इंदौर में आचार्य श्री कुमुदनंदीजी महाराज के 63वें अवतरण दिवस पर अद्भुत नजारा देखने को मिला। पहली बार पांच संघों के साधु-साध्वियां एक मंच पर विराजित हुए। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह आरती और पाद प्रक्षालन कर संतों का स्वागत किया।
आचार्य श्री कुमुदनंदीजी महाराज का 63वां अवतरण दिवस बहुत ही श्रद्धा एवं हर्षोल्लास से मनाया गया
इंदौर। आचार्य श्री कुमुदनंदीजी महाराज का 63वां अवतरण दिवस सोमवार, 24 अगस्त 2026 को अंजनी नगर स्थित श्री चंद्र प्रभु मांगलिक भवन में बहुत ही श्रद्धा, भव्यता और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन समाजजन उपस्थित रहे और धर्म प्रभावना के इस आयोजन के साक्षी बने।
रिपोर्टर: सतीश जैन (इला बैंक), प्रचार प्रमुख, दिगंबर जैन समाज, सामाजिक संसद, इंदौर
शहर में पहली बार एक मंच पर विराजित हुए पांच संघ
दिगंबर जैन समाज सामाजिक संसद के प्रचार प्रमुख सतीश जैन ने बताया कि शहर में प्रथम बार पांच संघ के साधु-साध्वियां इस हेतु एक मंच पर विराजित हुए। आचार्य श्री विप्रणत सागर जी महाराज गुमास्ता नगर से, मुनि श्री साध्य सागर जी महाराज 20 पंथी मंदिर मल्हारगंज से, मुनि श्री आचरण सागर जी महाराज स्मृति नगर से एवं आचार्य सिद्धांत सागर जी महाराज (बेला वालों) के संघ से आर्यिका माता जी एवं क्षुल्लक जी सुदामा नगर से विहार कर कालानी नगर चौराहे पर पहुंचे और बहुत ही वात्सल्य से आपस में मिले।
ऐसा मिलन देखकर सभी श्रावक बहुत ही भावुक हो गए। कालानी नगर चौराहे से सभी संत श्री चंद्र प्रभु मांगलिक भवन अंजनी नगर पहुंचे। रास्तेभर श्रद्धालुओं ने उनकी आरती उतारी व पाद प्रक्षालन किया।
श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर और सामाजिक संसद ने किया आयोजन
इस पूरे कार्यक्रम के आयोजक श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, पंचायती ट्रस्ट, अंजनी नगर एवं दिगंबर जैन समाज, सामाजिक संसद इंदौर थे।
श्रीमती अनिता जैन एवं मेघा जैन के मंगलाचरण के पश्चात आचार्य श्री कुंथु सागर जी महाराज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कैलाश वेद, देवेंद्र सोगानी, कमलेश कासलीवाल, जैनेश झांझरी, पिंकेश टोंग्या, सतीश जैन, वीरेंद्र बढ़जात्या, पवन पाटोदी आदि द्वारा किया गया।
63 व्यक्तियों ने भेंट किए 63 शास्त्र जी
पाद प्रक्षालन करने का सौभाग्य सोनीपत से पधारे विनोद जी-सरीता जी जैन के परिवार को प्राप्त हुआ। अन्य 63 व्यक्तियों द्वारा आचार्य श्री कुमुदनंदी जी महाराज को 63 शास्त्र जी भेंट किए गए। सभी साधु-साध्वियों ने आचार्य श्री जी को विनयांजलि अर्पित की।
आचार्य श्री विप्रणत सागर जी महाराज ने कहा कि भगवान का हम जन्म कल्याणक मनाते हैं, संसारी प्राणी की मृत्यु होती है।
आचार्य श्री कुमुदनंदीजी बोले—पहले हम सभी साधु एक मंच पर आ जाएं
इस अवसर पर आचार्य श्री कुमुदनंदी जी महाराज ने कहा कि आज एक मंच पर पांच संघ के साधु-साध्वियां विराजित हैं, इससे बड़ी धर्म प्रभावना और क्या हो सकती है। पहले हम सभी साधु एक मंच पर आ जावें, फिर समाज से कहें कि आप सभी एक हो जाओ।उन्होंने कहा कि अंजनी नगर की कमेटी ने आज बहुत ही अच्छा कार्य किया है, मैं उन्हें बहुत-बहुत आशीर्वाद देता हूं।
“धन से पुस्तकें खरीदी जा सकती हैं, पर विद्या नहीं”
गुरुदेव ने कहा कि धन से पुस्तकें खरीदी जा सकती हैं, पर विद्या नहीं। मंदिर-मस्जिद बन सकते हैं, पर धर्म नहीं। यश मिल सकता है, पर विजय नहीं। भोग मिल सकता है, पर मोक्ष नहीं।उन्होंने कहा कि आज हम सभी मेरे अवतरण दिवस पर नहीं बल्कि धर्म प्रभावना के लिए एकत्रित हुए हैं। आचार्य श्री कुमुदनंदीजी महाराज के 63वें अवतरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में संतों के इस संदेश ने उपस्थित समाजजनों को धर्म, एकता और सद्भाव की प्रेरणा दी।
बड़ी संख्या में समाजजन रहे उपस्थित
इस अवसर पर समाज श्रेष्ठी अशोक टोंग्या, प्रदीप बढ़जात्या, दिलीप लुहाड़िया, चंद्र कुमार गोधा, अक्षय काला, हेमंत गदिया, कमल रावका सहित बहुत अधिक संख्या में समाजजन एकत्रित थे।
धर्म सभा का सफल संचालन पंडित योगेंद्र काला ने किया एवं आभार ऋषभ पाटनी ने व्यक्त किया। आचार्य श्री कुमुदनंदीजी महाराज के 63वें अवतरण दिवस का यह आयोजन पांच संघों के ऐतिहासिक मिलन और धर्म प्रभावना के संदेश के कारण समाजजनों के लिए विशेष रहा।
रिपोर्टर: सतीश जैन (इला बैंक)
प्रचार प्रमुख, दिगंबर जैन समाज, सामाजिक संसद, इंदौर

