MP शिक्षक भर्ती आंदोलन: नीलम पार्क में चौथे दिन प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ी, पद बढ़ाने की मांग पर अड़े अभ्यर्थी
MP Teacher Recruitment Protest: मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर चयनित अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। भोपाल के नीलम पार्क में प्रदर्शन के चौथे दिन सोमवार को प्रदर्शनकारी नरेंद्र राजपूत की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक नरेंद्र लंबे समय से भूखे-प्यासे रहकर आंदोलन कर रहे हैं। इसके बावजूद अभ्यर्थियों का कहना है कि उनकी मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
भोपाल के नीलम पार्क में चौथे दिन भी प्रदर्शन जारी
भोपाल। मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 को लेकर चयनित अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। भोपाल के नीलम पार्क में अभ्यर्थी पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। सोमवार, 24 अगस्त को प्रदर्शन का चौथा दिन रहा।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पदों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए, जिससे अधिक पात्र और चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति का अवसर मिल सके। अपनी मांग को सरकार तक पहुंचाने के लिए अभ्यर्थी लगातार नीलम पार्क में प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान सोमवार को उस समय चिंता बढ़ गई, जब नरेंद्र राजपूत की तबीयत बिगड़ने लगी। उनके साथ मौजूद अभ्यर्थियों के मुताबिक लगातार लंबे समय से भूखे-प्यासे रहने के कारण उन्हें कमजोरी महसूस होने लगी।
90 घंटे से भूखे-प्यासे रहने का दावा
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि नरेंद्र राजपूत करीब 90 घंटे से भूखे और प्यासे रहकर आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को उनकी हालत कमजोर दिखाई देने के बाद वहां मौजूद अन्य अभ्यर्थियों ने प्रशासन से संपर्क किया और स्वास्थ्य संबंधी सहायता की मांग की।
स्थिति की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से नरेंद्र को अस्पताल जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह दिए जाने की बात कही गई। हालांकि नरेंद्र राजपूत ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया।
उनका कहना है कि वह आंदोलन स्थल छोड़कर स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल नहीं जाएंगे। आवश्यकता होने पर डॉक्टरों की टीम नीलम पार्क पहुंचकर उनकी जांच कर सकती है।
‘डॉक्टर नीलम पार्क आकर करें मेरा चेकअप’
नरेंद्र राजपूत ने कहा कि वह चेकअप के लिए कहीं नहीं जाएंगे और डॉक्टरों की टीम नीलम पार्क पहुंचकर ही उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर सकती है। उन्होंने अपनी स्थिति को लेकर प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक नीलम पार्क के बाहर एम्बुलेंस मौजूद है, लेकिन उनका आरोप है कि नरेंद्र के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए डॉक्टरों की टीम धरना स्थल तक नहीं पहुंची थी।
नरेंद्र ने कहा कि यदि उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई गंभीर स्थिति बनती है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। दूसरी ओर उनके साथ धरने पर बैठे अभ्यर्थी लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की मुख्य मांग शिक्षक भर्ती वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाने की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया के लिए लंबे समय तक तैयारी की और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं से गुजरे हैं। ऐसे में सरकार को रिक्त पदों और आवश्यकता को देखते हुए पदों की संख्या में वृद्धि करनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांग केवल व्यक्तिगत नियुक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की आवश्यकता से भी जुड़ी हुई है। अभ्यर्थी चाहते हैं कि सरकार उनकी मांगों पर बातचीत कर जल्द कोई ठोस निर्णय ले।
मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने के संकेत
नीलम पार्क में बैठे अभ्यर्थियों का प्रदर्शन लगातार चौथे दिन भी जारी रहने से मामला अब सरकार और प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होता जा रहा है। एक प्रदर्शनकारी की तबीयत बिगड़ने की खबर सामने आने के बाद आंदोलन स्थल पर स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचा रहे हैं और चाहते हैं कि सरकार का कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि उनसे बातचीत करे। प्रदर्शनकारियों ने संकेत दिए हैं कि मांगों पर संतोषजनक निर्णय नहीं होने तक वे अपना आंदोलन जारी रख सकते हैं।
स्वास्थ्य को लेकर साथी अभ्यर्थियों में चिंता
नरेंद्र राजपूत की तबीयत बिगड़ने के बाद धरना स्थल पर मौजूद अन्य उम्मीदवारों में चिंता दिखाई दी। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम धरना स्थल पर पहुंचकर नरेंद्र की जांच करे और जरूरत के अनुसार तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए।
लंबे समय तक भोजन और पानी नहीं लेने से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में प्रदर्शन स्थल पर स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक व्यवस्थाओं की मांग भी उठने लगी है।
सरकार के फैसले पर टिकी अभ्यर्थियों की नजर
शिक्षक भर्ती को लेकर चल रहे इस आंदोलन में अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर है। प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदों की संख्या बढ़ाने की उनकी मांग पर सरकार जल्द फैसला करे।
नीलम पार्क में लगातार जारी प्रदर्शन और नरेंद्र राजपूत की बिगड़ती तबीयत ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं और सरकार से स्पष्ट तथा सकारात्मक निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं।
फिलहाल आंदोलन जारी है और अभ्यर्थी प्रशासन तथा सरकार की ओर से आगे होने वाली पहल का इंतजार कर रहे हैं।
नोट: प्रदर्शनकारी के 90 घंटे से भूखे-प्यासे रहने और डॉक्टरों की टीम के नहीं पहुंचने संबंधी बातें प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के दावों पर आधारित हैं। आधिकारिक पक्ष या नया अपडेट सामने आने पर स्थिति में बदलाव संभव है।
