MP Constable Band Bharti: हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया पर लगाई रोक, इंटरव्यू रिजल्ट भी रहेगा अटका; सरकार से मांगा जवाब
MP Constable Band Recruitment 2026: मध्यप्रदेश में कॉन्स्टेबल (बैंड) भर्ती प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने इस भर्ती प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने इंटरव्यू के परिणाम जारी करने पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। मामले में उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाने की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए हैं, जिस पर हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार से जवाब मांगा है।
कोर्ट ने सरकार को उम्मीदवारों के चयन और इंटरव्यू के लिए बुलाए जाने की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर 2026 के बाद होने की संभावना है।
दो चरण पास करने के बाद भी इंटरव्यू में नहीं बुलाया
मामला 21 अगस्त 2026 को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच के सामने पहुंचा। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि उन्होंने कॉन्स्टेबल (बैंड) पद की भर्ती प्रक्रिया के शुरुआती दो चरण सफलतापूर्वक पूरे किए थे। इसके बावजूद उन्हें चयन प्रक्रिया के तीसरे चरण यानी इंटरव्यू के लिए नहीं बुलाया गया।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के पहले और दूसरे चरण में सफलता हासिल की थी, तो उन्हें आगे के चरण में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए था। इसी आधार पर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया और इंटरव्यू में शामिल किए जाने की मांग की।
पात्र उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं करने का आरोप
याचिकाकर्ताओं ने अदालत के सामने भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उनका आरोप है कि विभाग की ओर से इंटरव्यू के लिए पात्र उम्मीदवारों की स्पष्ट सूची सार्वजनिक नहीं की गई।
याचिका में भर्ती विज्ञापन का हवाला देते हुए कहा गया कि निर्धारित पदों की संख्या के मुकाबले तीन गुना उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाए जाने की बात कही गई थी। लेकिन वास्तविक प्रक्रिया में कथित तौर पर निर्धारित अनुपात का पालन नहीं किया गया।
उम्मीदवारों की ओर से दावा किया गया कि पदों की संख्या के तीन गुना अभ्यर्थियों को बुलाने के बजाय केवल करीब दो गुना उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया।
दो गुना उम्मीदवारों को बुलाने पर उठे सवाल
याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में दलील दी कि यदि भर्ती विज्ञापन में पदों की संख्या के तीन गुना उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाने का प्रावधान था, तो उससे कम उम्मीदवारों को बुलाने की प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
इसी आधार पर याचिकाकर्ताओं ने अदालत से मांग की कि उन्हें भी इंटरव्यू में शामिल होने का अवसर दिया जाए। उनका तर्क था कि यदि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उम्मीदवारों का चयन किया जाता, तो वे भी इंटरव्यू के लिए पात्र हो सकते थे।
मामले में अब हाईकोर्ट यह देख रहा है कि विभाग ने इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों के चयन में किस प्रक्रिया का पालन किया और क्या भर्ती विज्ञापन में निर्धारित नियमों के अनुरूप ही अभ्यर्थियों को बुलाया गया था।
सरकार ने याचिका का किया विरोध
सुनवाई के दौरान मध्यप्रदेश सरकार की ओर से याचिका का विरोध किया गया। शासन ने अदालत को बताया कि भर्ती के लिए निर्धारित नियम और प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था।
सरकार की ओर से यह भी दलील दी गई कि इंटरव्यू की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। ऐसे में अब याचिकाकर्ताओं को इंटरव्यू में शामिल करने का निर्देश देना उचित नहीं होगा।
सरकार के इस पक्ष के बावजूद हाईकोर्ट ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया। इसके बाद कोर्ट ने उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाने की प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी सरकार से मांगी।
हाईकोर्ट ने इंटरव्यू रिजल्ट पर भी लगाई रोक
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया को लेकर अंतरिम निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने फिलहाल भर्ती और इंटरव्यू के परिणाम को आगे बढ़ाने पर रोक लगा दी है।
इसका मतलब है कि जब तक अदालत के सामने सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक इंटरव्यू के परिणाम जारी करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
कोर्ट के इस आदेश से कॉन्स्टेबल बैंड भर्ती में शामिल उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया फिलहाल प्रभावित हुई है। अब उम्मीदवारों की नजर अगली सुनवाई पर रहेगी।
सरकार को एक सप्ताह में देना होगा जवाब
हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने मध्यप्रदेश सरकार को उम्मीदवारों के इंटरव्यू के लिए चयन की प्रक्रिया और पात्र उम्मीदवारों की सूची से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है।
सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों का चयन किन नियमों और मानकों के आधार पर किया गया। साथ ही यह भी स्पष्ट करना होगा कि भर्ती विज्ञापन में पदों की संख्या के तीन गुना उम्मीदवारों को बुलाने से संबंधित प्रावधान का किस तरह पालन किया गया।
अब अगली सुनवाई पर टिकी नजर
कॉन्स्टेबल (बैंड) भर्ती से जुड़े इस मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर 2026 के बाद होने की संभावना है। अगली सुनवाई में सरकार की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज और जवाब महत्वपूर्ण होंगे।
यदि अदालत को भर्ती प्रक्रिया में नियमों के पालन को लेकर कोई कमी दिखाई देती है, तो आगे की चयन प्रक्रिया को लेकर निर्देश जारी किए जा सकते हैं। वहीं, यदि सरकार अपने जवाब और रिकॉर्ड के जरिए प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप साबित करती है, तो अदालत आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकती है।
फिलहाल हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के कारण कॉन्स्टेबल बैंड भर्ती के इंटरव्यू का रिजल्ट जारी नहीं होगा। भर्ती में शामिल उम्मीदवारों के लिए अब अगली सुनवाई महत्वपूर्ण हो गई है। कोर्ट के अगले आदेश के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इंटरव्यू परिणाम कब जारी होगा और याचिकाकर्ताओं को आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा या नहीं।
