Bank Strike September 2026: सितंबर में 4 दिन बैंक बंद रहने का खतरा, जानें वजह और पूरी डिटेल
सितंबर 2026 में बैंक ग्राहकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के संयुक्त संगठन United Forum of Bank Unions (UFBU) ने 11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। अगर प्रस्तावित हड़ताल होती है, तो सितंबर के दूसरे सप्ताह में लगातार चार दिनों तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं और बैंकिंग से जुड़े कामकाज पर पड़ने की संभावना है। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग, UPI और एटीएम जैसी सेवाओं पर असर बैंक और सेवा प्रदाता के स्तर पर अलग-अलग हो सकता है।
क्यों 4 दिन प्रभावित रह सकती हैं बैंकिंग सेवाएं?
11 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल के बाद तीन दिन पहले से तय छुट्टियां हैं। इस वजह से लगातार चार दिनों तक बैंक शाखाओं के कामकाज पर असर पड़ सकता है।
- 11 सितंबर, शुक्रवार: UFBU की प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल
- 12 सितंबर, शनिवार: महीने का दूसरा शनिवार
- 13 सितंबर, रविवार: साप्ताहिक अवकाश
- 14 सितंबर, सोमवार: गणेश चतुर्थी के कारण कई राज्यों में बैंक अवकाश
इस दौरान ब्रांच में कैश जमा या निकासी, चेक क्लीयरेंस, बैंक ड्राफ्ट और अन्य ऑफलाइन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
बैंक यूनियनें क्यों कर रही हैं हड़ताल?
UFBU ने हड़ताल के पीछे कई लंबित मांगों का हवाला दिया है। इनमें सबसे प्रमुख मुद्दा 5-Day Work Week लागू करने में देरी है। इसके अलावा Performance Linked Incentive यानी PLI और पेंशन से जुड़े मामलों को लेकर भी बैंक यूनियनों में नाराजगी है।
5-Day Work Week की मांग
बैंक यूनियनें लंबे समय से सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग कर रही हैं।
यूनियनों के अनुसार, Indian Banks’ Association (IBA) ने 8 मार्च 2024 को हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते के तहत पांच दिन काम करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। प्रस्ताव के मुताबिक सोमवार से शुक्रवार तक काम करने के बदले रोजाना करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम करने की व्यवस्था पर सहमति बनी थी।
यूनियनों का दावा है कि प्रस्ताव सरकार के पास भेजे जाने के बावजूद इस पर अंतिम फैसला अब तक लंबित है। इसी देरी को लेकर बैंक कर्मचारी संगठन नाराज हैं।
PLI को लेकर भी विवाद
बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच Performance Linked Incentive (PLI) को लेकर भी मतभेद हैं।
यूनियनों का आरोप है कि स्केल IV और उससे ऊपर के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए अलग PLI व्यवस्था बनाई गई है, जिसमें व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर बड़े इंसेंटिव का प्रावधान है।
वहीं सामान्य बैंक कर्मचारियों और स्केल III तक के अधिकारियों के लिए अधिकतम 15 दिनों के बेसिक पे और DA के बराबर इंसेंटिव की व्यवस्था होने की बात कही गई है।
यूनियनों का कहना है कि यह व्यवस्था पुराने समझौते की भावना के अनुरूप नहीं है। उनका तर्क है कि बैंक के सामूहिक प्रदर्शन के आधार पर सभी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए समान इंसेंटिव व्यवस्था होनी चाहिए।
पेंशन से जुड़े मुद्दे भी लंबित
बैंक यूनियनों ने पेंशन से जुड़े कई लंबित मामलों को भी अपनी मांगों में शामिल किया है। संगठनों का कहना है कि इन मुद्दों का लंबे समय से समाधान नहीं हुआ है और सरकार तथा बैंक प्रबंधन को इन पर जल्द निर्णय लेना चाहिए।
28 सितंबर से फिर हड़ताल की चेतावनी
UFBU ने केवल 11 सितंबर की हड़ताल का ऐलान नहीं किया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर मांगों पर जल्द समाधान नहीं हुआ तो 28 सितंबर से तीन दिन की हड़ताल भी की जा सकती है।
यह अवधि बैंकों के अर्धवार्षिक ऑडिट के समय के आसपास आती है। ऐसे में हड़ताल होने पर बैंकिंग और वित्तीय कामकाज पर ज्यादा असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
अक्टूबर में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
बैंक यूनियनों ने इसके आगे भी आंदोलन तेज करने के संकेत दिए हैं। संगठनों का कहना है कि अगर सरकार और बैंक प्रबंधन उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेते हैं, तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का विकल्प भी अपनाया जा सकता है।
हालांकि, आगे की कार्रवाई सरकार, बैंक प्रबंधन और यूनियनों के बीच होने वाली बातचीत और फैसलों पर निर्भर करेगी।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
अगर सितंबर में प्रस्तावित बैंक हड़ताल होती है, तो ग्राहकों को अपने जरूरी बैंकिंग काम पहले निपटा लेना बेहतर होगा। खासकर कैश निकासी, चेक जमा, बैंक ड्राफ्ट और ब्रांच में होने वाले अन्य जरूरी कामों के लिए बैंक की छुट्टियों और हड़ताल की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।
ऑनलाइन बैंकिंग और UPI जैसी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन बड़े भुगतान या जरूरी लेनदेन के लिए पहले से वैकल्पिक व्यवस्था रखना समझदारी होगी।
नोट: प्रस्तावित हड़ताल और बैंक छुट्टियों की अंतिम स्थिति में बदलाव संभव है। ग्राहकों को अपने बैंक और संबंधित राज्य की आधिकारिक छुट्टी सूची से तारीखों की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
