पार्टी की रणनीति का प्रमुख हिस्सा रहने वाली है।
राजनीतिक पहचान और जनाधार बढ़ाने का लक्ष्य
डॉ. अतुल मलिकराम के मुताबिक अपना दल (एस) गठबंधन की प्रतिबद्धता के साथ-साथ अपनी राजनीतिक पहचान और संगठनात्मक क्षमता को भी लगातार मजबूत करेगा। पार्टी का लक्ष्य सहयोगी की भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाते हुए मध्य प्रदेश में अपने जनाधार और संगठन का विस्तार करना है।
पार्टी की हालिया संगठनात्मक गतिविधियों और नई जिम्मेदारियों की घोषणा को भी इसी राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए पार्टी अब प्रदेश के विभिन्न अंचलों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने की दिशा में काम करेगी।
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