Jhabua। श्री ऋषभदेव बावन जिनालय की पावन धरा पर 27 अगस्त 2026, गुरुवार को गुरु गुणानुवाद सभा एवं विभिन्न धार्मिक अमृत अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन वर्तमान सोधर्म-बृहत् तपागच्छाधिपति परम पूज्य आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय जयानंद सुरीश्वर जी महाराज साहेब के दीक्षा अर्ध-शताब्दि वर्ष के पावन अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।
Jhabua जैन श्री संघ द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में अत्र विराजित विदुषी साध्वी श्री अविचलदृष्टा श्री जी म.सा. आदि ठाणा 7 की पावन निश्रा प्राप्त होगी। आयोजन को लेकर जैन समाज में उत्साह का वातावरण है और श्री संघ द्वारा श्रावक-श्राविकाओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से सपरिवार शामिल होने का आह्वान किया गया है।
सुबह 9:15 बजे होगी गुरु गुणानुवाद सभा
श्री संघ के रिंकू रूनवाल ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9:15 बजे गुरु गुणानुवाद सभा एवं प्रवचन के साथ होगी। इस दौरान गुरुदेव के आध्यात्मिक जीवन, साधना, संयम एवं धर्म के प्रति योगदान का स्मरण करते हुए उनके गुणों का गुणानुवाद किया जाएगा। साध्वी भगवंतों के सानिध्य में होने वाली यह सभा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का अवसर रहेगी।
11:45 बजे सामूहिक आयम्बिल तप
गुरु गुणानुवाद सभा के बाद सुबह 11:45 बजे सामूहिक आयम्बिल तप का आयोजन किया जाएगा। जैन धर्म में आयम्बिल तप का विशेष महत्व है। इस धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से श्रद्धालु संयम और तप की आराधना करेंगे।
दोपहर 2 बजे बहनों की सामूहिक सामायिक
दोपहर 2 बजे बहनों के लिए सामूहिक सामायिक का आयोजन रखा गया है। सामायिक के माध्यम से श्रद्धालु आत्मचिंतन, ध्यान और धार्मिक साधना में समय व्यतीत करेंगे। सामूहिक रूप से होने वाले इस आयोजन में समाज की महिलाएं सहभागी बनेंगी।
रात 8 बजे प्रभु भक्ति
दिनभर चलने वाले धार्मिक कार्यक्रमों के क्रम में रात 8 बजे प्रभु भक्ति का आयोजन होगा। श्रद्धालु भक्ति एवं श्रद्धा के साथ प्रभु आराधना में सहभागी होंगे। इस दौरान जिनालय का वातावरण भक्तिमय रहेगा।
50वें दीक्षा दिवस के उपलक्ष्य में आयोजन
यह पूरा आयोजन आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय जयानंद सुरीश्वर जी महाराज साहेब के 50वें दीक्षा दिवस के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। गुरुदेव वर्तमान में शंखेश्वर तीर्थ में चातुर्मास हेतु विराजित हैं।
झाबुआ श्री संघ के लिए गुरुदेव के प्रति विशेष श्रद्धा और आस्था है। उनके दीक्षा जीवन के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर गुरु भक्ति, सामायिक, आयम्बिल तप एवं प्रभु भक्ति के माध्यम से धर्माराधना की जा रही है।
श्री संघ ने किया सपरिवार शामिल होने का आह्वान
जैन श्री संघ के वरिष्ठ हुकमीचंद्र छाजेड़, धर्मचंद मेहता, सोहनलाल कोठारी, मनोहरलाल भंडारी, निर्मल जी मेहता, मनोहरलाल छाजेड़, तेजप्रकाश कोठारी, अशोक कटारिया सहित श्री संघ के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्यों ने सभी श्रावक-श्राविकाओं और धर्मप्रेमी महानुभावों से आयोजन में सपरिवार शामिल होने की अपील की है।
श्री संघ ने कहा कि यह आयोजन गुरु भक्ति, धर्माराधना और आत्मचिंतन का विशेष अवसर है। सभी श्रद्धालु इन पावन अमृत अनुष्ठानों में सहभागी बनकर पुण्य लाभ प्राप्त करें।
27 अगस्त को श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में सुबह से रात तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। गुरु गुणानुवाद सभा, प्रवचन, सामूहिक आयम्बिल तप, सामूहिक सामायिक और प्रभु भक्ति के माध्यम से आचार्य भगवंत के दीक्षा अर्ध-शताब्दि वर्ष को श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा।
