अपना दल (एस) का मध्य प्रदेश में संगठन विस्तार, 31 नए पदाधिकारियों की घोषणा
प्रदेश संगठन के साथ किसान, विधि, व्यापार, चिकित्सा, आईटी और बौद्धिक मंच में भी नई जिम्मेदारियां; अनुप्रिया पटेल के अनुमोदन के बाद नियुक्तियां
भोपाल, 25 अगस्त 2026। अपना दल (एस) ने मध्य प्रदेश में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेश संगठन और विभिन्न प्रकोष्ठों एवं मंचों के लिए कुल 31 नए पदाधिकारियों की घोषणा की है। पार्टी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक ये नियुक्तियां मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष मान सिंह बिसेन की संस्तुति और पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के अनुमोदन के बाद की गई हैं।
पार्टी का कहना है कि संगठन विस्तार के माध्यम से मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों और सामाजिक वर्गों तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही किसान, व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा, विधि, आईटी और बौद्धिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को संगठन से जोड़कर स्थानीय स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की रणनीति बनाई गई है।
संगठन और समाज के बीच संवाद मजबूत करने पर जोर
अपना दल (एस) के प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव आर.बी. सिंह पटेल ने नई नियुक्तियों को पार्टी की दीर्घकालिक संगठनात्मक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि पदाधिकारियों को दी गई जिम्मेदारियां केवल पद तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संगठन और समाज के बीच संवाद को मजबूत करने का दायित्व भी हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रयास मध्य प्रदेश के हर क्षेत्र और विभिन्न वर्गों तक अपनी नीतियों, विचारधारा और जनसरोकारों को प्रभावी तरीके से पहुंचाना है। नए पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जनता से संपर्क बढ़ाने के साथ स्थानीय मुद्दों को संगठन के सामने प्रमुखता से रखें।
जमीनी नेटवर्क को मजबूत करने की रणनीति


पार्टी में राजनीतिक रणनीतिकार की भूमिका निभा रहे डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि मध्य प्रदेश जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में किसी भी संगठन की वास्तविक ताकत उसका जमीनी नेटवर्क होता है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग सामाजिक और विषय आधारित मंचों में सक्रिय पदाधिकारियों की नियुक्ति संगठन को जनस्तर और बूथ स्तर तक मजबूत करने में उपयोगी साबित हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई टीम स्थानीय समस्याओं और जनसरोकारों को लेकर लगातार सक्रिय रहेगी तथा प्रदेश की राजनीति में अपना दल (एस) की भूमिका को मजबूत करने की दिशा में काम करेगी।
प्रदेश संगठन में 20 पदाधिकारियों को जिम्मेदारी
पार्टी ने मुख्य प्रदेश संगठन में कुल 20 पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं। देवेंद्र प्रताप सिंह, अमृत लाल पटेल और कैलाश गवांडे को प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
एस.आर. नागले, सीताशरण सिंह और सुखेंद्र सिंह को प्रदेश महासचिव बनाया गया है। वहीं राजेश कुमार पाल, रोशन पटेल, मनभरण कोल, बृजमान सिंह, नरेन्द्र सिंह, भूपेन्द्र पटेल, विजय सिंह (सेवानिवृत्त आर्मी), राजेश्वर मिश्रा और विजय पटेल को प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
मीडिया और संगठन के बीच समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से रोहित सिंह चन्देल को प्रदेश मीडिया सचिव (प्रवक्ता) नियुक्त किया गया है। मोहित गुप्ता को प्रदेश कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा बाबूराम शेषकर, हरीश तलरेजा और डॉ. सुरेन्द्र नाहर को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है।
कई जिलों को प्रदेश संगठन में मिला प्रतिनिधित्व
नई नियुक्तियों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है। पार्टी की जानकारी के अनुसार नियुक्त पदाधिकारी भोपाल, मऊगंज, इंदौर, बैतूल, रीवा, सतना, सिंगरौली, विदिशा और मैहर सहित विभिन्न जिलों से आते हैं।
पार्टी नेतृत्व का मानना है कि अलग-अलग जिलों के नेताओं को प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारी मिलने से स्थानीय इकाइयों और प्रदेश संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर सामने आने वाले मुद्दों को प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाने में भी आसानी होगी।
किसान से लेकर चिकित्सा मंच तक नई टीम
मुख्य प्रदेश संगठन के अलावा अपना दल (एस) ने सामाजिक और विषय आधारित मंचों को भी मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। कैलाश वाईकर को अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति मंच का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। डॉ. एनपी कनाटे को बौद्धिक मंच के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
झनकलाल पटेल को किसान मंच का प्रदेश अध्यक्ष और डॉ. रमेश कुमार उर्सेटे को चिकित्सा मंच का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इसी तरह एडवोकेट राघव पटेल को विधि मंच का प्रदेश उपाध्यक्ष, अनिल जयसवाल को व्यापार मंच का प्रदेश उपाध्यक्ष और राजेन्द्र पटेल को आईटी मंच का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है।
किसान, विधि और शिक्षक मंच में भी नियुक्तियां
किसान मंच में अर्जुन सिंह पटेल और हरप्रसाद पटेल को प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। एडवोकेट दिनेश पटेल को विधि मंच का प्रदेश महासचिव बनाया गया है, जबकि डीपी पटेल को शिक्षक मंच के प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन नियुक्तियों के जरिए पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उसका संगठनात्मक फोकस केवल राजनीतिक पदों तक सीमित नहीं रहेगा। किसान, शिक्षक, चिकित्सक, अधिवक्ता, व्यापारी और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच भी पार्टी अपना नेटवर्क बढ़ाने की दिशा में काम करेगी।
अलग-अलग सामाजिक वर्गों तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी

अपना दल (एस) के इस संगठन विस्तार को मध्य प्रदेश में पार्टी की सक्रियता बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी ने एक तरफ मुख्य प्रदेश संगठन में उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, मीडिया सचिव और कोषाध्यक्ष जैसे पदों पर नियुक्तियां की हैं, वहीं दूसरी तरफ विभिन्न विषय आधारित मंचों के माध्यम से सामाजिक पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया है।
किसान, व्यापार, चिकित्सा, शिक्षा, विधि, आईटी, बौद्धिक और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति मंच के जरिए अलग-अलग वर्गों से सीधे संवाद स्थापित करने की योजना है। इससे संगठन को स्थानीय समस्याओं और संबंधित वर्गों की मांगों को समझने तथा उन्हें राजनीतिक मंच पर उठाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
नई टीम के सामने संगठन को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की चुनौती
नई नियुक्तियों के बाद अब पदाधिकारियों के सामने संगठन को जिला, विधानसभा और बूथ स्तर तक सक्रिय करने की जिम्मेदारी होगी। पार्टी नेतृत्व ने भी नई टीम से स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने, संगठन की नीतियों को लोगों तक पहुंचाने और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई है।
मध्य प्रदेश में 31 नए पदाधिकारियों की घोषणा के साथ अपना दल (एस) ने आने वाले समय में प्रदेश में अपनी संगठनात्मक मौजूदगी को और विस्तार देने का संकेत दिया है। अब पार्टी की नई टीम की सक्रियता और जमीनी स्तर पर संगठन विस्तार की गति पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।
