बालिका आत्मरक्षा प्रशिक्षण सोंडवा के तहत माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर की छात्राओं ने 60 दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण पूरा किया। हरितिका संस्था ने बालिकाओं को ट्रैकसूट और प्रमाण पत्र प्रदान किए।
बालिका आत्मरक्षा प्रशिक्षण सोंडवा: 60 दिवसीय प्रशिक्षण पूरा, छात्राओं को ट्रैकसूट और प्रमाण पत्र वितरित
आलीराजपुर/सोंडवा। बालिका आत्मरक्षा प्रशिक्षण सोंडवा के अंतर्गत माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर विद्यालय में बालिकाओं के लिए आयोजित 60 दिवसीय निशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण के समापन के बाद ट्रैकसूट एवं प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम के साथ ‘संकल्प सुरक्षित’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बालिकाओं ने इस अवसर पर आत्मरक्षा के गुर का प्रदर्शन भी किया।
मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड भोपाल एवं सहयोगी संस्था हरितिका द्वारा महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना का संचालन भारत सरकार के सहयोग से आलीराजपुर जिले में किया जा रहा है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों को महिला पर्यटकों के लिए अनुकूल बनाना और महिला पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी करना है।
बालिका आत्मरक्षा प्रशिक्षण सोंडवा के तहत 60 दिन की ट्रेनिंग
हरितिका संस्था द्वारा परियोजना के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं को निशुल्क कौशल एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में संस्था द्वारा सोंडवा स्थित माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर विद्यालय की बालिकाओं के लिए 60 दिवसीय निशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
बालिकाओं को हरितिका संस्था के मास्टर ट्रेनर संजय पवार द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। 60 दिनों तक चले बालिका आत्मरक्षा प्रशिक्षण सोंडवा में छात्राओं को विभिन्न परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने के तरीके और आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए।
प्रशिक्षण का उद्देश्य बालिकाओं को न केवल आत्मरक्षा के लिए तैयार करना, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देना रहा।
बालिकाओं ने दी आत्मरक्षा तकनीकों की प्रस्तुति
प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात प्रतिभागी बालिकाओं ने कार्यक्रम में आत्मरक्षा के सीखे हुए गुर और तकनीकों की प्रस्तुति दी। प्रशिक्षण के दौरान बालिकाओं में आत्मविश्वास और सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिला।
संस्था के अनुसार आत्मरक्षा प्रशिक्षण से बालिकाओं को आवश्यकता पड़ने पर स्वयं की सुरक्षा करने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही उनमें मुश्किल परिस्थितियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने की भावना भी मजबूत होती है।
बालिका आत्मरक्षा प्रशिक्षण सोंडवा के दौरान छात्राओं को नियमित रूप से अभ्यास कराया गया, जिससे वे आत्मरक्षा की तकनीकों को समझ सकें और जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग कर सकें।
ट्रैकसूट और प्रमाण पत्र किए गए प्रदान
60 दिवसीय प्रशिक्षण पूरा करने वाली सभी प्रतिभागी छात्राओं को हरितिका संस्था की ओर से ट्रैकसूट एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। प्रशिक्षण पूरा होने और प्रमाण पत्र मिलने पर छात्राओं में उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर आयोजित ‘संकल्प सुरक्षित’ कार्यक्रम में बालिकाओं की सुरक्षा, आत्मविश्वास और जागरूकता को लेकर भी संदेश दिया गया। महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने की दिशा में इस प्रकार के प्रशिक्षण को महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
संकल्प सुरक्षित कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर के प्राचार्य हीरमल नरगावां, हॉस्टल वार्डन श्रीमती शोभा सस्तीया, हरितिका संस्था के समन्वयक मुकेश खरत और मास्टर ट्रेनर संजय पवार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं द्वारा आत्मरक्षा प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। संस्था द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सभी छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें आगे भी आत्मरक्षा के अभ्यास को जारी रखने के लिए प्रेरित किया गया।
सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना के तहत पहल
महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन स्थल परियोजना के माध्यम से पर्यटन स्थलों को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित और अनुकूल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसी परियोजना के तहत महिलाओं और बालिकाओं को कौशल विकास तथा आत्मरक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सोंडवा में आयोजित बालिका आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी इसी पहल का हिस्सा रहा। 60 दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से बालिकाओं को आत्मरक्षा की जानकारी देने के साथ उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली बालिकाओं को ट्रैकसूट एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। संस्था के इस प्रयास से छात्राओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक गुर सीखने का अवसर मिला और उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर अधिक जागरूक होने का संदेश भी मिला।
