—Advertisement—

सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक :3 बच्चों को बचाकर खुद गंवाई जान, जावरा के दो शिक्षकों के लिए उठी बड़े सम्मान की मांग

Author Picture
Published On: 25 August 2026
WhatsApp Image 2026 08 25 at 7.45.23 PM

—Advertisement—

सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर को मरणोपरांत सम्मानित करने की मांग। अनिल दसेड़ा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा।

गुरु-शिष्य रिश्ते की प्रेरक मिसाल: 3 बच्चों की जान बचाने वाले शिक्षकों को सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक देने की मांग

सब हेडलाइन: पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर को लिखा पत्र, शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर को मरणोपरांत सम्मान देने की मांग

नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट

सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से जावरा के त्रिमूर्ति कॉन्वेंट स्कूल के शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर को मरणोपरांत सम्मानित किए जाने की मांग उठी है। पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने गुरु-शिष्य के रिश्ते और कर्तव्य को सलाम करते हुए दोनों शिक्षकों के अदम्य साहस को सर्वोच्च सम्मान देने का निवेदन किया है।

अनिल दसेड़ा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कैबिनेट मंत्री चेतन काश्यप, जावरा विधायक राजेंद्र पांडे और कलेक्टर रतलाम को पत्र लिखकर मांग की है कि पैराडाइज वैली में पानी में डूब रहे बच्चों को बचाते हुए अपनी जान गंवाने वाले शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर के साहस और बलिदान को उचित सम्मान दिया जाए।

पैराडाइज वैली में 23 अगस्त को हुआ दर्दनाक हादसा

रतलाम के पैराडाइज वैली में 23 अगस्त को हुआ दर्दनाक हादसा हर किसी को झकझोर गया। पिकनिक पर गए बच्चों में से कुछ बच्चे अचानक गहरे पानी में डूबने लगे। बच्चों को संकट में देखकर जावरा के त्रिमूर्ति कॉन्वेंट स्कूल के शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर ने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगा दी।

दोनों शिक्षकों ने अदम्य साहस दिखाते हुए तीन बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद जब एक अन्य बच्चा गहरे पानी में चला गया तो उसे बचाने के लिए दोनों शिक्षक दोबारा पानी में उतर गए।

तीन बच्चों की जान बचाई, चौथे को बचाने में गंवाई अपनी जान

बच्चे को बचाने के प्रयास में शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर स्वयं गहरे पानी में चले गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें पानी से बाहर निकाला और सीपीआर देने का प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस दर्दनाक हादसे में एक छात्र की भी मृत्यु हुई।

इस घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। जिन शिक्षकों पर बच्चों को शिक्षा देने की जिम्मेदारी थी, उन्होंने संकट की घड़ी में अपने विद्यार्थियों की जान बचाने के लिए स्वयं के जीवन की भी परवाह नहीं की।

गुरु-शिष्य के रिश्ते और कर्तव्य को सलाम

यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य के रिश्ते और कर्तव्य की ऐसी मिसाल है, जिसमें दो शिक्षकों ने अपने विद्यार्थियों की जिंदगी बचाने के लिए अपना जीवन तक न्योछावर कर दिया।

प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर ने यह साबित कर दिया कि शिक्षक केवल शिक्षा देने वाला नहीं होता, बल्कि जरूरत पड़ने पर अपने विद्यार्थियों की रक्षा के लिए स्वयं को संकट में डालने वाला मार्गदर्शक भी होता है।

पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनिल दसेड़ा ने दोनों शिक्षकों के इस साहस और बलिदान को सलाम करते हुए कहा कि ऐसे शिक्षकों का सम्मान पूरे शिक्षक समाज का सम्मान होगा।

सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक देने की मांग

अनिल दसेड़ा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की है कि शिक्षक प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर को मरणोपरांत “सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक” से सम्मानित करने की अनुशंसा की जाए।

उनका कहना है कि बच्चों की जान बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले दोनों शिक्षकों का अदम्य साहस सर्वोच्च सम्मान का हकदार है। यदि सरकार उनके नाम सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक के लिए प्रस्तावित करती है तो यह न केवल उनके परिवारों, बल्कि जावरा और पूरे शिक्षक समाज के लिए गौरव की बात होगी।

परिवारों को आर्थिक और सरकारी सहायता देने की मांग

अनिल दसेड़ा ने राज्य सरकार से यह भी मांग की है कि दोनों शिक्षकों के परिजनों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। इसके साथ ही परिवार के भविष्य की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान और सम्मानजनक सरकारी सहायता दी जानी चाहिए।

उनका कहना है कि दोनों शिक्षकों ने अपने कर्तव्य से कहीं आगे बढ़कर मानवता का परिचय दिया है। ऐसे में उनके परिवारों के साथ खड़ा होना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।

आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा शिक्षकों का बलिदान

प्रिंस मोदी और विजय सिंह राठौर का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। जिन शिक्षकों ने अपने विद्यार्थियों की जिंदगी बचाने के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी, उनके साहस को सम्मान मिलना जावरा के साथ पूरे मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से अपेक्षा की गई है कि इस अदम्य साहस और मानवीय संवेदना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दोनों शिक्षकों के नाम सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक के लिए प्रस्तावित किए जाएं।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp